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मौत के साथ समाप्त हुई मतदान की हसरत
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01 : फुरसतगंज : बिंदू। (फाइल फोटो) -संवाद
- फोटो : AMETHI
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फुरसतगंज (अमेठी)। स्थानीय थाना क्षेत्र के गांव पूरे ईश्वरी लंबरदार मजरे भदैया की रहने वाली बुजुर्ग बिंदू की चुनाव में वोट डालने की हसरत आखिरकार अधूरी रह गई। वोट डालने के लिए शनिवार शाम बेटी के घर से वापस आईं बिंदू की रविवार सुबह पद्ममावत एक्सप्रेस की चपेट में आने से मौत हो गई।
रामकेश यादव की पत्नी बिंदू (60) गत एक सप्ताह से अपनी बेटी ममता के घर पूरे गोबरे गांव में थीं। शनिवार शाम उन्होंने मतदान के लिए घर आने की बात कही। बेटी ने मां को मतदान के लिए शनिवार शाम वापस पूरे ईश्वरी लंबरदार भेज दिया।
रविवार सुबह मतदान से पहले बिंदू प्रसाधन के लिए खेत की तरफ गई थीं। खेत से वापस लौटकर स्नान कर वह मतदान के लिए जराना चाहती थीं। खेत से लौटते समय जब बिंदू गांव के पास गुजरने वाले लखनऊ-वाराणसी रेलवे ट्रैक को पार करने लगीं तो इसी बीच दूसरे ट्रैक से मालगाड़ी आ गई। इस पर बिंदू पहले ट्रैक पर खड़ी हो गईं।
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इसी बीच बिंदू उस ट्रैक पर आई पद्मावत एक्सप्रेस की चपेट में आ गईं। बिंदू के पांच बेटी व दो बेटे हैं। बिंदू के परविार के सभी सदस्य मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने रायबरेली जीआरपी प्रभारी हरिनाथ यादव को घटना से अवगत कराया। सूचना पर पहुंची जीआरपी व आरपीएफ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की है।
ग्रामीणों का दर्द
ग्रामीणों का कहना है कि 34 परिवारों का गांव है। पर स्कूल हाट-बाजार अस्पताल आने-जाने के लिए लाइन पर करके जाना ही मात्र एक विकल्प है। इसके चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसकी शिकायत कई बार रेलवे के अधिकारियों से की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
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रामकेश यादव की पत्नी बिंदू (60) गत एक सप्ताह से अपनी बेटी ममता के घर पूरे गोबरे गांव में थीं। शनिवार शाम उन्होंने मतदान के लिए घर आने की बात कही। बेटी ने मां को मतदान के लिए शनिवार शाम वापस पूरे ईश्वरी लंबरदार भेज दिया।
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रविवार सुबह मतदान से पहले बिंदू प्रसाधन के लिए खेत की तरफ गई थीं। खेत से वापस लौटकर स्नान कर वह मतदान के लिए जराना चाहती थीं। खेत से लौटते समय जब बिंदू गांव के पास गुजरने वाले लखनऊ-वाराणसी रेलवे ट्रैक को पार करने लगीं तो इसी बीच दूसरे ट्रैक से मालगाड़ी आ गई। इस पर बिंदू पहले ट्रैक पर खड़ी हो गईं।
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इसी बीच बिंदू उस ट्रैक पर आई पद्मावत एक्सप्रेस की चपेट में आ गईं। बिंदू के पांच बेटी व दो बेटे हैं। बिंदू के परविार के सभी सदस्य मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने रायबरेली जीआरपी प्रभारी हरिनाथ यादव को घटना से अवगत कराया। सूचना पर पहुंची जीआरपी व आरपीएफ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की है।
ग्रामीणों का दर्द
ग्रामीणों का कहना है कि 34 परिवारों का गांव है। पर स्कूल हाट-बाजार अस्पताल आने-जाने के लिए लाइन पर करके जाना ही मात्र एक विकल्प है। इसके चलते आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसकी शिकायत कई बार रेलवे के अधिकारियों से की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई।