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बेटी की शादी को रुपये नहीं मिलने से बुजुर्ग की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2016 11:57 PM IST
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noteban and atm
- फोटो : AmarUjala
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थाना क्षेत्र में बेटी की शादी के लिए बैंक के लगातार चक्कर लगाने के बावजूद पैसे नहीं मिलने से दुखी वृद्ध की हार्ट अटैक से मौत हो गई। 17 दिसंबर को बेटी की शादी है। जिसके लिए दहेेज आदि खरीदना था। वृद्ध की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हैै।
थाना क्षेत्र के बीलनी गांव निवासी 60 वर्षीय कायम हुसैन ने बेटी की शादी तय कर दी। 17 दिसंबर को बारात आने की तारीख मुकर्रर की गई। घर में बेटी की शादी की तैयारियां होने लगीं। बेटी की शादी के लिए दहेज खरीदने को कायम हुसैन को रुपयों की जरूरत थी। वह नौगावां सादात कस्बे की एक बैंक के कई दिन से लगातार चक्कर लगा रहे थे। बताते हैं कि सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बाद वह वापस लौट जाते, मगर पैसे नहीं मिले।
शुक्रवार को शाम तक लाइन में लगे रहे, मगर पैसे नहीं मिले। शाखा बंद कर दी गई। कई दिन से लगातार चक्कर लगाने के बावजूद पैसे नहीं मिलने से उनको बड़ा सदमा लगा। हार्ट अटैक से उनका इंतकाल हो गया। परिजनों में कोहराम मच गया। गमगीन परिजनों ने वृद्ध को सुपुर्दे खाक कर दिया।
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जिन परिवारों में बेटा, बेटी की शादी है, वह अपने बैंक खाते से ढाई लाख तक की रकम निकाल सकते हैं। इसके आदेश जारी हो चुके हैं। बावजूद लोगों को बैंक से कैश नहीं मिल रहा है। बैकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शनिवार को काफी संख्या में परिजन जिलाधिकारी से गुहार लगाने पहुंचे। साहब बेटी की शादी हैं बैंक वाले कैश नहीं दे रहे हैं।
साहब आप आदेश कर दें तो बैंक से रकम मिल जाएगी। लेकिन डीएम के यहां से कोई राहत नहीं मिल सकी। क्योंकि प्रशासन के पास अभी तक आरबीआई की इस संबंध में कोई गाइड लाइन नहीं है।
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थाना क्षेत्र के बीलनी गांव निवासी 60 वर्षीय कायम हुसैन ने बेटी की शादी तय कर दी। 17 दिसंबर को बारात आने की तारीख मुकर्रर की गई। घर में बेटी की शादी की तैयारियां होने लगीं। बेटी की शादी के लिए दहेज खरीदने को कायम हुसैन को रुपयों की जरूरत थी। वह नौगावां सादात कस्बे की एक बैंक के कई दिन से लगातार चक्कर लगा रहे थे। बताते हैं कि सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बाद वह वापस लौट जाते, मगर पैसे नहीं मिले।
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शुक्रवार को शाम तक लाइन में लगे रहे, मगर पैसे नहीं मिले। शाखा बंद कर दी गई। कई दिन से लगातार चक्कर लगाने के बावजूद पैसे नहीं मिलने से उनको बड़ा सदमा लगा। हार्ट अटैक से उनका इंतकाल हो गया। परिजनों में कोहराम मच गया। गमगीन परिजनों ने वृद्ध को सुपुर्दे खाक कर दिया।
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जिन परिवारों में बेटा, बेटी की शादी है, वह अपने बैंक खाते से ढाई लाख तक की रकम निकाल सकते हैं। इसके आदेश जारी हो चुके हैं। बावजूद लोगों को बैंक से कैश नहीं मिल रहा है। बैकों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शनिवार को काफी संख्या में परिजन जिलाधिकारी से गुहार लगाने पहुंचे। साहब बेटी की शादी हैं बैंक वाले कैश नहीं दे रहे हैं।
साहब आप आदेश कर दें तो बैंक से रकम मिल जाएगी। लेकिन डीएम के यहां से कोई राहत नहीं मिल सकी। क्योंकि प्रशासन के पास अभी तक आरबीआई की इस संबंध में कोई गाइड लाइन नहीं है।