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कड़कड़ाती ठंड में क्रय केंद्र पर रात गुजार रहे किसान
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गौरीगंज (अमेठी)। फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत क्रय केंद्र पर धान बेचना किसानों के लिए लोहे के चने चबाने से कम नहीं है। धान बेचने के लिए किसानों को ठंड में क्रय केंद्र पर रात बितानी पड़ रही है। साथ ही धान लेकर केंद्र पर पहुंचने के दो-तीन दिन बाद खरीद होने से किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली का अधिक किराया देना पड़ रहा है। क्रय केंद्रों पर नमी व फरहा के नाम पर मनमानी कटौती से भी उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीद के लिए जिले में नौ एजेंसी के 51 क्रय केंद्र के संचालित हैं। इन केंद्रों को अलग-अलग खरीद लक्ष्य दिया गया है। जिला प्रशासन का दावा है कि इन केंद्रों पर 15 अक्टूबर से धान खरीद चल रही है। हालांकि 15 अक्टूबर से 21 दिसंबर के मध्य यह क्रय केंद्र 1.10 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 9,813 किसानों से 55302.49 एमटी धान ही खरीद सके हैं।
यह स्थिति तब है जब बाजार में धान का मूल्य कम होने से किसान अपनी उपज बेचने के लिए इन क्रय केंद्रों की परिक्रमा कर रहा है। विपणन व पीसीएफ एजेंसी के क्रय केंद्रों पर किसानों को पंजीकरण के हफ्ते भर से लेकर पखवारे भर बाद का टोकन मिल रहा है। निर्धारित तिथि का टोकन मिलने के बाद भी किसानों को कड़कड़ाती ठंड में दो से तीन रात क्रय केंद्रों पर गुजरानी पड़ रही है। इसकी वजह से उन्हें ट्रैक्टर का किराया एक के बजाए दो से तीन दिन का देना पड़ रहा है।
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विपणन एजेंसी पर पंखे से धान की सफाई के नाम पर जिम्मेदार काफी मात्रा में धान उड़ाकर तो बाद में नमी व फरहा के नाम पर मनमानी कटौती कर किसानों को परेशान कर रहे हैं। सोमवार को अमर उजाला टीम शहर स्थित विपणन शाखा क्रय केंद्र पर पहुंची तो तीन इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर खरीद चलती मिली। हालांकि इस दौरान शनिवार से क्रय केंद्र पर धान लेकर पहुंचे किसान पहले अपनी खरीद सुनिश्चित कराने की कोशिश में जुटे दिखे। पीसीएफ एजेंसी के बरनाटीकर स्थित क्रय केंद्र पर भी यही हाल रहा।
क्या कहते हैं किसान
विपणन शाखा के केंद्र पर मौजूद पहाड़पुर के किसान विद्याधर ने बताया कि वे दो दिन से केंद्र पर हैं। आज उनकी धान खरीद हुई। खुजरी गांव के किसान पारसनाथ, बरना टीकर के राजेश सिंह व अत्तानगर के शिव दयाल ने बताया कि वे भी शनिवार से केंद्र पर रात बिता रहे हैं। किसानों का कहना था कि लंबे इंतजार के बाद सोमवार को वे अपना धान बेच सके।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
विपणन शाखा के केंद्र प्रभारी पंकज व पीसीएफ के केंद्र प्रभारी रामकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि प्रतिदिन अधिक से अधिक किसानों की तौल कराई जा रही है। किसान समय से पहले केंद्र पर पहुंच रहे हैं। इससे उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों पर धान खरीद की हकीकत जानने के लिए प्रतिदिन निरीक्षण किया जा रहा है। केंद्र पर किसानों के रात गुजारने की स्थिति में केेंद्र प्रभारी पर कार्रवाई की जाएगी।
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निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीद के लिए जिले में नौ एजेंसी के 51 क्रय केंद्र के संचालित हैं। इन केंद्रों को अलग-अलग खरीद लक्ष्य दिया गया है। जिला प्रशासन का दावा है कि इन केंद्रों पर 15 अक्टूबर से धान खरीद चल रही है। हालांकि 15 अक्टूबर से 21 दिसंबर के मध्य यह क्रय केंद्र 1.10 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 9,813 किसानों से 55302.49 एमटी धान ही खरीद सके हैं।
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यह स्थिति तब है जब बाजार में धान का मूल्य कम होने से किसान अपनी उपज बेचने के लिए इन क्रय केंद्रों की परिक्रमा कर रहा है। विपणन व पीसीएफ एजेंसी के क्रय केंद्रों पर किसानों को पंजीकरण के हफ्ते भर से लेकर पखवारे भर बाद का टोकन मिल रहा है। निर्धारित तिथि का टोकन मिलने के बाद भी किसानों को कड़कड़ाती ठंड में दो से तीन रात क्रय केंद्रों पर गुजरानी पड़ रही है। इसकी वजह से उन्हें ट्रैक्टर का किराया एक के बजाए दो से तीन दिन का देना पड़ रहा है।
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विपणन एजेंसी पर पंखे से धान की सफाई के नाम पर जिम्मेदार काफी मात्रा में धान उड़ाकर तो बाद में नमी व फरहा के नाम पर मनमानी कटौती कर किसानों को परेशान कर रहे हैं। सोमवार को अमर उजाला टीम शहर स्थित विपणन शाखा क्रय केंद्र पर पहुंची तो तीन इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर खरीद चलती मिली। हालांकि इस दौरान शनिवार से क्रय केंद्र पर धान लेकर पहुंचे किसान पहले अपनी खरीद सुनिश्चित कराने की कोशिश में जुटे दिखे। पीसीएफ एजेंसी के बरनाटीकर स्थित क्रय केंद्र पर भी यही हाल रहा।
क्या कहते हैं किसान
विपणन शाखा के केंद्र पर मौजूद पहाड़पुर के किसान विद्याधर ने बताया कि वे दो दिन से केंद्र पर हैं। आज उनकी धान खरीद हुई। खुजरी गांव के किसान पारसनाथ, बरना टीकर के राजेश सिंह व अत्तानगर के शिव दयाल ने बताया कि वे भी शनिवार से केंद्र पर रात बिता रहे हैं। किसानों का कहना था कि लंबे इंतजार के बाद सोमवार को वे अपना धान बेच सके।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
विपणन शाखा के केंद्र प्रभारी पंकज व पीसीएफ के केंद्र प्रभारी रामकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि प्रतिदिन अधिक से अधिक किसानों की तौल कराई जा रही है। किसान समय से पहले केंद्र पर पहुंच रहे हैं। इससे उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों पर धान खरीद की हकीकत जानने के लिए प्रतिदिन निरीक्षण किया जा रहा है। केंद्र पर किसानों के रात गुजारने की स्थिति में केेंद्र प्रभारी पर कार्रवाई की जाएगी।