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Amethi News: आत्महत्या के लिए रवि ने शादी का दिन ही क्यों चुना...
Sun, 20 Apr 2025 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 20 Apr 2025 12:16 AM IST
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अमेठी सिटी। गौरीगंज के बनी के पास मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या करने वाले रवि की गतिविधियां पूरे प्रकरण पर सवाल उठा रही हैं। अगर रवि ने आत्महत्या की है तो उसने शादी का ही दिन क्यों चुना? ऐसा करने के लिए उसके पास भरपूर समय था। शादी अगर मर्जी से हो रही थी तो वह कौन सी मजबूरी थी जिसके चलते उसने शादी के दिन ही आत्मघाती कदम उठाया? सवाल यह भी उठता है कि घर से सेहरा बांध कर निकलना और बीच राह कपड़ों की अदला-बदली के पीछे मकसद क्या था? पुलिस इन सभी सवालों को घटना की कड़ियों से जोड़ने की कोशिश में जुटी है।
रायबरेली के सलोन के सूची चौराहा निवासी रवि का परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है। पिता पीएसी से सेवानिवृत्त हुए हैं। पूरे घर की देखरेख की जिम्मेदारी रवि पर ही थी। हंसमुख रवि पांच बहन व एक भाई का प्रिय था। गांव व आसपास किसी से दुश्मनी नहीं थी। करीब चार माह पहले रवि की शादी मऊ जिले में तय हुई थी।
फरवरी माह में इंगेजमेंट भी धूमधाम से हुआ। रवि खुद ही शादी की तैयारी में जुटा था। परिजनों के मुताबिक रिश्ते से बेहद खुश था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब सब सही था तो रवि शादी के दिन ही आत्महत्या के लिए क्यों मजबूर हुआ। अगर वह शादी से खुश नहीं था तो कार से उतरने के बाद कहीं भाग कर जा सकता था और कुछ दिन बाद वापस आ सकता था। इतना ही नहीं इंगेजमेंट के बाद भी वह घर से भाग सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। ऐसे में कही सोशल मीडिया के चंगुल में तो रवि नहीं उलझ गया। कही वधु पक्ष की कोई खास जानकारी तो उसे नहीं हो गई।
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दबी जुबान से यह भी चर्चा है कि रवि के सीने में अहम राज दफन रह गया, जिससे वह आखिरी पल तक जूझता रहा। अखिरी पलों में उसका धैर्य जवाब दे गया और उसने जान दे दी। हकीकत क्या है, यह तो पुलिस की जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन रवि की आत्महत्या, उसके तरीके और समय ने लोगों के साथ पुलिस को भी परेशान कर दिया है।
अंतर्द्वंद्व से साढ़े चार घंटे जूझता रहा रवि
कार में रवि के साथ मौजूद लोगों ने बताया कि घर से बरात लेकर निकलने के बाद से ही वह परेशान था। रास्ते में कपड़ा बदलना और गौरीगंज के सैंठा मार्ग स्थित फ्लाईओवर के पास से कार से उतर जाना उसके मन में चल रही उथल-पुथल को जता रहा हे। गौरीगंज में कार से उतर कर क्राॅसिंग के पास धीमी गति से गुजर रही ट्रेन पर चढ़ना, बाबूगंज के पास देर रात रेलवे ट्रैक पर सुनसान जगह पहुंचने के दौरान करीब साढ़े चार घंटे तक रवि आत्महत्या या जीवित रहने के सवालों से जूझता रहा। आखिरकार वह साढ़े चार घंटे कहां रहा, यह भी बड़ा सवाल है। आखिर ऐसी क्या वजह थी कि मोबाइल बंद करने के बाद भी वह परेशानियों से बाहर नहीं निकल पाया।
शहनाई की गूंज पर भारी पड़ी मातमी चीत्कार
चचेरे भाई सुनील यादव ने बताया कि शुक्रवार शाम रवि दूल्हे की पोशाक में मऊ जाने के लिए कार से रवाना हुआ था। कार में उसके साथ ममेरा भाई और भांजा भी थे, लेकिन गौरीगंज फ्लाईओवर के पास पहुंचते ही रवि अचानक कार से उतर गया। मोबाइल बंद होने पर परिजन परेशान हो गए और तलाश शुरू कर दी। देर रात पुलिस से सूचना मिली कि बनी स्टेशन के पास एक युवक का शव मिला है। मौके पर पहुंचकर देखा तो वह रवि ही था। इसपर आशंका में डूबे परिजन और ससुराल पक्ष चीत्कार करने लगे। शहनाई की जगह परिजनों की चीख पुकार से हर आंख नम हो गई। (संवाद)
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रायबरेली के सलोन के सूची चौराहा निवासी रवि का परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है। पिता पीएसी से सेवानिवृत्त हुए हैं। पूरे घर की देखरेख की जिम्मेदारी रवि पर ही थी। हंसमुख रवि पांच बहन व एक भाई का प्रिय था। गांव व आसपास किसी से दुश्मनी नहीं थी। करीब चार माह पहले रवि की शादी मऊ जिले में तय हुई थी।
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फरवरी माह में इंगेजमेंट भी धूमधाम से हुआ। रवि खुद ही शादी की तैयारी में जुटा था। परिजनों के मुताबिक रिश्ते से बेहद खुश था। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब सब सही था तो रवि शादी के दिन ही आत्महत्या के लिए क्यों मजबूर हुआ। अगर वह शादी से खुश नहीं था तो कार से उतरने के बाद कहीं भाग कर जा सकता था और कुछ दिन बाद वापस आ सकता था। इतना ही नहीं इंगेजमेंट के बाद भी वह घर से भाग सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। ऐसे में कही सोशल मीडिया के चंगुल में तो रवि नहीं उलझ गया। कही वधु पक्ष की कोई खास जानकारी तो उसे नहीं हो गई।
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दबी जुबान से यह भी चर्चा है कि रवि के सीने में अहम राज दफन रह गया, जिससे वह आखिरी पल तक जूझता रहा। अखिरी पलों में उसका धैर्य जवाब दे गया और उसने जान दे दी। हकीकत क्या है, यह तो पुलिस की जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन रवि की आत्महत्या, उसके तरीके और समय ने लोगों के साथ पुलिस को भी परेशान कर दिया है।
अंतर्द्वंद्व से साढ़े चार घंटे जूझता रहा रवि
कार में रवि के साथ मौजूद लोगों ने बताया कि घर से बरात लेकर निकलने के बाद से ही वह परेशान था। रास्ते में कपड़ा बदलना और गौरीगंज के सैंठा मार्ग स्थित फ्लाईओवर के पास से कार से उतर जाना उसके मन में चल रही उथल-पुथल को जता रहा हे। गौरीगंज में कार से उतर कर क्राॅसिंग के पास धीमी गति से गुजर रही ट्रेन पर चढ़ना, बाबूगंज के पास देर रात रेलवे ट्रैक पर सुनसान जगह पहुंचने के दौरान करीब साढ़े चार घंटे तक रवि आत्महत्या या जीवित रहने के सवालों से जूझता रहा। आखिरकार वह साढ़े चार घंटे कहां रहा, यह भी बड़ा सवाल है। आखिर ऐसी क्या वजह थी कि मोबाइल बंद करने के बाद भी वह परेशानियों से बाहर नहीं निकल पाया।
शहनाई की गूंज पर भारी पड़ी मातमी चीत्कार
चचेरे भाई सुनील यादव ने बताया कि शुक्रवार शाम रवि दूल्हे की पोशाक में मऊ जाने के लिए कार से रवाना हुआ था। कार में उसके साथ ममेरा भाई और भांजा भी थे, लेकिन गौरीगंज फ्लाईओवर के पास पहुंचते ही रवि अचानक कार से उतर गया। मोबाइल बंद होने पर परिजन परेशान हो गए और तलाश शुरू कर दी। देर रात पुलिस से सूचना मिली कि बनी स्टेशन के पास एक युवक का शव मिला है। मौके पर पहुंचकर देखा तो वह रवि ही था। इसपर आशंका में डूबे परिजन और ससुराल पक्ष चीत्कार करने लगे। शहनाई की जगह परिजनों की चीख पुकार से हर आंख नम हो गई। (संवाद)