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Amethi News: काम है सरकारी और फाइलें निपटा रहे बाहरी

Fri, 18 Jul 2025 12:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Fri, 18 Jul 2025 12:53 AM IST
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The work is government work and outsiders are handling the files
एआरटीओ कार्यालय में कक्ष के अंदर मौजूद लोगों का काम निपटाता कर्मचारी। -संवाद
अमेठी सिटी। एआरटीओ का दफ्तर साहब के खास लोगों की मर्जी से चल रहा है। बृहस्पतिवार को एआरटीओ की नाक के नीचे बाहरी लोग विभागीय काम निपटाते मिले। उनके रेस्ट रूम में लखनऊ और गाजीपुर के युवक कंप्यूटर पर फाइलें अप्रूव करते देखे गए। एआरटीओ उन्हें अपना निजी कर्मी बताकर बचाव करते नजर आए।
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दोपहर करीब 12:35 बजे एक वाहन स्वामी फिटनेस प्रमाणपत्र लेने पहुंचे। वह काफी दिनों से कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। रेट तय कर साहब के खास बिचौलिए ने उनसे कहा कि पैसा दो, काम तुरंत होगा। हामी भरते ही बिचौलिया फाइल लेकर रेस्ट रूम में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।
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कुछ देर बाद विभागीय कर्मचारी ने तीन बार विशेष अंदाज में रेस्ट रूम का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खुला तो अंदर दो युवक बैठे मिले। एक बाहर निकला और खुद को कर्मचारी बताया, लेकिन जब पद पूछा गया तो बोला कि लखनऊ से आया हूं। नाम रेहान है। मदद के लिए यहां हूं। बाहरी लोगों के कार्यालय में काम करने के बाबत एआरटीओ महेश बाबू से सवाल किया गया तो पहले उन्होंने रेस्ट रूम को खाली बताया गया।
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दोबारा पूछने पर एआरटीओ ने किसी को फोन किया, जिस पर रेस्ट रूम से एक और युवक बाहर आया, जिसने खुद को गाजीपुर निवासी रोनित बताया। बाद में उसे एआरटीओ का चालक बताया गया। रेस्ट रूम और एआरटीओ महेश बाबू का कमरा एक दूसरे से अटैच है। उनसे सवाल किया गया कि दोनों बाहरी युवक कमरे में कंप्यूटर पर क्या कर रहे थे। रेस्ट रूम के भीतर से फाइलों की मंजूरी देने के खेल पर एआरटीओ जवाब देने से बचते दिखे।



विभागीय बाबू थमा रहें फाइलें
कार्यालय के बाबू भी अब साहब के खास के प्रभाव को नकार नहीं पा रहे हैं। कई कर्मचारी चुपचाप फाइलें बिचौलियाें को सौंप देते हैं। अमर उजाला की पूर्व रिपोर्ट में भी यह सामने आ चुका है कि अधिकारी के करीबी लोग सीधे विभागीय प्रक्रियाओं में दखल दे रहे हैं और बाबू असहाय महसूस करते हैं।





नियम के अनुसार हो रहा काम
एआरटीओ प्रशासन महेंद्र बाबू ने बताया कि कमरे में मौजूद व्यक्ति उनका चालक है, जिसे गर्मी के कारण बाहर नहीं बैठाया गया। कंप्यूटर पर कोई कार्य नहीं हो रहा था। जब दूसरे युवक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कोई बाहरी नहीं है। जिस युवक को कैमरे में देखा गया, उसकी जानकारी नहीं है। वह कमरे में कैसे आया, इसकी जांच कराई जाएगी।
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