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यूक्रेन में फंसे दो और छात्र पहुंचे अपने घर

Sat, 05 Mar 2022 10:53 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 10:53 PM IST
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Two more students trapped in Ukraine reached their homes
फुरसतगंज : यूक्रेन से वापस लौटने के बाद पिता नियाज अहमद के साथ मौजूद रेहान। -संवाद - फोटो : AMETHI
मुसाफिरखाना/फुरसतगंज (अमेठी)। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए दो और छात्र सकुशल घर लौट आए हैं। सकुशल घर लौटने पर छात्र व उनके परिवारीजन गदगद हैं। दोनों छात्रों के परिवारीजनों ने सरकार का आभार जताया है।
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मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र के तीन छात्र यूक्रेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई करते हैं। पिछले दिनों रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध छिड़ने के बाद सभी छात्र वहां फंस गए थे। युद्ध शुरू होने के बाद परिवारीजन जहां उनकी सकुशल वापसी को लेकर परेशान थे। वहीं शासन प्रशासन उन्हें किसी तरह निकाल लाने की कोशिश में जुटा था। यूक्रेन में फंसे छात्रों में कमरौली निवासी मो. फैज, यूपीएसआईडीसी कठौरा निवासी भानु प्रताप सिंह तथा दुलारीनगर निवासी गुलाम रब्बानी के नाम शामिल थे। बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार बलबीर सिंह तीनों छात्रों के घर जानकारी जुटाने गए थे। नायब तहसीलदार ने बताया कि मिशन गंगा के तहत केंद्र सरकार के सहयोग से छात्र भानु प्रताप सिंह व गुलाम रब्बानी बृहस्पतिवार देर रात घर पहुंच चुके थे। जबकि फैज शुक्रवार देर रात सकुशल घर पहुंच गया। फैज के घर पहुंचने के बाद उसके परिवारीजनों ने सरकार का आभार जताया।
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उधर, फुरसतगंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोटवारमऊ के पूरे गुलाब शाह गांव निवासी नियाज अहमद का पुत्र रेहान अहमद 2017 मे एमएबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गया था। रूस और यूक्रेन के हमले में वह फंस गया। भारत सरकार की मदद से शुक्रवार को वह भी सकुशल अपने घर वापस आ गया। रेहान के पिता नियाज अहमद मेडिकल स्टोर चलाते हैं। रेहान ने बताया कि लड़ाई शुरू होने के बाद 26 फरवरी को मैं और मेरे साथी 40 अन्य छात्र यूक्रेन से रोमानिया के लिए रवाना हुए। सड़क पर अधिक ट्रैफिक होने के कारण आठ किलोमीटर रोमानिया सीमा तक पैदल जाना पड़ा। यहां हमें भारत के वालंटियर मिले। इन्होंने हमारी मदद की। 24 घंटे बाद हमें इंट्री मिली। इसके बाद मैं अपने घर लौट सका। मैं भारत सरकार व अमेठी सांसद स्मृति ईरानी का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने हमारी मदद की। बिना किसी खर्च के हमें अपने घर पहुंचाया। साथ ही रोमानिया सरकार का भी मदद के लिए शुक्रगुजार हूं।
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