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सड़क बनवाए बिना ही हड़प ली 3.50 लाख की रकम
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:19 AM IST
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गजरौला ब्लाक के गांव भगवानपुर रहीमपुर का मामला
प्रधान, रोजगार सेवक व एपीओ पर मिलीभगत का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
ब्लाक क्षेत्र के गांव भगवानपुर रहीमपुर में सड़क बनवाए बिना ही सड़क निर्माण दर्शाकर करीब साढ़े तीन लाख की धनराशि हड़पने का आरोप लगाया गया है। गांव के ही बीडीसी सदस्य ने पूरे प्रकरण में प्रधान, रोजगार सेवक व एपीओ की मिलीभगत का आरोप लगाया है। पोल खुली तो एपीओ द्वारा जांच के बाद गांव के ही दो लोगों को रिकवरी नोटिस थमाने की बात की जा रही है।
गांव भगवानपुर रहीमपुर निवासी मोहम्मद इल्यास बीडीसी सदस्य है। करीब एक माह पहले मोहम्मद इल्यास ने ग्रामीणों के साथ सीडीओ व बीडीओ को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि गांव में बीस साल पुरानी करीब 120 मीटर की कच्ची सड़क को प्रधान व रोजगार सेवक की मिलीभगत से कागजों में पक्की दर्शाकर करीब साढ़े तीन लाख रुपये की रकम हड़प ली गई। कहा कि सड़क पर पहले तो मनरेगा द्वारा मिट्टी डालनी दिखाई गई, फिर इसके बाद इंटरलाकिंग की ईंटे बिछवाकर पक्की सड़क दर्शा दी गई। करीब साढ़े तीन लाख रुपये हड़प लिए गए। जबकि जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। बीडीओ ने मामले की जांच एपीओ ब्रजभान व जेई को सौंपी। एपीओ व जेई ने मामले की जांच की। मामले में प्रधान व रोजगार सेेवक को जांच घेरे से अलग करते हुए गांव के ही दो लोगों को रिकवरी नोटिस जारी किए जाने की बात कही जा रही है।
पूरा मामला संज्ञान में है। मामले की जांच एपीओ द्वारा कराई गई। जांच कार्य पूरा हो गया। इसमें दोषी दो लोगों से रिकवरी कराई जा रही है।
- राजीव कुमार वर्मा, बीडीओ गजरौला।
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प्रधान, रोजगार सेवक व एपीओ पर मिलीभगत का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
गजरौला।
ब्लाक क्षेत्र के गांव भगवानपुर रहीमपुर में सड़क बनवाए बिना ही सड़क निर्माण दर्शाकर करीब साढ़े तीन लाख की धनराशि हड़पने का आरोप लगाया गया है। गांव के ही बीडीसी सदस्य ने पूरे प्रकरण में प्रधान, रोजगार सेवक व एपीओ की मिलीभगत का आरोप लगाया है। पोल खुली तो एपीओ द्वारा जांच के बाद गांव के ही दो लोगों को रिकवरी नोटिस थमाने की बात की जा रही है।
गांव भगवानपुर रहीमपुर निवासी मोहम्मद इल्यास बीडीसी सदस्य है। करीब एक माह पहले मोहम्मद इल्यास ने ग्रामीणों के साथ सीडीओ व बीडीओ को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि गांव में बीस साल पुरानी करीब 120 मीटर की कच्ची सड़क को प्रधान व रोजगार सेवक की मिलीभगत से कागजों में पक्की दर्शाकर करीब साढ़े तीन लाख रुपये की रकम हड़प ली गई। कहा कि सड़क पर पहले तो मनरेगा द्वारा मिट्टी डालनी दिखाई गई, फिर इसके बाद इंटरलाकिंग की ईंटे बिछवाकर पक्की सड़क दर्शा दी गई। करीब साढ़े तीन लाख रुपये हड़प लिए गए। जबकि जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। बीडीओ ने मामले की जांच एपीओ ब्रजभान व जेई को सौंपी। एपीओ व जेई ने मामले की जांच की। मामले में प्रधान व रोजगार सेेवक को जांच घेरे से अलग करते हुए गांव के ही दो लोगों को रिकवरी नोटिस जारी किए जाने की बात कही जा रही है।
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पूरा मामला संज्ञान में है। मामले की जांच एपीओ द्वारा कराई गई। जांच कार्य पूरा हो गया। इसमें दोषी दो लोगों से रिकवरी कराई जा रही है।
- राजीव कुमार वर्मा, बीडीओ गजरौला।