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Amethi News: मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Sun, 20 Aug 2023 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 20 Aug 2023 11:57 PM IST
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बाजार शुकुल (अमेठी)। थानाक्षेत्र के पूरे गुजरन मजरे खेममऊ में शनिवार की देरशाम बोरिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने से मासूम की मौत के मामले में रविवार को आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। बाद में पहुंचे अफसरों ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया। आर्थिक सहायता व नौकरी देने के आश्वासन पर बात बनी।
इस दौरान जल निगम ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। एडीएम ने पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है। शनिवार की देरशाम थानाक्षेत्र के पूरे गुजरन मजरे खेममऊ गांव में हर घर जल के तहत जल जीवन मिशन योजना में बोरिंग के लिए खोद गए गड्ढे डूबने से शारूख के तीन वर्षीय पुत्र सेहरान की मौत हो गई थी। रविवार को आक्रोशित परिजन व ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। अफसरों व कार्यदायी संस्था के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे एसओ अवनीश कुमार चौहान ने परिजनों को समझाया बुझाया। बाद में मौके नायब तहसीलदार बलवीर सिंह ने ग्रामीणों ने वार्ता की। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
ग्रामीणों की मांग पर नायब तहसीलदार की मौजूदगी में कार्यदायी संस्था के डिस्ट्रिक प्रोजेक्ट मैनेजर अजय राज सिंह ने परिजनों की मांग पूरी करने का बात कही। मृतक मासूम की मां रेशमा बानो के खाते में पांच लाख रुपए की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजी गई।
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पिता शारुख को कंपनी में 10 साल के लिए नौकरी पर रखने की बात कही। नायब तहसीलदार ने दैवी आपदा योजना से परिवार को चार लाख की आर्थिक मदद करने की संस्तुति की। इसके बाद परिजन व ग्रामीण माने। एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि इस मामले पर पूरी नजर है। एसडीएम व अन्य अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
पटवाया गया गड्ढा
ग्रामीणों की मांग पर बोरिंग के लिए खोदे गए गड्ढे को पटवा कर एक माह के अंदर गांव की बाहर अन्य जगह बोरिंग कराने की बात कही गई है। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। समझौता होने के बाद परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। एसओ ने बताया कि परिवार व कार्यदायी संस्था के बीच समझौता होने से तहरीर नहीं मिली है। समझौते के बाद परिजन मान गए और मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया।
गड्ढे की पटाई हुई होती तो न जाती मासूम बच्चे की जान
खेममऊ पूरे गुजरन गांव में हर घर जल योजना के तहत बोरिंग के लिए बनाए गए गड्ढे को यदि पाट दिया गया होता तो मासूम आज जीवित होता। मासूम की मौत के बाद मां रेशमा बानो, पिता शारुख का रो-रोकर हाल बेहाल है। मां बस ही कहती कि पता होता तो खेलने के नहीं छोड़ती। क्या पता था कि बाहर खेल रहा अरमान अब उसके लिए सपना बन गया। मासूम सेहरान की मौत के बाद गांव में गम का माहौल है। हर कोई परिवार को सांत्वना देने की कोशिश भले ही करता लेकिन उसकी आंखें भी नम हो जाती थी।
छावनी में तब्दील रहा गांव
मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों व परिजनों का आक्रोश देखते हुए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। रात पर गांव में पुलिस का पहरा रहा तो पोस्टमॉर्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार तक गांव में चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रहीं।
जल निगम के अधिशाषी अभियंता वीपी सिंह का कहना है कि पीड़ित परिजनों व कार्यदायी संस्था के बीच समझौता करवा दिया गया है। गड्ढे को भी पटवा दिया गया है। पूरे मामले में लापरवाही की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसके आधार पर उत्तदायित्व तय किया जाएगा।
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इस दौरान जल निगम ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। एडीएम ने पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है। शनिवार की देरशाम थानाक्षेत्र के पूरे गुजरन मजरे खेममऊ गांव में हर घर जल के तहत जल जीवन मिशन योजना में बोरिंग के लिए खोद गए गड्ढे डूबने से शारूख के तीन वर्षीय पुत्र सेहरान की मौत हो गई थी। रविवार को आक्रोशित परिजन व ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। अफसरों व कार्यदायी संस्था के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे एसओ अवनीश कुमार चौहान ने परिजनों को समझाया बुझाया। बाद में मौके नायब तहसीलदार बलवीर सिंह ने ग्रामीणों ने वार्ता की। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की।
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ग्रामीणों की मांग पर नायब तहसीलदार की मौजूदगी में कार्यदायी संस्था के डिस्ट्रिक प्रोजेक्ट मैनेजर अजय राज सिंह ने परिजनों की मांग पूरी करने का बात कही। मृतक मासूम की मां रेशमा बानो के खाते में पांच लाख रुपए की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजी गई।
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पिता शारुख को कंपनी में 10 साल के लिए नौकरी पर रखने की बात कही। नायब तहसीलदार ने दैवी आपदा योजना से परिवार को चार लाख की आर्थिक मदद करने की संस्तुति की। इसके बाद परिजन व ग्रामीण माने। एडीएम अर्पित गुप्ता ने बताया कि इस मामले पर पूरी नजर है। एसडीएम व अन्य अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
पटवाया गया गड्ढा
ग्रामीणों की मांग पर बोरिंग के लिए खोदे गए गड्ढे को पटवा कर एक माह के अंदर गांव की बाहर अन्य जगह बोरिंग कराने की बात कही गई है। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। समझौता होने के बाद परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। एसओ ने बताया कि परिवार व कार्यदायी संस्था के बीच समझौता होने से तहरीर नहीं मिली है। समझौते के बाद परिजन मान गए और मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया।
गड्ढे की पटाई हुई होती तो न जाती मासूम बच्चे की जान
खेममऊ पूरे गुजरन गांव में हर घर जल योजना के तहत बोरिंग के लिए बनाए गए गड्ढे को यदि पाट दिया गया होता तो मासूम आज जीवित होता। मासूम की मौत के बाद मां रेशमा बानो, पिता शारुख का रो-रोकर हाल बेहाल है। मां बस ही कहती कि पता होता तो खेलने के नहीं छोड़ती। क्या पता था कि बाहर खेल रहा अरमान अब उसके लिए सपना बन गया। मासूम सेहरान की मौत के बाद गांव में गम का माहौल है। हर कोई परिवार को सांत्वना देने की कोशिश भले ही करता लेकिन उसकी आंखें भी नम हो जाती थी।
छावनी में तब्दील रहा गांव
मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों व परिजनों का आक्रोश देखते हुए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। रात पर गांव में पुलिस का पहरा रहा तो पोस्टमॉर्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार तक गांव में चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रहीं।
जल निगम के अधिशाषी अभियंता वीपी सिंह का कहना है कि पीड़ित परिजनों व कार्यदायी संस्था के बीच समझौता करवा दिया गया है। गड्ढे को भी पटवा दिया गया है। पूरे मामले में लापरवाही की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसके आधार पर उत्तदायित्व तय किया जाएगा।