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Amethi News: संजीवनी से कम नहीं ट्राॅमा है सेंटर की सौगात

Thu, 12 Feb 2026 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Thu, 12 Feb 2026 12:02 AM IST
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The gift of the trauma center is no less than Sanjeevani.
अमेठी सिटी। स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से अमेठी जिला काफी पिछड़ा है। मेडिकल कॉलेज अभी निर्माणाधीन है। जगदीशपुर ट्रॉमा सेंटर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है। जिला अस्पताल में एक भी इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की तैनाती नहीं है। ऐसे में जिले के लोगो को ट्राॅमा सेंटर की सौगात मिलना किसी संजीवनी से कम नहीं है। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय पर ट्रॉमा सेंटर की जरूरत है। जिला अस्पताल में इसे खोले जाने की घोषणा हुई है। पूरी कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द ट्रॉमा सेंटर खुले और मरीजों को इसका लाभ मिलना शुरू हो सके।
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इमरजेंसी सेवाओं की बात करें तो जगदीशपुर ट्रॉमा सेंटर में महज 10 बेड पर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। वहां गंभीर रूप से घायल या बीमारी से पीड़ित मरीज पहुंचते हैं तो उन्हें 80 किलोमीटर दूर लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। गौरीगंज मुख्यालय पर 100 बेड का जिला अस्पताल है, लेकिन इमरजेंसी में महज 10 बेड हैं। यहां एक भी ईएमओ नहीं है। अस्पताल में तैनात डॉक्टरों की इमरजेंसी ड्यूटी लगाई जाती है, जिससे ओपीडी में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होती हैं।
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मेडिकल कॉलेज के निर्माण की समयावधि बार-बार बढ़ाई जा रही है। बताया जा रहा है कि 31 मार्च तक पूरी बिल्डिंग हैंड ओवर कर दी जाएगी। अभी वहां ओपीडी सेवाएं ही सुचारू हो पाई हैं। इसके अलावा 200 बेड के रेफरल अस्पताल में मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज आने वाले गंभीर मरीजों को सुल्तानपुर, रायबरेली एम्स या फिर लखनऊ रेफर किया जा रहा है। (संवाद)
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जिला अस्पताल में जगह की समस्या
जिला अस्पताल और सीएचसी गौरीगंज एक ही परिसर में संचालित है। यहां जगह की कमी है। ऐसे में अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर खोलना किसी चुनौती से कम नहीं है। अगर इसी परिसर में ट्रॉमा खुलता है तो मरीजों को त्वरित उपचार मिल सकेगा। उन्हें बेहतर उपचार के लिए दूसरे जिलों तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।


मुख्यालय से निकलते हैं तीन हाईवे
बांदा-टांडा, मुसाफिरखाना-गौरीगंज-चिलबिला (प्रतापगढ़), जगदीशपुर-गौरीगंज-लालगंज (प्रतापगढ़) हाईवे मुख्यालय से होकर निकलते हैं। इनमें बांदा-टांडा हाईवे पर बाबूगंज, नहर कोठी, फुरसतगंज, तेतारपुर मोड़ और मुंशीगंज दुर्घटना बहुल स्थल हैं। मुसाफिरखाना-गौरीगंज-चिलबिला (प्रतापगढ़) पर बारामासी, राजगढ़, कालिकन मोड़ और बाईपास डेंजर जोन में आते हैं। जगदीशपुर-गौरीगंज-लालगंज (प्रतापगढ़) हाईवे पर बासूपुर, दयालापुर मोड़, माधवपुर, भटगवां मोड़, भुएं, गोगमऊ, हारीमऊ में अक्सर हादसे हो रहते हैं।
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