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Amethi News: ...जब बंद होय जंग तौ समझौ वसंत है
Sat, 01 Mar 2025 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 01 Mar 2025 12:38 AM IST
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अमेठी। अवधी साहित्य संस्थान की ओर से शुक्रवार को जरौटा गांव में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कवि सुरेश चन्द्र शुक्ल नवीन की वाणी वंदना से हुई।
आयोजक डॉ. अर्जुन पांडेय ने गुरू की बगिया मा प्रकाश ही प्रकाश बा कविता सुनाई। रामेश्वर सिंह निराश ने सच पूछिए तो विश्व में होगा वसंत कब, जब बंद होय जंग तौ समझौ वसंत है कविता सुनाकर वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अवधी मधुरस ज्ञानेंद्र पांडेय ने खेतनु पियरी पहिरिके, सरसइया लहरातु। चहुंमुखु बगरतु महमही, पवनु डुलतु मदमातु कविता सुनाई।
कवि समीर मिश्र ने मित्रों डूबके रंगों में होली हो नहीं सकती, बना दे दुश्मनों को दोस्त होली उसको कहते हैं तो सुरेश चन्द्र शुक्ल नवीन ने घिरे जब मुश्किलों में निकलना हमने सीखा है, चलना गिरना उठ जाना संभलना हमने सीखा है... कविता सुनाई। इस मौके पर शिवपूजन मिश्र, हरिश्चंद्र मिश्र, अनिरुद्ध मिश्र, देव लाल मिश्र, अंकित मिश्र, राज देव तिवारी, अजय पाण्डेय, राज कुमार तिवारी, छोटू तिवारी, मंशा राम मिश्र, राधे मिश्र, हरि नाथ मिश्र, देव शंकर मिश्र, प्रमोद पांडेय, धर्मेंद्र मिश्र आदि मौजूद रहे।
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आयोजक डॉ. अर्जुन पांडेय ने गुरू की बगिया मा प्रकाश ही प्रकाश बा कविता सुनाई। रामेश्वर सिंह निराश ने सच पूछिए तो विश्व में होगा वसंत कब, जब बंद होय जंग तौ समझौ वसंत है कविता सुनाकर वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अवधी मधुरस ज्ञानेंद्र पांडेय ने खेतनु पियरी पहिरिके, सरसइया लहरातु। चहुंमुखु बगरतु महमही, पवनु डुलतु मदमातु कविता सुनाई।
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कवि समीर मिश्र ने मित्रों डूबके रंगों में होली हो नहीं सकती, बना दे दुश्मनों को दोस्त होली उसको कहते हैं तो सुरेश चन्द्र शुक्ल नवीन ने घिरे जब मुश्किलों में निकलना हमने सीखा है, चलना गिरना उठ जाना संभलना हमने सीखा है... कविता सुनाई। इस मौके पर शिवपूजन मिश्र, हरिश्चंद्र मिश्र, अनिरुद्ध मिश्र, देव लाल मिश्र, अंकित मिश्र, राज देव तिवारी, अजय पाण्डेय, राज कुमार तिवारी, छोटू तिवारी, मंशा राम मिश्र, राधे मिश्र, हरि नाथ मिश्र, देव शंकर मिश्र, प्रमोद पांडेय, धर्मेंद्र मिश्र आदि मौजूद रहे।
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