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पुलिसकर्मियों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:21 AM IST
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मंडी धनौरा। प्रदेश भर में पुलिसकर्मियों द्वारा आत्महत्या की घटनाओं में हो रही वृद्घि के मददेनजर पुलिस अधीक्षक ने जनपद के पुलिस कर्मियों को कार्य के दौरान तनावमुक्त करने के लिए एक पहल की है। उन्होंने प्रत्येक कार्यदिवस में सवेरे एक घंटा पुलिसकर्मियों की समस्याओं के निस्तारण के लिए फिक्स कर दिया है। पुलिसकर्मियों को अवकाश देने के मामले में भी हीलाहवाली नहीं करने के निर्देश अधीनस्थों को दिए गए हैं। यही नहीं पुलिसकर्मियों के साथ आत्मीयता बढ़ाने के लिए उनके साथ भोजन करने की पहल भी की गई है। पुलिस कप्तान का कहना है कि यदि आवश्यकता पड़ती है तो मेडिकल काउंसलिंग भी कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि जिले के पुलिस कप्तान इस नौकरी से पहले एमबीबीएस डाक्टर थे।
पुलिस अधीक्षक डा. विपिन ताडा का कहना है कि वह प्रत्येक कार्यदिवस में सवेरे नौ से दस बजे तक पुलिसकर्मियों की समस्याओं को सुनते हैं। उनको तनावमुक्त रहने के उपायों की जानकारी दी जा रही है। पुलिसकर्मियों को अवकाश देने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी अधीनस्थों को दी गई है। बताया कि गांधी जयंती के दिन सिपाहियों के साथ भोजन कर उनके साथ समानता का संदेश दिया गया है। फील्ड में जाकर रात में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों की समस्या को जाना है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ती है तो मेडिकल काउंसलिंग भी कराई जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि एक सिपाही को डेंगू होने पर उनकी बेटी के मदद मांगने पर तीन सिपाहियों को मुरादाबाद भेजकर खून दिलाया गया और उपचार के लिए 30 हजार रुपये एडवांस दिए गए।
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पुलिस अधीक्षक डा. विपिन ताडा का कहना है कि वह प्रत्येक कार्यदिवस में सवेरे नौ से दस बजे तक पुलिसकर्मियों की समस्याओं को सुनते हैं। उनको तनावमुक्त रहने के उपायों की जानकारी दी जा रही है। पुलिसकर्मियों को अवकाश देने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी अधीनस्थों को दी गई है। बताया कि गांधी जयंती के दिन सिपाहियों के साथ भोजन कर उनके साथ समानता का संदेश दिया गया है। फील्ड में जाकर रात में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों की समस्या को जाना है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ती है तो मेडिकल काउंसलिंग भी कराई जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि एक सिपाही को डेंगू होने पर उनकी बेटी के मदद मांगने पर तीन सिपाहियों को मुरादाबाद भेजकर खून दिलाया गया और उपचार के लिए 30 हजार रुपये एडवांस दिए गए।
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