{"_id":"5eda6f9c8ebc3e90b014740e","slug":"water-amethi-news-lko5246212161","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधर में करनाईपुर एकल ग्राम पेयजल योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधर में करनाईपुर एकल ग्राम पेयजल योजना
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अमेठी। संग्रामपुर के करनाईपुर गांव में ग्रामीणों को खारे पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए ढाई करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 300 केएल क्षमता वाली पानी की टंकी का कार्य अधर में लटक गया है। यह स्थिति तीन माह पूर्व बर्खास्त कार्यदायी संस्था जल निगम के जेई द्वारा चार्ज नहीं देने से उत्पन्न हुई है।
संग्रामपुर ब्लॉक के दस पुरवों की ग्राम पंचायत करनाईपुर की आबादी छह हजार से अधिक है। ग्राम पंचायत के सभी पुरवों में खारे पानी की गंभीर समस्या है। गांव के लोग मजबूरन खारे पानी का उपयोग कर रहे हैं। जिसके चलते लोग तमाम बीमारियों के शिकार होते हैं। ग्रामीण बीते कई वर्षों से पेयजल योजना के तहत पानी की टंकी बनवाए जाने की मांग कर रहे थे। शासन की ओर से खारे पानी से निजात दिलाए जाने के लिए वर्ष 2019 में करनाईपुर गांव में एकल ग्राम पेयजल योजना के तहत करीब ढाई करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृति हुई थी।
इस योजना के तहत ग्राम पंचायत में 300 केएल क्षमता वाली पानी की टंकी और सभी पुरवों में पानी सप्लाई के लिए 34 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने का काम जनवरी 2019 में ही शुरू हुआ था। जल निगम की ओर से इस कार्य को पूरा कराने की जिम्मेदारी अवर अभियंता दीपक कुमार को दी गई थी। परियोजना का कार्य शबाब पर था इसी बीच दीपक कुमार समेत जिले में तैनात पांच अवर अभियंता वर्ष 2017 में हुई भर्ती में धांधली के मामले में बर्खास्त कर दिए गए। परियोजना का काम देख्रा रहे जेई की बर्खास्तगी के बाद परियोजना का काम जेई नीरज कुमार को मिला। हालांकि बर्खास्त जेई के चार्ज नहीं देने से परियोजना का कार्य अधर में लटक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार के बीच सामंजस्य नहीं होने से निर्माण कार्य नहीं हो रहा है।
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एक्सईएन जल निगम महेंद्र राम ने बताया कि लॉकडाउन के चलते कार्य बंद था। कहा कि भर्ती के मामले में शासन के निर्देश पर पूर्व के जेई दीपक कुमार को विभाग से हटा दिया गया है। जेई नीरज प्रजापति कार्य देख रहे हैं। चार्ज के संबंध में उन्होंने कुछ साफ जवाब नहीं दिया। कहा कि शीघ्र ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
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संग्रामपुर ब्लॉक के दस पुरवों की ग्राम पंचायत करनाईपुर की आबादी छह हजार से अधिक है। ग्राम पंचायत के सभी पुरवों में खारे पानी की गंभीर समस्या है। गांव के लोग मजबूरन खारे पानी का उपयोग कर रहे हैं। जिसके चलते लोग तमाम बीमारियों के शिकार होते हैं। ग्रामीण बीते कई वर्षों से पेयजल योजना के तहत पानी की टंकी बनवाए जाने की मांग कर रहे थे। शासन की ओर से खारे पानी से निजात दिलाए जाने के लिए वर्ष 2019 में करनाईपुर गांव में एकल ग्राम पेयजल योजना के तहत करीब ढाई करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृति हुई थी।
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इस योजना के तहत ग्राम पंचायत में 300 केएल क्षमता वाली पानी की टंकी और सभी पुरवों में पानी सप्लाई के लिए 34 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाने का काम जनवरी 2019 में ही शुरू हुआ था। जल निगम की ओर से इस कार्य को पूरा कराने की जिम्मेदारी अवर अभियंता दीपक कुमार को दी गई थी। परियोजना का कार्य शबाब पर था इसी बीच दीपक कुमार समेत जिले में तैनात पांच अवर अभियंता वर्ष 2017 में हुई भर्ती में धांधली के मामले में बर्खास्त कर दिए गए। परियोजना का काम देख्रा रहे जेई की बर्खास्तगी के बाद परियोजना का काम जेई नीरज कुमार को मिला। हालांकि बर्खास्त जेई के चार्ज नहीं देने से परियोजना का कार्य अधर में लटक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार के बीच सामंजस्य नहीं होने से निर्माण कार्य नहीं हो रहा है।
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एक्सईएन जल निगम महेंद्र राम ने बताया कि लॉकडाउन के चलते कार्य बंद था। कहा कि भर्ती के मामले में शासन के निर्देश पर पूर्व के जेई दीपक कुमार को विभाग से हटा दिया गया है। जेई नीरज प्रजापति कार्य देख रहे हैं। चार्ज के संबंध में उन्होंने कुछ साफ जवाब नहीं दिया। कहा कि शीघ्र ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।