{"_id":"6914da95540228fa580abc5b","slug":"the-decision-in-the-anganwadi-worker-recruitment-case-will-be-taken-on-18th-amethi-news-c-96-1-ame1002-152176-2025-11-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती केस में 18 को आएगा फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती केस में 18 को आएगा फैसला
Thu, 13 Nov 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 13 Nov 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी सिटी। बाल विकास पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती के दौरान फर्जी आय प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हथियाने के चार मामलों में बुधवार को जिला मजिस्ट्रेट संजय चौहान की कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क और साक्ष्य प्रस्तुत किए। सुनवाई पूरी होने के बाद डीएम कोर्ट ने आदेश के लिए 18 नवंबर की तिथि निर्धारित की है।
मुसाफिरखाना तहसील के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर निकली भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों के आय प्रमाणपत्र पर आपत्ति दर्ज की गई थी। मेरिट सूची में दूसरे स्थान पर रहीं आवेदकों ने चयनित उम्मीदवारों पर गलत प्रमाणपत्र लगाने का आरोप लगाया था। तहसीलदार स्तर पर जांच में प्रमाणपत्र गलत पाए गए, जिसके बाद चयनित अभ्यर्थियों ने एसडीएम कोर्ट में अपील की।
एसडीएम कोर्ट से अपील खारिज होने पर अभ्यर्थियों ने जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाद दायर कर एसडीएम के आदेश को निरस्त करने की मांग की। चयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तरमुन के खिलाफ रुकसाना, अजरा के खिलाफ जबीना बानो, नीरज कुमारी के खिलाफ पूनम और शैलजा के खिलाफ पिंकी गौतम ने अलग-अलग वाद दायर किए हैं। बुधवार को चारों मामलों में दोनों पक्षों की ओर से बहस हुई। पत्रावली में मौजूद दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने सभी वादों पर आदेश के लिए 18 नवंबर की तिथि तय की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुसाफिरखाना तहसील के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर निकली भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों के आय प्रमाणपत्र पर आपत्ति दर्ज की गई थी। मेरिट सूची में दूसरे स्थान पर रहीं आवेदकों ने चयनित उम्मीदवारों पर गलत प्रमाणपत्र लगाने का आरोप लगाया था। तहसीलदार स्तर पर जांच में प्रमाणपत्र गलत पाए गए, जिसके बाद चयनित अभ्यर्थियों ने एसडीएम कोर्ट में अपील की।
विज्ञापन
एसडीएम कोर्ट से अपील खारिज होने पर अभ्यर्थियों ने जिला मजिस्ट्रेट कोर्ट में वाद दायर कर एसडीएम के आदेश को निरस्त करने की मांग की। चयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तरमुन के खिलाफ रुकसाना, अजरा के खिलाफ जबीना बानो, नीरज कुमारी के खिलाफ पूनम और शैलजा के खिलाफ पिंकी गौतम ने अलग-अलग वाद दायर किए हैं। बुधवार को चारों मामलों में दोनों पक्षों की ओर से बहस हुई। पत्रावली में मौजूद दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने सभी वादों पर आदेश के लिए 18 नवंबर की तिथि तय की है।
विज्ञापन