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मंत्री ने नहीं किया इंतजार, सांसद को गुजरा नागवार
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अमरोहा। प्रधान डाकघर में पासपोर्ट ऑफिस के उद्घाटन समारोह में कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान और सांसद कंवर सिंह तंवर के बीच चल रही अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई। सांसद की दस मिनट की देरी कैबिनेट मंत्री बर्दाश्त नहीं कर सके। उन्होंने फीता काट दिया। जो सांसद को नागवार गुजरा। उन्होंने पासपोर्ट अधिकारी बरेली को आखों ही आखों में नसीहत दे डाली। पोस्ट ऑफिस से बाहर आकर सांसद भड़क गए। वह अपनी गाड़ी की ओर बढ़े तो पासपोर्ट अधिकारी ने रोकने की कोशिश की। सांसद ने पासपोर्ट अधिकारी को केंद्र सरकार की योजना बताकर फटकार लगाई। यही नहीं बाद में इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से भी कर दी। वहीं पासपोर्ट अधिकारी को पूर्व जिलाध्यक्ष ने धक्का देकर हटा दिया और खूब खरी-खोटी सुनाई। करीब पंद्रह मिनट तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
बुधवार को नगर केे मोहल्ला कोट स्थित प्रधान डाक घर में मिनी पासपोर्ट ऑफिस का उद्घाटन था। इसमें कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान और सांसद कंवर सिंह तंवर को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था। तय कार्यक्रमानुसार कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ठीक दो बजे डाकघर पर पहुंच गए। लेकिन सांसद करीब दस मिनट की देरी से पहुंचे। इसी बीच कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ने पासपोर्ट ऑफिस का फीता काटकर उद्घाटन कर दिया और अंदर जाकर नाश्ता करने लगे। तभी सांसद भी पहुंच गए। उद्घाटन होता देख उनका पारा चढ़ गया। सबसे पहले उन्होंने पासपोर्ट अधिकारी से नाम पूछा और आंखों से नसीहत दे डाली। इसके बाद वह बाहर आ गए। सांसद पासपोर्ट स्वीकृति पत्र वितरण स्थल पर पहुंचे तो यहां भी कुर्सियां खाली पड़ी थीं। यह देखकर सांसद भड़क गए और कार में बैठने लगे। पासपोर्ट अधिकारी ने उन्हें मनाने की कोशिश की। लेकिन सांसद ने पासपोर्ट अधिकारी को केंद्र सरकार की योजना बताकर फटकार लगाई। सांसद का गुस्सा देखकर उनके चहेते भी आपा खो बैठे। पूर्व जिला अध्यक्ष ऋषिपाल नागर ने उन्हें धक्का देकर गाड़ी से दूर कर दिया और खरी-खोटी सुनाई। सांसद बीच कार्यक्रम से लौट गए।
- हमने सांसद का करीब 10 से 15 मिनट इंतजार किया था। वह कार्यक्रम में ढाई बचे पहुंचे थे। एक मंत्री को इतना देर थोड़ी रोका जा सकता है।
- चेतन चौहान, कैबिनेट मंत्री
- मैं कार्यक्रम में पांच मिनट की देरी से पहुंचा था। मुझे अतिथि बनाया गया था तो मेरा पांच मिनट इंतजार किया जा सकता था। इसमें अफसर की गलती है। केंद्र सरकार की योजना में सांसद को नजरअंदाज किया गया। अफसर की शिकायत मैंने उच्चाधिकारियों से की है।
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- चौधरी कंवर सिंह तंवर, सांसद।
इस मामले में मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हमने सांसद से कार्यक्रम छोड़कर न जाने के लिए कहा था। लेकिन इस दौरान उनके किसी व्यक्ति ने मुझे हटा दिया था और सांसद वहां से चले गए। प्रोटोकॉल में सांसद से ज्यादा मंत्री को वरीयता दी जाती है। मंत्री समय से पहुंच गए और उन्हें हम फीता काटने से नहीं रोक सकते थे।
- मोहम्मद नसीम, पासपोर्ट अधिकारी बरेली।
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बुधवार को नगर केे मोहल्ला कोट स्थित प्रधान डाक घर में मिनी पासपोर्ट ऑफिस का उद्घाटन था। इसमें कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान और सांसद कंवर सिंह तंवर को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था। तय कार्यक्रमानुसार कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ठीक दो बजे डाकघर पर पहुंच गए। लेकिन सांसद करीब दस मिनट की देरी से पहुंचे। इसी बीच कैबिनेट मंत्री चेतन चौहान ने पासपोर्ट ऑफिस का फीता काटकर उद्घाटन कर दिया और अंदर जाकर नाश्ता करने लगे। तभी सांसद भी पहुंच गए। उद्घाटन होता देख उनका पारा चढ़ गया। सबसे पहले उन्होंने पासपोर्ट अधिकारी से नाम पूछा और आंखों से नसीहत दे डाली। इसके बाद वह बाहर आ गए। सांसद पासपोर्ट स्वीकृति पत्र वितरण स्थल पर पहुंचे तो यहां भी कुर्सियां खाली पड़ी थीं। यह देखकर सांसद भड़क गए और कार में बैठने लगे। पासपोर्ट अधिकारी ने उन्हें मनाने की कोशिश की। लेकिन सांसद ने पासपोर्ट अधिकारी को केंद्र सरकार की योजना बताकर फटकार लगाई। सांसद का गुस्सा देखकर उनके चहेते भी आपा खो बैठे। पूर्व जिला अध्यक्ष ऋषिपाल नागर ने उन्हें धक्का देकर गाड़ी से दूर कर दिया और खरी-खोटी सुनाई। सांसद बीच कार्यक्रम से लौट गए।
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- हमने सांसद का करीब 10 से 15 मिनट इंतजार किया था। वह कार्यक्रम में ढाई बचे पहुंचे थे। एक मंत्री को इतना देर थोड़ी रोका जा सकता है।
- चेतन चौहान, कैबिनेट मंत्री
- मैं कार्यक्रम में पांच मिनट की देरी से पहुंचा था। मुझे अतिथि बनाया गया था तो मेरा पांच मिनट इंतजार किया जा सकता था। इसमें अफसर की गलती है। केंद्र सरकार की योजना में सांसद को नजरअंदाज किया गया। अफसर की शिकायत मैंने उच्चाधिकारियों से की है।
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- चौधरी कंवर सिंह तंवर, सांसद।
इस मामले में मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। हमने सांसद से कार्यक्रम छोड़कर न जाने के लिए कहा था। लेकिन इस दौरान उनके किसी व्यक्ति ने मुझे हटा दिया था और सांसद वहां से चले गए। प्रोटोकॉल में सांसद से ज्यादा मंत्री को वरीयता दी जाती है। मंत्री समय से पहुंच गए और उन्हें हम फीता काटने से नहीं रोक सकते थे।
- मोहम्मद नसीम, पासपोर्ट अधिकारी बरेली।