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कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में मानकों की उड़ीं धज्जियां
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04 : गौरीगंज :विशुनदासपुर में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट में डीएम के निरीक्षण में मिली खामी। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। शहर के जामो रोड पर चल रहेे कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण में गंभीर खामियां सामने आईं हैं। निर्माण पूरा होने से पहले ही भवन की मजबूती पर सवाल खड़े होने लगे हैं। इन खामियों पर डीएम की ओर से सख्त रवैया अख्तियार किए जाने के बाद कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों में हड़कंप मचा है।
जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण मार्च 2016 में शुरू हुआ था। शासन की ओर से शुरुआत में इसकी लागत 10 करोड़ 40 लाख 94 हजार निर्धारित की गई थी जो रिवाइज इस्टीमेट के जरिए अब 17 करोड़ 77 लाख 42 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
कलेक्ट्रेट निर्माण की कार्यदायी संस्था राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड (पैकफेड) है। पैकफेड के अनुसार वह अब तक 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर चुकी है। निर्माण कार्य में चल रही इस प्रगति के बीच भवन निर्माण के मानक व मजबूती पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
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कार्यदायी संस्था की ओर से कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण भवन के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही व मनमानी की पोल पिछले दिनों डीएम अरुण कुमार की ओर से किए गए निरीक्षण में खुली। तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने पाया कि भवन निर्माण के निर्धारित मानक को बिलकुल दरकिनार किया जा रहा है। इससे न सिर्फ भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं वहीं भविष्य में दुर्घटना की आशंका भी बनी रहेगी।
निरीक्षण टीम कई इंजीनियर भी रहे शामिल
आठ अक्तूबर को हुए जिस निरीक्षण में यह खामियां पाई गईं उसमें डीएम के साथ कई इंजीनियर भी शामिल रहे। टीम में एडीएम वित्त एवं राजस्व एसपी सिंह के अलावा पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन शैलेंद्र कुमार, पैकफेड के एक्सईएन अशोक त्रिपाठी, निर्माण प्रखंड द्वितीय अयोध्या सुल्तानपुर के एक्सईएन नूर आलम, आरईडी के एई अजय कुमार आदि शामिल रहे।
एडीएम से मांगी गई रिपोर्ट
भवन निर्माण में पकड़ी गई खामियों के सभी बिंदुओं पर डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व सुशील प्रताप सिंह को कार्यदायी संस्था से जवाब तलब करते हुए रिपोर्ट मांगी है। एडीएम से कहा गया है कि जिन गंभीर खामियों को पकड़ा गया है उनमें सुधार कराते हुए कार्यदायी संस्था पर अर्थदंड लगाने के साथ ही उनसे क्षति की रिकवरी कराई जाए।
भवन में मिली गंभीर खामियों पर एक नजर
1. पोर्च एरिया में चार कॉलम के ऊपर आरसीसी बीम सेंटर लाइन में नहीं है।
2. बिल्डिंग में लगाई जा रही ग्रेनाइट तो मानक के अनुसार 18 एमएम की मिली लेकिन मौके पर 15 एमएम की ग्रेनाइट भी मौजूद मिली।
3. डोम एरिया का आर्च सिमेट्रिक नहीं पाया गया तथा स्लैब की कंक्रीट में जगह-जगह हनी कांबिंग पाई गई।
4. डोम के कॉलम में 330 एमएम का डाया बनाया गया है जबकि ऊपर 230 एमएम चौड़ाई की बीम डाली गई है। इसके कारण कॉलम का प्रोजेक्शन बीम के बाहर आ रहा है।
5. ए ब्लॉक के निर्माणाधीन द्वितीय डोम में कॉलम का वर्टिकल अलाइनमेंट व वेंटीलेशन हेतु बनाई गई आर्च समरूप नहीं पाई गई।
6. डीएम के विश्राम कक्ष की बाहरी दीवारों पर सीलन के बावजूद पुट्टी होती मिली।
7. कैंटीन ब्लॉक के डोम निर्माण में सरिया निर्धारित मानक की नहीं मिली।
8. बी ब्लॉक के डोम निर्माण में कॉलम व डायमीटर भूतल पर 330 व प्रथम तल पर 305 एमएम पाया गया।
9. डी ब्लॉक के डोम के कॉलम में सरिया व सरियों की दूरी मानक के अनुसार नहीं है।
10. सी ब्लॉक के प्रथम तल पर बनाए गए जीने में एक लेवल नहीं है। यहां प्रसाधन में ब्रिक वर्क की चिनाई में गैप मानक के अनुरूप नहीं मिला।
11. अनावासीय भवन के सी ब्लॉक में प्लास्टर मानक के अनुरूप नहीं मिला। कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ता मिला।
खामियां दूर नहीं हुई तो करेंगे ब्लैक लिस्ट
डीएम अरुण कुमार ने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण में कार्यदायी संस्था ने घोर लापरवाही बरती है। लापरवाही व मनमानी से ऐसी खामियां उत्पन्न हुई हैं। इन खामियों की वजह से बिल्डिंग का स्थायित्व भी प्रभावित होगा। एडीएम की रिपोर्ट मिलने व कार्यदायी संस्था की ओर से खामियां दूर नहीं किए जाने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के अलावा शासन को रिपोर्ट भेजकर संस्था को ब्लैक लिस्ट कराया जाएगा।
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जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण मार्च 2016 में शुरू हुआ था। शासन की ओर से शुरुआत में इसकी लागत 10 करोड़ 40 लाख 94 हजार निर्धारित की गई थी जो रिवाइज इस्टीमेट के जरिए अब 17 करोड़ 77 लाख 42 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
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कलेक्ट्रेट निर्माण की कार्यदायी संस्था राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड (पैकफेड) है। पैकफेड के अनुसार वह अब तक 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर चुकी है। निर्माण कार्य में चल रही इस प्रगति के बीच भवन निर्माण के मानक व मजबूती पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
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कार्यदायी संस्था की ओर से कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण भवन के निर्माण में बरती जा रही लापरवाही व मनमानी की पोल पिछले दिनों डीएम अरुण कुमार की ओर से किए गए निरीक्षण में खुली। तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण करने पहुंचे डीएम ने पाया कि भवन निर्माण के निर्धारित मानक को बिलकुल दरकिनार किया जा रहा है। इससे न सिर्फ भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं वहीं भविष्य में दुर्घटना की आशंका भी बनी रहेगी।
निरीक्षण टीम कई इंजीनियर भी रहे शामिल
आठ अक्तूबर को हुए जिस निरीक्षण में यह खामियां पाई गईं उसमें डीएम के साथ कई इंजीनियर भी शामिल रहे। टीम में एडीएम वित्त एवं राजस्व एसपी सिंह के अलावा पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन शैलेंद्र कुमार, पैकफेड के एक्सईएन अशोक त्रिपाठी, निर्माण प्रखंड द्वितीय अयोध्या सुल्तानपुर के एक्सईएन नूर आलम, आरईडी के एई अजय कुमार आदि शामिल रहे।
एडीएम से मांगी गई रिपोर्ट
भवन निर्माण में पकड़ी गई खामियों के सभी बिंदुओं पर डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व सुशील प्रताप सिंह को कार्यदायी संस्था से जवाब तलब करते हुए रिपोर्ट मांगी है। एडीएम से कहा गया है कि जिन गंभीर खामियों को पकड़ा गया है उनमें सुधार कराते हुए कार्यदायी संस्था पर अर्थदंड लगाने के साथ ही उनसे क्षति की रिकवरी कराई जाए।
भवन में मिली गंभीर खामियों पर एक नजर
1. पोर्च एरिया में चार कॉलम के ऊपर आरसीसी बीम सेंटर लाइन में नहीं है।
2. बिल्डिंग में लगाई जा रही ग्रेनाइट तो मानक के अनुसार 18 एमएम की मिली लेकिन मौके पर 15 एमएम की ग्रेनाइट भी मौजूद मिली।
3. डोम एरिया का आर्च सिमेट्रिक नहीं पाया गया तथा स्लैब की कंक्रीट में जगह-जगह हनी कांबिंग पाई गई।
4. डोम के कॉलम में 330 एमएम का डाया बनाया गया है जबकि ऊपर 230 एमएम चौड़ाई की बीम डाली गई है। इसके कारण कॉलम का प्रोजेक्शन बीम के बाहर आ रहा है।
5. ए ब्लॉक के निर्माणाधीन द्वितीय डोम में कॉलम का वर्टिकल अलाइनमेंट व वेंटीलेशन हेतु बनाई गई आर्च समरूप नहीं पाई गई।
6. डीएम के विश्राम कक्ष की बाहरी दीवारों पर सीलन के बावजूद पुट्टी होती मिली।
7. कैंटीन ब्लॉक के डोम निर्माण में सरिया निर्धारित मानक की नहीं मिली।
8. बी ब्लॉक के डोम निर्माण में कॉलम व डायमीटर भूतल पर 330 व प्रथम तल पर 305 एमएम पाया गया।
9. डी ब्लॉक के डोम के कॉलम में सरिया व सरियों की दूरी मानक के अनुसार नहीं है।
10. सी ब्लॉक के प्रथम तल पर बनाए गए जीने में एक लेवल नहीं है। यहां प्रसाधन में ब्रिक वर्क की चिनाई में गैप मानक के अनुरूप नहीं मिला।
11. अनावासीय भवन के सी ब्लॉक में प्लास्टर मानक के अनुरूप नहीं मिला। कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ता मिला।
खामियां दूर नहीं हुई तो करेंगे ब्लैक लिस्ट
डीएम अरुण कुमार ने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण में कार्यदायी संस्था ने घोर लापरवाही बरती है। लापरवाही व मनमानी से ऐसी खामियां उत्पन्न हुई हैं। इन खामियों की वजह से बिल्डिंग का स्थायित्व भी प्रभावित होगा। एडीएम की रिपोर्ट मिलने व कार्यदायी संस्था की ओर से खामियां दूर नहीं किए जाने पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के अलावा शासन को रिपोर्ट भेजकर संस्था को ब्लैक लिस्ट कराया जाएगा।

03 : गौरीगंज : विशुनदासपुर में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट में डीएम के निरीक्षण में मिली खामी। -संवाद- फोटो : AMETHI

02 : गौरीगंज : विशुनदासपुर में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट में डीएम के निरीक्षण में मिली खामी। -संवाद- फोटो : AMETHI