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ननद-भाभी का शव पहुंचा घर, मचा कोहराम
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10 : फुरसतगंज : तिनेरा गांव में रोते-बिलखते मृतक के परिवारीजन। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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फुरसतगंज (अमेठी)। फुरसतगंज के तिनेरा गांव में सोमवार सुबह एक साथ दो शव पहुंचने पर कोहराम मच गया। दुर्घटना में घायल दंपती का शव उनके पैतृक गांव भेजा गया। दो लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। सुबह से ही सांत्वना देने वालों का तांता लगा है।
तिनेरा गांव निवासी राम बहादुर का बड़ा पुत्र रोहित हरियाणा के गुरुग्राम में प्राइवेट नौकरी करता था। रोहित के साथ उसकी पत्नी सुमनलता, छोटा भाई अवनीश, बड़ी बहन लक्ष्मी तथा बहनोई धर्मेंद्र भी रहते थे। सुमनलता के गर्भवती होने के चलते देखरेख के लिए रोहित की छोटी बहन पूजा भी गुरुग्राम गई थी। राम बहादुर के घर पर 11 अक्तूबर (सोमवार) को राम चरित मानस का शुभारंभ तथा मंगलवार को भोज का आयोजन था।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रविवार सुबह गुरुग्राम से अवनीश कार से भाभी सुमनलता, बहन लक्ष्मी व पूजा, बहनोई धर्मेंद्र, भांजा अनिरुद्ध तथा गुरुग्राम में उनके मकान के बगल रहने वाली पड़ोसी मोहिनी को लेकर तिनेरा के लिए निकले थे। इनकी कार यमुना एक्सप्रेस-वे पर मथुरा के केडी मेडिकल कॉलेज के समीप अनियंत्रित होकर ट्रक में घुस गई।
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दुर्घटना में सुमनलता, लक्ष्मी, धर्मेंद्र तथा मोहिनी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पूजा, अवनीश व अनिरुद्ध को घायलावस्था में केडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने सभी घायलों की हालत गंभीर देख लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। घायल पूजा की भी रास्ते में मौत हो गई। सुमनलता तथा पूजा का शव तिनेरा तो धर्मेंद्र व लक्ष्मी का शव उनके पैतृक गांव रायबरेली के नसीराबाद स्थित बरखुरदारपुर गांव ले जाया गया।
मोहिनी का शव मथुरा से ही गुरुग्राम भेज दिया गया। बहू व बेटी का शव घर पहुंचने पर राम बहादुर के परिवार में कोहराम मचा है। पूजा के शव का पंचनामा कराकर फुरसतंगज पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सोमवार को राम बहादुर के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। बहू, दो बेटी व एक दामाद की मौत से राम बहादुर के घर ही नहीं पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।
अवनीश व अनिरुद्ध का चल रहा इलाज
दुर्घटना में घायल अवनीश तथा छह वर्षीय अनिरुद्ध का इलाज रायबरेली में चल रहा है। दोनों जिंदगी मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। गांव के लोग दोनों घायलों के स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
गम में डूबा परिवार
राम बहादुर के चार पुत्र रोहित, मोहित, अवनीश तथा अंश के साथ ही चार पुत्री लक्ष्मी, पूजा, नेहा तथा शालू हैं। रोहित व लक्ष्मी विवाहित हैं। मोहित (18), अंश (13), नेहा (16) तथा शालू (15) अभी पढ़ाई कर रहे हैं। रोहित अकेला कमाने वाला है। बहू, दो बेटी, दामाद की मौत से मां रामपती तथा पिता राम बहादुर का हाल बेहाल है।
चल रही थी पूजा की शादी की तैयारी
राम बहादुर की दूसरी बेटी पूजा की शादी तय थी। परिवारीजन पूजा के शादी की तैयारी में जुटे थे। शादी के लिए ज्यादातर खरीदारी भी कर ली गई थी। पिता का कहना है कि किसको पता था बेटी की विदाई डोली के बजाए अर्थी पर होगी।
घर पहुंच मृतक का शव, कोहराम
इन्हौना। शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के पूरे टांड मजरे जयनगरा निवासी तेज बहादुर साहू गुरुग्राम में रहकर मालीगीरी का काम करता था। रविवार को तेज बहादुर पत्नी गायत्री व बेटी खुशबू के साथ अपने पैतृक गांव आ रहा था। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बांगरमऊ के निकट साइड में लगे एंगल से टकराने से घटनास्थल पर ही तेज बहादुर की मौत हो गई जबकि पत्नी गायत्री व बेटी घायल हो गईं।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को ट्रॉमा सेंटर भेजा जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद पत्नी गायत्री को घर भेज दिया वहीं पुत्री खुशबू की हालत गंभीर बनी हुई है। सोमवार सुबह तेज बहादुर का शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। मां कमला देवी, बहन चंद्रा बेटे निखिल व बेटी महक का रो-रो बुरा हाल है। वहीं गंभीर अवस्था में घायल पुत्री खुशबू ट्रामा सेंटर में जिंदगी और मौत से जूझ रही रही है। प्राथमिक उपचार के बाद घर पहुंची पत्नी गायत्री रह-रहकर बेहोश हो जा रही है।
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तिनेरा गांव निवासी राम बहादुर का बड़ा पुत्र रोहित हरियाणा के गुरुग्राम में प्राइवेट नौकरी करता था। रोहित के साथ उसकी पत्नी सुमनलता, छोटा भाई अवनीश, बड़ी बहन लक्ष्मी तथा बहनोई धर्मेंद्र भी रहते थे। सुमनलता के गर्भवती होने के चलते देखरेख के लिए रोहित की छोटी बहन पूजा भी गुरुग्राम गई थी। राम बहादुर के घर पर 11 अक्तूबर (सोमवार) को राम चरित मानस का शुभारंभ तथा मंगलवार को भोज का आयोजन था।
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कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रविवार सुबह गुरुग्राम से अवनीश कार से भाभी सुमनलता, बहन लक्ष्मी व पूजा, बहनोई धर्मेंद्र, भांजा अनिरुद्ध तथा गुरुग्राम में उनके मकान के बगल रहने वाली पड़ोसी मोहिनी को लेकर तिनेरा के लिए निकले थे। इनकी कार यमुना एक्सप्रेस-वे पर मथुरा के केडी मेडिकल कॉलेज के समीप अनियंत्रित होकर ट्रक में घुस गई।
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दुर्घटना में सुमनलता, लक्ष्मी, धर्मेंद्र तथा मोहिनी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पूजा, अवनीश व अनिरुद्ध को घायलावस्था में केडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने सभी घायलों की हालत गंभीर देख लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। घायल पूजा की भी रास्ते में मौत हो गई। सुमनलता तथा पूजा का शव तिनेरा तो धर्मेंद्र व लक्ष्मी का शव उनके पैतृक गांव रायबरेली के नसीराबाद स्थित बरखुरदारपुर गांव ले जाया गया।
मोहिनी का शव मथुरा से ही गुरुग्राम भेज दिया गया। बहू व बेटी का शव घर पहुंचने पर राम बहादुर के परिवार में कोहराम मचा है। पूजा के शव का पंचनामा कराकर फुरसतंगज पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सोमवार को राम बहादुर के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। बहू, दो बेटी व एक दामाद की मौत से राम बहादुर के घर ही नहीं पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।
अवनीश व अनिरुद्ध का चल रहा इलाज
दुर्घटना में घायल अवनीश तथा छह वर्षीय अनिरुद्ध का इलाज रायबरेली में चल रहा है। दोनों जिंदगी मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। गांव के लोग दोनों घायलों के स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
गम में डूबा परिवार
राम बहादुर के चार पुत्र रोहित, मोहित, अवनीश तथा अंश के साथ ही चार पुत्री लक्ष्मी, पूजा, नेहा तथा शालू हैं। रोहित व लक्ष्मी विवाहित हैं। मोहित (18), अंश (13), नेहा (16) तथा शालू (15) अभी पढ़ाई कर रहे हैं। रोहित अकेला कमाने वाला है। बहू, दो बेटी, दामाद की मौत से मां रामपती तथा पिता राम बहादुर का हाल बेहाल है।
चल रही थी पूजा की शादी की तैयारी
राम बहादुर की दूसरी बेटी पूजा की शादी तय थी। परिवारीजन पूजा के शादी की तैयारी में जुटे थे। शादी के लिए ज्यादातर खरीदारी भी कर ली गई थी। पिता का कहना है कि किसको पता था बेटी की विदाई डोली के बजाए अर्थी पर होगी।
घर पहुंच मृतक का शव, कोहराम
इन्हौना। शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के पूरे टांड मजरे जयनगरा निवासी तेज बहादुर साहू गुरुग्राम में रहकर मालीगीरी का काम करता था। रविवार को तेज बहादुर पत्नी गायत्री व बेटी खुशबू के साथ अपने पैतृक गांव आ रहा था। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर बांगरमऊ के निकट साइड में लगे एंगल से टकराने से घटनास्थल पर ही तेज बहादुर की मौत हो गई जबकि पत्नी गायत्री व बेटी घायल हो गईं।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को ट्रॉमा सेंटर भेजा जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद पत्नी गायत्री को घर भेज दिया वहीं पुत्री खुशबू की हालत गंभीर बनी हुई है। सोमवार सुबह तेज बहादुर का शव घर पहुंचने पर कोहराम मच गया। मां कमला देवी, बहन चंद्रा बेटे निखिल व बेटी महक का रो-रो बुरा हाल है। वहीं गंभीर अवस्था में घायल पुत्री खुशबू ट्रामा सेंटर में जिंदगी और मौत से जूझ रही रही है। प्राथमिक उपचार के बाद घर पहुंची पत्नी गायत्री रह-रहकर बेहोश हो जा रही है।