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Amethi News: बारिश ने खोली नालों की सफाई की पोल

Wed, 21 Jun 2023 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Wed, 21 Jun 2023 11:59 PM IST
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The rain exposed the cleaning of drains
सड़क पर बना जलभराव
गौरीगंज (अमेठी)। मंगलवार की रात व बुधवार की सुबह हुई 9 मिलीमीटर बारिश ने दावों का सच बयां कर दिया। फ्लाईओवर के नीचे दोनों तरफ कई जगह पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। पालिका के अधिकारियों का कहना है कि यहां पर नए नाले के निर्माण को लेकर प्रक्रिया चल रही है।सीएमओ दफ्तर हो या फिर रणंजय कॉलेज का मैदान, यहां भी जलभराव जैसी स्थिति रही। नगर स्थित दस बड़े नालों की सफाई का दावा ईओ अवनीश शुक्ला कर रहे हैं। छोटे नाले या नालियों के बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं दे सके। कलेक्ट्रेट मोड़ के पास नाली कूड़े से डंप है। जिससे बारिश का पानी जमा है। जायस कस्बे में भी जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में समस्या हुई।
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तार टूटने से बिजली रही गुल
बारिश के कारण उमस बढ़ गई है। गौरीगंज ब्लॉक के पास बिजली का तार टूटने से बिजली गुल रही। यही नहीं, कई क्षेत्रों लो वोल्टेज की समस्या रही। जिला अस्पताल में बुधवार को कुल छह सौ मरीज आए। इसमें से 201 मरीज बुखार के आए।
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इनसेट
पहली बारिश से किसानों के चेहरे खिले
बाजार शुकुल। किसान देवीलाल शर्मा का कहना है कि एक भी अच्छी बारिश न होने से फसल सूख रही थी। एक ओर धान की नर्सरी की तैयारी चल रही है, और दूसरी ओर अन्य फसलों को समय पर पानी नहीं मिल रहा था। इस कारण बारिश की ज्यादा थी।
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इनसेट
खेती किसानी के लिए उपयुक्त समय
जगदीशपुर। कृषि विज्ञान केन्द्र कठौरा के अध्यक्ष डॉ. आर के आनंद ने बताया कि बुधवार की सुबह 9 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई, जोकि मानसून पूर्व बारिश थी। इस बारिश से सबसे ज्यादा फायदा धान की नर्सरी को हुआ। हरी खाद के लिए देर से बोई गई ढैंचा की फसल को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
अगले पांच छह दिनों में मानसूनी बारिश होने की संभावना है। इसलिए जिन किसानों ने देर से बोई गई उर्दू मूंग एवं सूरजमुखी की तुड़ाई नहीं की है, वे तुरंत कर लें। इसके अतिरिक्त खेत के सभी मेड़ों को मजबूत कर लें। जिससे बारिश का पानी खेत में संरक्षित हो सके तथा मिट्टी का क्षरण न हो सके। मानसून पूर्व बारिश सांवा, कोदो, रागी की बुवाई के लिए काफी लाभप्रद रहती है।
अरहर, तिल, सावां, कोदो, रागी जैसी फसलों की बुवाई भी की जा सकती है। जिन किसानों ने अभी तक अपने खेत की जुताई नहीं की है तो इस बारिश से मिली नमी का फायदा उठाकर खेत की जुताई पूर्ण कर लें। बहुत से किसानों ने काफी पहले धान की नर्सरी डाल दिया था और उनकी नर्सरी इस समय रोपाई के लिए तैयार है तो खेत में पानी लगा कर रोपाई प्रारंभ किया जा सकता है।

कृषि विश्वविद्यालय अयोध्या के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर सीताराम मिश्रा के अनुसार मंगलवार को हुई बारिश मानसून पूर्व बारिश थी तथा यह समय मानसून आने के लिए बिल्कुल अनुकूल है। इसलिए अगले 26 से 27 जून के बाद जिले में मानसूनी बारिश प्रारंभ होने की संभावना है।
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