{"_id":"6148ca0c8ebc3e9d5d2d504f","slug":"water-level-of-gomti-river-rising-continuously-amethi-news-lko596461484","type":"story","status":"publish","title_hn":"लगातार बढ़ रहा गोमती नदी का जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लगातार बढ़ रहा गोमती नदी का जलस्तर
विज्ञापन
18 : मुसाफिरखाना : गोमती नदी की बाढ़ से पानी में उूबी सड़क। - संवाद
- फोटो : AMETHI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुसाफिरखाना (अमेठी)। बरसात बंद होने के चौथे दिन भी लगातार गोमती नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। जल स्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। बाढ़ का पानी कई गांवों तक पहुंच गया है तो कई सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो गया है।
क्षेत्र के कादूनाला से डेहरियावां जाने वाली सड़क पर छतारी गांव के पास पुलिया की मिट्टी बह गयी है। मिट्टी बहने के साथ पानी सड़क के ऊपर से लगभग 15 मीटर की चौड़ाई में बह रहा है। ऐसे में उस सड़क से उमरा, छतारी, डेहरियावां, तिरहुंत, कुवासी, बड़ाडाड़ सहित दर्जनों गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है।
चार पहिया वाहन को छतारी पहुंच कर वापस लौटना पड़ रहा है। ग्रामीण धर्मवीर सिंह, धनवंत सिंह, टार्जन सिंह, अजय सिंह आदि लोगों ने प्रशासन से मौके की स्थिति को देखकर समस्या से निात दिलाने की मांग की है। बढ़ते जलस्तर को लेकर स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है।
विज्ञापन
एसडीएम सुनील कुमार त्रिवेदी ने बताया कि तराई क्षेत्र में आने वाले गांवों के लेखपालों को गांव में बने रहने को कहा गया है। लेखपालों के माध्यम से गांव वालों को नदी के किनारे नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। यही नहीं जलस्तर घटने से बिलों में रहने वाले व जंगली जीव जंतुओं का रुख गांव की तरफ हो गया है। इनसे भी बचने की सलाह ग्रामीणों को दी जा रही है। कहा कि प्रशासन तराई के गांवों पर नजर बनाए हुए है।
विज्ञापन
क्षेत्र के कादूनाला से डेहरियावां जाने वाली सड़क पर छतारी गांव के पास पुलिया की मिट्टी बह गयी है। मिट्टी बहने के साथ पानी सड़क के ऊपर से लगभग 15 मीटर की चौड़ाई में बह रहा है। ऐसे में उस सड़क से उमरा, छतारी, डेहरियावां, तिरहुंत, कुवासी, बड़ाडाड़ सहित दर्जनों गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है।
विज्ञापन
चार पहिया वाहन को छतारी पहुंच कर वापस लौटना पड़ रहा है। ग्रामीण धर्मवीर सिंह, धनवंत सिंह, टार्जन सिंह, अजय सिंह आदि लोगों ने प्रशासन से मौके की स्थिति को देखकर समस्या से निात दिलाने की मांग की है। बढ़ते जलस्तर को लेकर स्थानीय प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है।
विज्ञापन
एसडीएम सुनील कुमार त्रिवेदी ने बताया कि तराई क्षेत्र में आने वाले गांवों के लेखपालों को गांव में बने रहने को कहा गया है। लेखपालों के माध्यम से गांव वालों को नदी के किनारे नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। यही नहीं जलस्तर घटने से बिलों में रहने वाले व जंगली जीव जंतुओं का रुख गांव की तरफ हो गया है। इनसे भी बचने की सलाह ग्रामीणों को दी जा रही है। कहा कि प्रशासन तराई के गांवों पर नजर बनाए हुए है।