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Amethi News: टीम ने मालती और उज्जैनी नदी का किया निरीक्षण
Thu, 20 Apr 2023 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 20 Apr 2023 12:17 AM IST
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जल बिरादरी टीम मौके पर पड़ताल करती हुई।
अमेठी। अमेठी जल बिरादरी की ओर से जिले की मालती और उज्जैनी नदी के पूर्व नाम को अभिलेखों में दर्ज करने की मांग उठाई गई थी। बुधवार को डीएम की ओर से गठित अफसरों की टीम ने दोनों नदियों का स्थलीय निरीक्षण किया।अमेठी जल बिरादरी की ओर से लगातार जल संरक्षण एवं तालाब नदियों और नालों के पुनरुद्धार को लेकर कार्य किया जा रहा है। पांच अप्रैल को अमेठी जल बिरादरी अध्यक्ष डॉ. अर्जुन पांडेय ने डीएम को मांग पत्र देकर बताया था कि जिले में दो प्रमुख नदियां मालती एवं उज्जयिनी थीं। जिनका नाम सरकारी अभिलेखों में नाला व ड्रेन दर्ज हो गया है।
उन्होंने अभिलेखों में मालती नदी का नाम ठेंगहा नाला तो उज्जयिनी नदी का नाम गुलालपुर ड्रेन दर्ज होने की बात कही। मांग पत्र में कहा था कि नदियों का नाम बदलने के चलते जनभावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने नाला बन चुकी इन पौराणिक नदियों को मौलिक एवं लोक प्रचलित नाम वापस दिलाकर सदानीरा बनाए जाने की बात कही है।
इससे पहले भी जल बिरादरी अध्यक्ष ने प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र से दोनों नदियों का नाम पूर्ववत किए जाने की मांग उठा चुके हैं। मांग पत्र मिलने के बाद डीएम ने मनरेगा के डिप्टी कमिश्नर एके सिंह को जांच की जिम्मेदारी दी। डीएम का निर्देश मिलने के बाद बुधवार को डीसी मनरेगा बीडीओ हरिश्चंद्र के साथ दोनों नदियों की वस्तु स्थिति की जानकारी के लिए उज्जयिनी नदी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अमेठी जल बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. अर्जुन पांडेय, जलप्रहरी सत्येंद्र प्रकाश शुक्ल व कौशल कुमार मिश्र मौजूद रहे। डॉ. अर्जुन ने कहा कि मालती एवं उज्जयिनी नदी को उनको अपना नाम मिलने पर ही इन सूखी पड़ी नदियों का पुनर्जीवन संभव है।
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उन्होंने अभिलेखों में मालती नदी का नाम ठेंगहा नाला तो उज्जयिनी नदी का नाम गुलालपुर ड्रेन दर्ज होने की बात कही। मांग पत्र में कहा था कि नदियों का नाम बदलने के चलते जनभावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने नाला बन चुकी इन पौराणिक नदियों को मौलिक एवं लोक प्रचलित नाम वापस दिलाकर सदानीरा बनाए जाने की बात कही है।
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इससे पहले भी जल बिरादरी अध्यक्ष ने प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र से दोनों नदियों का नाम पूर्ववत किए जाने की मांग उठा चुके हैं। मांग पत्र मिलने के बाद डीएम ने मनरेगा के डिप्टी कमिश्नर एके सिंह को जांच की जिम्मेदारी दी। डीएम का निर्देश मिलने के बाद बुधवार को डीसी मनरेगा बीडीओ हरिश्चंद्र के साथ दोनों नदियों की वस्तु स्थिति की जानकारी के लिए उज्जयिनी नदी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अमेठी जल बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. अर्जुन पांडेय, जलप्रहरी सत्येंद्र प्रकाश शुक्ल व कौशल कुमार मिश्र मौजूद रहे। डॉ. अर्जुन ने कहा कि मालती एवं उज्जयिनी नदी को उनको अपना नाम मिलने पर ही इन सूखी पड़ी नदियों का पुनर्जीवन संभव है।
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