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रखरखाव के अभाव ने जलापूर्ति को लगाया ग्रहण
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तिलोई (अमेठी)। तहसील क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए स्थापित पानी की टंकियां रख-रखाव के अभाव में बदहाल होती जा रही हैं। कई टंकियां अलग-अलग कारणों से बंद पड़ी हैं तो कई बंद होने की कगार पर हैं। टंकियों के संसाधन जर्जर व खराब होने के कारण करीब एक लाख से अधिक आबादी को शुद्ध पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
कभी रायबरेली जिले का हिस्सा रहे तिलोई तहसील क्षेत्र के स्थानीय कस्बा में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी द्वारा पानी की टंकी का निर्माण कराकर योजना का शुभारंभ किया गया था। वर्ष 1972 में तिलोई कस्बा स्थित ब्लॉक मुख्यालय के निकट टंकी का निर्माण कराया गया, लेकिन बोर खराब होने के कारण संचालन नहीं हो सका। जिसके बाद 1973 में तिलोई कस्बा स्थित हनुमानगढ़ी मैदान के निकट कस्बा वासियों को योजना की सौगात देने का काम किया गया था। पानी टंकी का लाभ कस्बा के अगल बगल के गांवों में भी पहुंच सके इसके लिए विभाग की ओर से पाइप लाइन भी बिछाई गई।
80 के दशक में प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी द्वारा ब्लॉक क्षेत्र के गड़ेहरी, भगीरथपुर, रमई, कमई, ओनडीह व सिंहपुर क्षेत्र के इन्हौना, रस्तामऊ, फूला, करनगांव, सातन पुरवा, अहोरवा भवानी व पेंडारा गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराकर सैकड़ों गांव को इसके लाभ से जोड़ा गया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से निर्मित पानी की टंकियां कुछ दिनों तक ही संचालित होने के बाद क्षेत्र के लोगों के लिए महज शोपीस बनकर रह गई हैं।
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तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के गड़ेहरी में हर एक घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए तत्कालीन सांसद राजीव गांधी द्वारा गांव में पानी की टंकी का निर्माण कर पाइप लाइन का जाल बिछाकर लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। निर्माण के कुछ वर्षों बाद बोरिंग बिगड़ते ही पेयजल का लाभ मिलना लोगों को बंद हो गया। गांव के लगभग पांच हजार उपभोक्ताओं के लिए पानी टंकी महज शोपीस बनकर रह गई है। इसके चलते ग्रामीणों को आज भी दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
जलनिगम के जेई आरके यादव ने बताया कि कई बार नई बोरिंग कराने के बाद भी बोरिंग फेल होने व पुरानी पाइप लाइन में जंग लगने के कारण कई टंकियों का संचालन ठप है। इसके लिए शासन को बजट का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट मिलते ही मरम्मत कराकर टंकियों का संचालन शुरू कराया जाएगा।
मौजूदा समय में भागीरथपुर, गड़ेहरी गांव में बोरिंग बर्स्ट होने से टंकियों का संचालन नहीं हो पा रहा है। ओनडीह, रमई व सिंहपुर के रस्तामऊ में बनी टंकी का भी यही हाल है। यहां निर्मित टंकियां भी मरम्मत के अभाव में लोगों को जलापूर्ति नहीं कर पा रही हैं। तिलोई, कमई, फूला, करनगांव में टंकी का संचालन जैसे तैसे किया जा रहा है। अधिकांश हिस्सों में पाइप लाइन जर्जर होने के कारण प्रत्येक घरों तक पानी न पहुंच पाने के कारण लोग योजना का लाभ पाने से वंचित हैं।
क्षेत्र में ठप पड़ी सभी पानी की टंकी के संचालन व हर एक घर को पाइप पेयजल आपूर्ति योजना से जोडने के लिए तिलोई विधायक व सूबे के चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने शासन को पत्र भेजा है। विधायक ने तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत तिलोई, सेमरौता, अकबरपुर फर्शी, ठोकरपुर, रामनगर, विराज, मनीमनोहर व मेढौना में नई पानी टंकी बनवाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है।
परिसर में ग्रामीण जमा कर रहे कंडे
फोटो संख्या-23/24/25/26
ग्रामीण राजू तिवारी, गुरसेवक लाल श्रीवास्तव, मनोज कुमार वर्मा व देवनाथ मिश्र आदि का कहना है गांव शारदा सहायक खंड 28 नहर के किनारे बसा होने के कारण लोग आज भी खारा पानी पीने को मजबूर हैं। कई बार मामले की शिकायत करने के बाद भी विभाग की ओर से पानी टंकी का संचालन शुरू नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत के साथ पूरे धुत, पूरे बैसन, पूरे लक्ष्मन, पूरे गौतम के अलावा शंकरगंज, जमुरवा ग्राम पंचायत के लोगों को भी पानी के लिए पाइप लाइन बिछाई गई थी। पानी की टंकी का संचालन न होने के कारण बने परिसर में ग्रामीणों का कब्जा है। यहां लोग अपने मवेशियों को पालने के अलावा कंडे व लकड़ियों का ढेर लगाते हैं।
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कभी रायबरेली जिले का हिस्सा रहे तिलोई तहसील क्षेत्र के स्थानीय कस्बा में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी द्वारा पानी की टंकी का निर्माण कराकर योजना का शुभारंभ किया गया था। वर्ष 1972 में तिलोई कस्बा स्थित ब्लॉक मुख्यालय के निकट टंकी का निर्माण कराया गया, लेकिन बोर खराब होने के कारण संचालन नहीं हो सका। जिसके बाद 1973 में तिलोई कस्बा स्थित हनुमानगढ़ी मैदान के निकट कस्बा वासियों को योजना की सौगात देने का काम किया गया था। पानी टंकी का लाभ कस्बा के अगल बगल के गांवों में भी पहुंच सके इसके लिए विभाग की ओर से पाइप लाइन भी बिछाई गई।
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80 के दशक में प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी द्वारा ब्लॉक क्षेत्र के गड़ेहरी, भगीरथपुर, रमई, कमई, ओनडीह व सिंहपुर क्षेत्र के इन्हौना, रस्तामऊ, फूला, करनगांव, सातन पुरवा, अहोरवा भवानी व पेंडारा गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराकर सैकड़ों गांव को इसके लाभ से जोड़ा गया था। लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से निर्मित पानी की टंकियां कुछ दिनों तक ही संचालित होने के बाद क्षेत्र के लोगों के लिए महज शोपीस बनकर रह गई हैं।
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तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के गड़ेहरी में हर एक घर तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए तत्कालीन सांसद राजीव गांधी द्वारा गांव में पानी की टंकी का निर्माण कर पाइप लाइन का जाल बिछाकर लोगों को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। निर्माण के कुछ वर्षों बाद बोरिंग बिगड़ते ही पेयजल का लाभ मिलना लोगों को बंद हो गया। गांव के लगभग पांच हजार उपभोक्ताओं के लिए पानी टंकी महज शोपीस बनकर रह गई है। इसके चलते ग्रामीणों को आज भी दूषित पानी पीना पड़ रहा है।
जलनिगम के जेई आरके यादव ने बताया कि कई बार नई बोरिंग कराने के बाद भी बोरिंग फेल होने व पुरानी पाइप लाइन में जंग लगने के कारण कई टंकियों का संचालन ठप है। इसके लिए शासन को बजट का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट मिलते ही मरम्मत कराकर टंकियों का संचालन शुरू कराया जाएगा।
मौजूदा समय में भागीरथपुर, गड़ेहरी गांव में बोरिंग बर्स्ट होने से टंकियों का संचालन नहीं हो पा रहा है। ओनडीह, रमई व सिंहपुर के रस्तामऊ में बनी टंकी का भी यही हाल है। यहां निर्मित टंकियां भी मरम्मत के अभाव में लोगों को जलापूर्ति नहीं कर पा रही हैं। तिलोई, कमई, फूला, करनगांव में टंकी का संचालन जैसे तैसे किया जा रहा है। अधिकांश हिस्सों में पाइप लाइन जर्जर होने के कारण प्रत्येक घरों तक पानी न पहुंच पाने के कारण लोग योजना का लाभ पाने से वंचित हैं।
क्षेत्र में ठप पड़ी सभी पानी की टंकी के संचालन व हर एक घर को पाइप पेयजल आपूर्ति योजना से जोडने के लिए तिलोई विधायक व सूबे के चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने शासन को पत्र भेजा है। विधायक ने तिलोई ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत तिलोई, सेमरौता, अकबरपुर फर्शी, ठोकरपुर, रामनगर, विराज, मनीमनोहर व मेढौना में नई पानी टंकी बनवाने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा है।
परिसर में ग्रामीण जमा कर रहे कंडे
फोटो संख्या-23/24/25/26
ग्रामीण राजू तिवारी, गुरसेवक लाल श्रीवास्तव, मनोज कुमार वर्मा व देवनाथ मिश्र आदि का कहना है गांव शारदा सहायक खंड 28 नहर के किनारे बसा होने के कारण लोग आज भी खारा पानी पीने को मजबूर हैं। कई बार मामले की शिकायत करने के बाद भी विभाग की ओर से पानी टंकी का संचालन शुरू नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत के साथ पूरे धुत, पूरे बैसन, पूरे लक्ष्मन, पूरे गौतम के अलावा शंकरगंज, जमुरवा ग्राम पंचायत के लोगों को भी पानी के लिए पाइप लाइन बिछाई गई थी। पानी की टंकी का संचालन न होने के कारण बने परिसर में ग्रामीणों का कब्जा है। यहां लोग अपने मवेशियों को पालने के अलावा कंडे व लकड़ियों का ढेर लगाते हैं।