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Amethi News: एक साथ उठी चचेरे भाइयों की अर्थी, हर आंख नम
Sun, 06 Jul 2025 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 06 Jul 2025 11:58 PM IST
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जगदीशपुर (अमेठी)। रायबरेली-अयोध्या हाईवे पर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चचेरे भाइयों के शव जब मंगरौरा गांव पहुंचे तो लोगों की आंखों में आंसू भर आए। एक साथ उठी दोनों की अर्थी ने गांव के माहौल को शोकग्रस्त कर दिया।
कमरौली के मंगरौरा गांव निवासी साहिल (22) और फैजान (15) चचेरे भाई थे। शनिवार को दोनों युवक मुहर्रम पर बहन के घर खिचड़ा देने निकले थे। मंगौली मोड़ के पास टैंकर ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचे तो घर के आंगन में चुपचाप खड़े लोगों की आंखें नम हो गईं।
हर कोई सिर्फ इतना कह रहा थ कि अब ये घर कैसे चलेगा। गांव की गलियां सिसकियों से भर उठीं। पिता की वर्षों पहले मौत के बाद साहिल ही परिवार का सहारा बना था। छोटा भाई जोहेब अभी पढ़ाई कर रहा है। मां नियाजुल बार-बार यही पूछती रहीं कि कहां चला गया मेरा साहिल। फैजान अपने परिवार का अकेला पुत्र था।
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बहन रिजा, माहिरा और नईशू का रो-रोकर हाल बेहाल था। मां साबितुल निशा और दादा कयूम चुप्पी में डूबे रहे। जब दोनों की एक साथ अर्थी उठी तो मंगरौरा ही नहीं आसपास के गांवों से भी लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। हर कोई यही कहता सुना गया कि अब इन घरों की खामोशी कौन तोड़ेगा। गांव में अब भी शोक का माहौल है। लोग पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
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कमरौली के मंगरौरा गांव निवासी साहिल (22) और फैजान (15) चचेरे भाई थे। शनिवार को दोनों युवक मुहर्रम पर बहन के घर खिचड़ा देने निकले थे। मंगौली मोड़ के पास टैंकर ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचे तो घर के आंगन में चुपचाप खड़े लोगों की आंखें नम हो गईं।
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हर कोई सिर्फ इतना कह रहा थ कि अब ये घर कैसे चलेगा। गांव की गलियां सिसकियों से भर उठीं। पिता की वर्षों पहले मौत के बाद साहिल ही परिवार का सहारा बना था। छोटा भाई जोहेब अभी पढ़ाई कर रहा है। मां नियाजुल बार-बार यही पूछती रहीं कि कहां चला गया मेरा साहिल। फैजान अपने परिवार का अकेला पुत्र था।
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बहन रिजा, माहिरा और नईशू का रो-रोकर हाल बेहाल था। मां साबितुल निशा और दादा कयूम चुप्पी में डूबे रहे। जब दोनों की एक साथ अर्थी उठी तो मंगरौरा ही नहीं आसपास के गांवों से भी लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। हर कोई यही कहता सुना गया कि अब इन घरों की खामोशी कौन तोड़ेगा। गांव में अब भी शोक का माहौल है। लोग पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।