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Amethi News: व्हाट्सएप कॉल से पल-पल की जानकारी ले रहे थे हमलावर
Sat, 08 Nov 2025 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 08 Nov 2025 12:42 AM IST
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अमेठी सिटी। गौरीगंज के पूरे फाजिल मोड़ के पास सोमवार को गूजरटोला निवासी अंकित सिंह पर हमला करने वाले पूरी तैयारी से आए थे। अंकित के करीबी ने ही व्हाट्सएप कॉल करके हमलावरों को पल-पल की जानकारी दी थी। पुलिस अब उस करीबी की तलाश में जुट गई है। हालांकि अभी तक पुलिस हमले के मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता को नहीं पकड़ सकी है।
पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि वारदात वाले दिन अंकित जब लखनऊ से निकला, उस वक्त संदीप अपने साथियों संग जायस में मौजूद था। जैसे ही अंकित के गौरीगंज पहुंचने की जानकारी मिली, संदीप एसयूवी से साथियों को लेकर रेलवे स्टेशन आ गया था। जब अंकित बाइक से निकला तो हमलावर उसके पीछे लग गए थे।
अंकित के काजीपट्टी बाजार में रुकने पर बदमाश कुछ आगे जाकर पैगा मोड़ पर इंतजार कर रहे थे। तभी पुलिस वाहन उधर से गुजरा तो हमलावर आगे बढ़ गए थे। काजीपट्टी से जब अंकित गांव की ओर निकला था, तभी पूरे फाजिल मोड़ के पास अंकित की बुलेट में टक्कर मारी गई थी। अंकित के गिरते ही उस पर राॅड से हमला और फायरिंग की गई थी। टक्कर के दौरान बदमाशों की एसयूवी खड्ड में चली गई थी, जिसे धक्का देकर बाहर निकाला गया था।
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संदीप ने रचा था षडयंत्र
बताया जा रहा है कि संदीप और जिशान करीबी दोस्त थे। जिशान की मौत के बाद संदीप ने बदला लेने का इरादा बना लिया था। पुलिस के मुताबिक संदीप अपना वर्चस्व भी बनाना चाहता था। इसीलिए उसने अंकित पर हमला करने और दोस्त की मौत का बदला लेने का षडयंत्र रचा था।
जमीन बेचकर जुटाए गए थे पैसे
हमले की साजिश में शामिल जलील एक साल पहले भतीजे जिशान की मौत से बेहद आहत था। जलील और उसके भाई इस्लाम के परिवार में केवल बेटियां हैं। जिशान इस्लाम का एकमात्र बेटा था। बताया जा रहा है कि जलील ने जमीन बेचकर पैसे जुटाए। हमलावरों को ठीकठाक रकम दी गई, जिसके बाद संदीप, उदयभान सिंह व चार अन्य हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया।
मुख्य आरोपियों पर दर्ज हैं केस
कासिमपुर गांव निवासी संदीप कुमार पर पांच आपराधिक केस दर्ज हैं। रायबरेली के नसीराबाद क्षेत्र के बिन्नवा गांव निवासी उदय सिंह पर 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अंकित पर हमले में इन दोनों को नामजद किया गया है।
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पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि वारदात वाले दिन अंकित जब लखनऊ से निकला, उस वक्त संदीप अपने साथियों संग जायस में मौजूद था। जैसे ही अंकित के गौरीगंज पहुंचने की जानकारी मिली, संदीप एसयूवी से साथियों को लेकर रेलवे स्टेशन आ गया था। जब अंकित बाइक से निकला तो हमलावर उसके पीछे लग गए थे।
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अंकित के काजीपट्टी बाजार में रुकने पर बदमाश कुछ आगे जाकर पैगा मोड़ पर इंतजार कर रहे थे। तभी पुलिस वाहन उधर से गुजरा तो हमलावर आगे बढ़ गए थे। काजीपट्टी से जब अंकित गांव की ओर निकला था, तभी पूरे फाजिल मोड़ के पास अंकित की बुलेट में टक्कर मारी गई थी। अंकित के गिरते ही उस पर राॅड से हमला और फायरिंग की गई थी। टक्कर के दौरान बदमाशों की एसयूवी खड्ड में चली गई थी, जिसे धक्का देकर बाहर निकाला गया था।
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संदीप ने रचा था षडयंत्र
बताया जा रहा है कि संदीप और जिशान करीबी दोस्त थे। जिशान की मौत के बाद संदीप ने बदला लेने का इरादा बना लिया था। पुलिस के मुताबिक संदीप अपना वर्चस्व भी बनाना चाहता था। इसीलिए उसने अंकित पर हमला करने और दोस्त की मौत का बदला लेने का षडयंत्र रचा था।
जमीन बेचकर जुटाए गए थे पैसे
हमले की साजिश में शामिल जलील एक साल पहले भतीजे जिशान की मौत से बेहद आहत था। जलील और उसके भाई इस्लाम के परिवार में केवल बेटियां हैं। जिशान इस्लाम का एकमात्र बेटा था। बताया जा रहा है कि जलील ने जमीन बेचकर पैसे जुटाए। हमलावरों को ठीकठाक रकम दी गई, जिसके बाद संदीप, उदयभान सिंह व चार अन्य हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया।
मुख्य आरोपियों पर दर्ज हैं केस
कासिमपुर गांव निवासी संदीप कुमार पर पांच आपराधिक केस दर्ज हैं। रायबरेली के नसीराबाद क्षेत्र के बिन्नवा गांव निवासी उदय सिंह पर 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अंकित पर हमले में इन दोनों को नामजद किया गया है।