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Amroha News: बाढ़ से निपटने के लिए 11 चौकियां बनीं
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अमरोहा।
पहाड़ों पर बरसात के चलते गंगा नदी उफान पर है। गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जिले में गंगा कटान कर खेतों की ओर बढ़ने लगी है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र में 11 अस्थायी चौकियां स्थापित की गई हैं। यहां पर तीन शिफ्टों में कर्मचारी भी तैनात कर दिए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी करेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं राजस्व कर्मियों की तैनाती की गई, जो ग्रामीणों व प्रशासन के बीच सेतु का काम करते हुए बाढ़ पीड़ितों के इलाज के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने काम करेंगे।
बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के बाद गंगा उफान पर है। रामगंगा पोषक नहर में भी पानी बढ़ा हुआ है। जिले में गंगा तेजी से कटान कर रही है। गंगा का पानी गांवों शीशोवाली, जाटोवाली, टीकोवाली, दारानगर, गंगानगर में खेतों की ओर बढ़ने लगा है। पानी थोड़ा और बढ़ते ही ग्रामीणों की फसलें डूबने लगेंगी। ग्रामीण बाढ़ को लेकर डरने लगे हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि कहीं इस बार भी बाढ़ उन पर कहर न बरपा दें।
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पिछले साल बाढ़ का पानी इन गांवों में भर जाने के बाद दहशतजदा ग्रामीणों ने अपने पालतू पशुओं के संग पलायन करना शुरू कर दिया था। मंडी धनौरा व हसनपुर तहसील बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित होती है। जिले में गंगा नदी कुल लंबाई 86 किलोमीटर है। तिगरी में 202.00 मीटर और ब्रजघाट में 199.34 मीटर पर उच्चतम बाढ़ खतरा बन जाता है। हालांकि, गंगा का पानी अभी खतरे से काफी नीचे है।
हालांकि, अभी से 25 गांवों की 40 हजार आबादी पर खतरा मंडराने लगा है। पिछले साल भी बाढ़ ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया था। अब फिर बरसात से पहले गंगा नदी में जलस्तर के बढ़ने की संभावना को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दिया है। इस बार मंडी धनौरा क्षेत्र में पांच और हसनपुर तहसील क्षेत्र में छह बाढ़ चौकी स्थापित की गई हैं।
इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर फोन नंबर जारी किए गए हैं। जिससे लोग आपात स्थिति में अधिकारियों को जानकारी दे सकें।
नाविकों व गोताखोरों की होगी तैनाती, बनेगी स्वास्थ्य टीम
बाढ़ की संभावना को देखते हुए नाविकों एवं गोताखोरों की तैनाती भी की होगी, जो जरूरत पड़ने पर काम आ सकेंगे। इसके अलावा धनौरा, गजरौला एवं गंगेश्वरी और रहरा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की जाएंगी।
बाढ़ संबंधित शिकायत के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
जिला प्रशासन ने बाढ़ सूचना और कार्रवाई के लिए बाढ़ नियंत्रण का स्थापित कर लिए हैं। इसके लिए कार्यालय सहायक अभियंता चतुर्थ अमरोहा नलकूप कॉलोनी के फोन नंबर 0922 259917 और कलक्टेट में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 5922 252066 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- बाढ़ की संभावनाओं के देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सिचाई विभाग की तीन स्थायी चौकियां पहले हैं। साथ ही 11 अस्थायी चौकियां स्थापित कर कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई हैं, यह कर्मचारी 24 घंटे निगरानी करेंगे। बाढ़ चौकियों के साथ-साथ निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं। - पवन शुक्ला, आपदा विशेषज्ञ
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पहाड़ों पर बरसात के चलते गंगा नदी उफान पर है। गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जिले में गंगा कटान कर खेतों की ओर बढ़ने लगी है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र में 11 अस्थायी चौकियां स्थापित की गई हैं। यहां पर तीन शिफ्टों में कर्मचारी भी तैनात कर दिए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी करेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं राजस्व कर्मियों की तैनाती की गई, जो ग्रामीणों व प्रशासन के बीच सेतु का काम करते हुए बाढ़ पीड़ितों के इलाज के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने काम करेंगे।
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बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के बाद गंगा उफान पर है। रामगंगा पोषक नहर में भी पानी बढ़ा हुआ है। जिले में गंगा तेजी से कटान कर रही है। गंगा का पानी गांवों शीशोवाली, जाटोवाली, टीकोवाली, दारानगर, गंगानगर में खेतों की ओर बढ़ने लगा है। पानी थोड़ा और बढ़ते ही ग्रामीणों की फसलें डूबने लगेंगी। ग्रामीण बाढ़ को लेकर डरने लगे हैं। उन्हें चिंता सता रही है कि कहीं इस बार भी बाढ़ उन पर कहर न बरपा दें।
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पिछले साल बाढ़ का पानी इन गांवों में भर जाने के बाद दहशतजदा ग्रामीणों ने अपने पालतू पशुओं के संग पलायन करना शुरू कर दिया था। मंडी धनौरा व हसनपुर तहसील बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित होती है। जिले में गंगा नदी कुल लंबाई 86 किलोमीटर है। तिगरी में 202.00 मीटर और ब्रजघाट में 199.34 मीटर पर उच्चतम बाढ़ खतरा बन जाता है। हालांकि, गंगा का पानी अभी खतरे से काफी नीचे है।
हालांकि, अभी से 25 गांवों की 40 हजार आबादी पर खतरा मंडराने लगा है। पिछले साल भी बाढ़ ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया था। अब फिर बरसात से पहले गंगा नदी में जलस्तर के बढ़ने की संभावना को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दिया है। इस बार मंडी धनौरा क्षेत्र में पांच और हसनपुर तहसील क्षेत्र में छह बाढ़ चौकी स्थापित की गई हैं।
इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर फोन नंबर जारी किए गए हैं। जिससे लोग आपात स्थिति में अधिकारियों को जानकारी दे सकें।
नाविकों व गोताखोरों की होगी तैनाती, बनेगी स्वास्थ्य टीम
बाढ़ की संभावना को देखते हुए नाविकों एवं गोताखोरों की तैनाती भी की होगी, जो जरूरत पड़ने पर काम आ सकेंगे। इसके अलावा धनौरा, गजरौला एवं गंगेश्वरी और रहरा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें तैनात की जाएंगी।
बाढ़ संबंधित शिकायत के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
जिला प्रशासन ने बाढ़ सूचना और कार्रवाई के लिए बाढ़ नियंत्रण का स्थापित कर लिए हैं। इसके लिए कार्यालय सहायक अभियंता चतुर्थ अमरोहा नलकूप कॉलोनी के फोन नंबर 0922 259917 और कलक्टेट में स्थापित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 5922 252066 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
- बाढ़ की संभावनाओं के देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सिचाई विभाग की तीन स्थायी चौकियां पहले हैं। साथ ही 11 अस्थायी चौकियां स्थापित कर कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई हैं, यह कर्मचारी 24 घंटे निगरानी करेंगे। बाढ़ चौकियों के साथ-साथ निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं। - पवन शुक्ला, आपदा विशेषज्ञ