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जिले तक पहुंची लखीमपुर खीरी में बवाल की आंच
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21 : इन्हौना : एसडीएम को ज्ञापन देते किसान। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया कस्बे में रविवार को हुए बवाल में चार किसानों की मौत की तपिश सोमवार को जिले तक पहुंच गई। घटना से नाराज बड़ी संख्या में किसान संगठन और राजनीतिक दल सड़क पर उतर पड़े और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन व नारेबाजी की।
सपा कार्यकर्ताओं व किसान संगठनों ने सभी तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर किसानों को न्याय व दोषियों को सजा देने की मांग की। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता भी किसानों के पक्ष में सड़क पर उतरे और प्रदर्शन कर अफसरों को ज्ञापन दिया।
किसान संगठनों व पार्टियों की ओर से दिए गए ज्ञापन में मृत किसानों को शहीद बताते हुए उनके परिवार को आर्थिक सहायता व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट के साथ सभी तहसील मुख्यालयों को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
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दोषियों को जल्द से जल्द हो गिरफ्तारी
गौरीगंज। घटना से आक्रोशित रीता सिंह जलकल्याण समिति के बैनर तले महिला किसानों ने प्रदर्शन किया। महिला किसानों ने किसान नेता रीता सिंह के नेतृत्व में शहर में जुलूस निकालकर केेंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची महिला किसानों ने किसान आंदोलन को समाप्त कराने के लिए लखीमपुर कांड को सोजी समझी साजिश करार दिया।
महिला किसानों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में लखीमपुर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र की ओर से अंजाम दी गई घटना की निंदा की। महिला किसानों ने मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजने, मृतक किसानों के परिवार को आर्थिक सहायता व एक सदस्य को नौकरी देने के साथ कृषि कानून समाप्त करने की मांग की है। इस मौके पर भानमती, चांदनी, कमलेशा, गीता, नीतू, नौरंगा व श्यामा समेत बड़ी संख्या में महिला किसान मौजूद रहीं।
प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग
गौरीगंज। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन पर उतरे किसानों ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी करार दिया। किसानों ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्र की ओर से किसानों पर कार चढ़ाकर उन्हें मौत के घाट उतारने की घटना की निंदा करते हुए जमकर हंगामा किया। किसानों ने केेंद्र व प्रदेश सरकार को किसानों के हितों पर कृषि कानून समाप्त करने की बात कहते हुए किसानों का उत्पीड़न बंद करने को कहा।
किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देते हुए दोषियों की गिरफ्तारी, घटना की सीबीआई जांच कराने, मृत किसानों के परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने तथा एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। किसानों ने मांगेें पूरी नहीं होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर किसान नेता शिव कुमार पांडेय, हरीश सिंह, कमला प्रसाद त्रिपाठी, कुसुम वर्मा, त्रिवेणी प्रसाद पांडेय व राम कुमार समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों की हत्या, सरकार की विफलता
गौरीगंज। लखीमपुर में कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को वाहन से रौंदने की घटना तथा कई किसानों की मौत के बाद से सोमवार को आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता प्रदर्शन पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने शहर स्थित कार्यालय में एकत्र होने के बाद किसानों का उत्पीड़न करने तथा पूंजीपतियों को लाभान्वित करने के लिए कृषि कानून पास करने का आरोप सरकार पर लगाया। बैठक के बाद कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार पर किसानों पर लाठीचार्ज करने, कंटीले तार लगाकर रोकने तथा गाली गलौज कर अपमानित करने का आरोप लगाया।
कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र की ओर से कारित घटना को सरकार की तानाशाही करार दिया। कार्यकर्ताओ ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री से इस्तीफा लेने, मृतक व घायल किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ ही कृषि कानून वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शिव प्रसाद कश्यप, आवेश हनफी, चंद्रजीत यादव, संतोष कुमार, आशीष तिवारी व ठाकुर प्रसाद मौजूद रहे।
अखिलेश की नजरबंदी पर भड़के सपाई
गौरीगंज। किसानों की मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को नजरबंद करने की सूचना पर सपाई आक्रोशित हो गए। कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष राम उदित यादव की अगुवाई में पैदल मार्च करते हुए शहर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर धरने पर बैठने के बाद प्रशासन की मान मनौवल पर कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट गेट बंद देख कार्यकर्ताओं ने पुलिस से नोकझोंक करते हुए गेट को धक्का देकर प्रवेश किया। कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने के बाद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार को किसान विरोधी व तानाशाह करार दिया।
सपाइयों के विरोध को देखते हुए मौके पर पहुंचे एडीएम सुशील प्रताप सिंह व एएसपी विनोद कुमार ने शांत कराया। दोनों अफसरों ने सपा नेताओं से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन लिया। ज्ञापन में अखिलेश को लखीमपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिलने देने, मृत किसानों के आश्रितों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, केंद्रीय गृह मंत्री व डिप्टी सीएम को पद से बर्खास्त करने, दोषियों को जेल भेजने तथा पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने मांगेें पूरी नहीं होने पर सड़क से सदन तक प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इस मौके पर गिरीश यादव, जैनुल हसन, रचना कोरी, रामकेवल यादव, लईक अहमद, पिंटू यादव व मनीराम वर्मा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेसियों ने उपवास कर जताया विरोध
गौरीगंज। लखीमपुर मेें गाड़ी से कुचल कर किसानों की हत्या के बाद मौके पर जा रहीं राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से हुए दुर्व्यवहार से आक्रोशित कांग्रेसियों ने सत्याग्रह किया। शहर स्थित कार्यालय के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन के साथ उपवास करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार को तानाशाह करार दिया। कांग्रेसियों ने केंद्रीय गृह मंत्री व उनके पुत्र की कृत्य को गंभीर बताते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेसियों ने कृषि कानून से किसानों के बजाए पूंजीपतियों के लाभान्वित होने की बात कही। कहा कि सरकार आंदोलन कर रहे किसानों की बात न सुनकर उनकी हत्या करा रही है। कांग्रेसियों ने मृतक किसानों के परिवार को आर्थिक सहायता देने, आश्रितों को नौकरी देने, घटना की सीबीआई जांच कराने तथा दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करते हुए जिम्मेदार केेंद्रीय गृह राज्य मंत्री से इस्तीफा लेने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय महासचिव को रिहा करने के साथ ही दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष शत्रुघन सिंह, राजीव सिंह, प्रशांत त्रिपाठी, डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, अभिषेक सिंह पंकज, रामबरन कश्यप, फतेह बहादुर व अभिषेक विक्रम समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे।
छावनी में तब्दील रहा जिला
गौरीगंज। किसान संगठन व विभिन्न राजनैतिक दलों के विरोध प्रदर्शन की सूचना पर जिला प्रशासन सक्रिय रहा। जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट व तिलोई तहसील का मुख्यद्वार बंद करा दिया। सभी तहसीलों के परिसर छावनी में तब्दील रहे। दोपहर 12 बजे के बाद प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से तहसीलों मेें आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस भी प्रभावित हुआ। कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हो इसके लिए प्रशासन लगातार निगरानी करने में जुटा है।
किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
इन्हौना। भाकियू टिकैत गुट के किसानों ने सोमवार को सिंहपुर ब्लॉक परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों की बर्बरतापूर्वक हत्या करने की घटना को निंदनीय बताते हुए एसडीएम तिलोई श्रद्धा सिंह को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में मृतक किसानों के पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने व मामले की जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई व कई स्थानीय समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग की है। इस मौके पर जितेंद्र बहादुर सिंह, शमीमा बानो, रामसरण व राघवेंद्र सिंह समेत कई किसान मौजूद रहे।
सपाइयों ने घेरा तहसील मुख्यालय
तिलोई। लखीमपुर खीरी की घटना में किसान की मौत से नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने मो. सऊद की अगुवाई में तहसील मुख्यालय घेर लिया। सपाइयों ने प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को रिहा करने के साथ कृषि कानून समाप्त करने, मृतक किसानों के आश्रितों को आर्थिक मदद देने समेत अन्य मांगें पूरी करने की मांग की है। इस मौके पर नूर मोहम्मद समेत बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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सपा कार्यकर्ताओं व किसान संगठनों ने सभी तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर किसानों को न्याय व दोषियों को सजा देने की मांग की। कांग्रेस व आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता भी किसानों के पक्ष में सड़क पर उतरे और प्रदर्शन कर अफसरों को ज्ञापन दिया।
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किसान संगठनों व पार्टियों की ओर से दिए गए ज्ञापन में मृत किसानों को शहीद बताते हुए उनके परिवार को आर्थिक सहायता व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के साथ घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट के साथ सभी तहसील मुख्यालयों को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
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गौरीगंज। घटना से आक्रोशित रीता सिंह जलकल्याण समिति के बैनर तले महिला किसानों ने प्रदर्शन किया। महिला किसानों ने किसान नेता रीता सिंह के नेतृत्व में शहर में जुलूस निकालकर केेंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची महिला किसानों ने किसान आंदोलन को समाप्त कराने के लिए लखीमपुर कांड को सोजी समझी साजिश करार दिया।
महिला किसानों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में लखीमपुर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र की ओर से अंजाम दी गई घटना की निंदा की। महिला किसानों ने मामले की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेजने, मृतक किसानों के परिवार को आर्थिक सहायता व एक सदस्य को नौकरी देने के साथ कृषि कानून समाप्त करने की मांग की है। इस मौके पर भानमती, चांदनी, कमलेशा, गीता, नीतू, नौरंगा व श्यामा समेत बड़ी संख्या में महिला किसान मौजूद रहीं।
प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग
गौरीगंज। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन पर उतरे किसानों ने प्रदेश सरकार को किसान विरोधी करार दिया। किसानों ने केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्र की ओर से किसानों पर कार चढ़ाकर उन्हें मौत के घाट उतारने की घटना की निंदा करते हुए जमकर हंगामा किया। किसानों ने केेंद्र व प्रदेश सरकार को किसानों के हितों पर कृषि कानून समाप्त करने की बात कहते हुए किसानों का उत्पीड़न बंद करने को कहा।
किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन देते हुए दोषियों की गिरफ्तारी, घटना की सीबीआई जांच कराने, मृत किसानों के परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने तथा एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। किसानों ने मांगेें पूरी नहीं होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर किसान नेता शिव कुमार पांडेय, हरीश सिंह, कमला प्रसाद त्रिपाठी, कुसुम वर्मा, त्रिवेणी प्रसाद पांडेय व राम कुमार समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसानों की हत्या, सरकार की विफलता
गौरीगंज। लखीमपुर में कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को वाहन से रौंदने की घटना तथा कई किसानों की मौत के बाद से सोमवार को आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता प्रदर्शन पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने शहर स्थित कार्यालय में एकत्र होने के बाद किसानों का उत्पीड़न करने तथा पूंजीपतियों को लाभान्वित करने के लिए कृषि कानून पास करने का आरोप सरकार पर लगाया। बैठक के बाद कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंच प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार पर किसानों पर लाठीचार्ज करने, कंटीले तार लगाकर रोकने तथा गाली गलौज कर अपमानित करने का आरोप लगाया।
कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पुत्र की ओर से कारित घटना को सरकार की तानाशाही करार दिया। कार्यकर्ताओ ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री से इस्तीफा लेने, मृतक व घायल किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ ही कृषि कानून वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शिव प्रसाद कश्यप, आवेश हनफी, चंद्रजीत यादव, संतोष कुमार, आशीष तिवारी व ठाकुर प्रसाद मौजूद रहे।
अखिलेश की नजरबंदी पर भड़के सपाई
गौरीगंज। किसानों की मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को नजरबंद करने की सूचना पर सपाई आक्रोशित हो गए। कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष राम उदित यादव की अगुवाई में पैदल मार्च करते हुए शहर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर धरने पर बैठने के बाद प्रशासन की मान मनौवल पर कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट गेट बंद देख कार्यकर्ताओं ने पुलिस से नोकझोंक करते हुए गेट को धक्का देकर प्रवेश किया। कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने के बाद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए सरकार को किसान विरोधी व तानाशाह करार दिया।
सपाइयों के विरोध को देखते हुए मौके पर पहुंचे एडीएम सुशील प्रताप सिंह व एएसपी विनोद कुमार ने शांत कराया। दोनों अफसरों ने सपा नेताओं से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन लिया। ज्ञापन में अखिलेश को लखीमपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिलने देने, मृत किसानों के आश्रितों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, केंद्रीय गृह मंत्री व डिप्टी सीएम को पद से बर्खास्त करने, दोषियों को जेल भेजने तथा पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने मांगेें पूरी नहीं होने पर सड़क से सदन तक प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इस मौके पर गिरीश यादव, जैनुल हसन, रचना कोरी, रामकेवल यादव, लईक अहमद, पिंटू यादव व मनीराम वर्मा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेसियों ने उपवास कर जताया विरोध
गौरीगंज। लखीमपुर मेें गाड़ी से कुचल कर किसानों की हत्या के बाद मौके पर जा रहीं राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से हुए दुर्व्यवहार से आक्रोशित कांग्रेसियों ने सत्याग्रह किया। शहर स्थित कार्यालय के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन के साथ उपवास करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार को तानाशाह करार दिया। कांग्रेसियों ने केंद्रीय गृह मंत्री व उनके पुत्र की कृत्य को गंभीर बताते हुए पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेसियों ने कृषि कानून से किसानों के बजाए पूंजीपतियों के लाभान्वित होने की बात कही। कहा कि सरकार आंदोलन कर रहे किसानों की बात न सुनकर उनकी हत्या करा रही है। कांग्रेसियों ने मृतक किसानों के परिवार को आर्थिक सहायता देने, आश्रितों को नौकरी देने, घटना की सीबीआई जांच कराने तथा दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करते हुए जिम्मेदार केेंद्रीय गृह राज्य मंत्री से इस्तीफा लेने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय महासचिव को रिहा करने के साथ ही दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष शत्रुघन सिंह, राजीव सिंह, प्रशांत त्रिपाठी, डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, अभिषेक सिंह पंकज, रामबरन कश्यप, फतेह बहादुर व अभिषेक विक्रम समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे।
छावनी में तब्दील रहा जिला
गौरीगंज। किसान संगठन व विभिन्न राजनैतिक दलों के विरोध प्रदर्शन की सूचना पर जिला प्रशासन सक्रिय रहा। जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट व तिलोई तहसील का मुख्यद्वार बंद करा दिया। सभी तहसीलों के परिसर छावनी में तब्दील रहे। दोपहर 12 बजे के बाद प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से तहसीलों मेें आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस भी प्रभावित हुआ। कोई अप्रिय घटना घटित नहीं हो इसके लिए प्रशासन लगातार निगरानी करने में जुटा है।
किसानों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
इन्हौना। भाकियू टिकैत गुट के किसानों ने सोमवार को सिंहपुर ब्लॉक परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों की बर्बरतापूर्वक हत्या करने की घटना को निंदनीय बताते हुए एसडीएम तिलोई श्रद्धा सिंह को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में मृतक किसानों के पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने व मामले की जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई व कई स्थानीय समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग की है। इस मौके पर जितेंद्र बहादुर सिंह, शमीमा बानो, रामसरण व राघवेंद्र सिंह समेत कई किसान मौजूद रहे।
सपाइयों ने घेरा तहसील मुख्यालय
तिलोई। लखीमपुर खीरी की घटना में किसान की मौत से नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने मो. सऊद की अगुवाई में तहसील मुख्यालय घेर लिया। सपाइयों ने प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को रिहा करने के साथ कृषि कानून समाप्त करने, मृतक किसानों के आश्रितों को आर्थिक मदद देने समेत अन्य मांगें पूरी करने की मांग की है। इस मौके पर नूर मोहम्मद समेत बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

19 : गौरीगंज : शहर स्थित कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय के बाहर उपवास पर बैठे कांग्रेसी। -संवाद- फोटो : AMETHI

18 : गौरीगंज : कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठे सपा कार्याकर्ता। -संवाद- फोटो : AMETHI

15 : गौरीगंज : कलेक्ट्रेट में संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले धरना देते किसान। -संवाद- फोटो : AMETHI

14 : गौरीगंज : कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करतीं महिला किसान। -संवाद- फोटो : AMETHI