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Amethi News: 1417 प्रधानाचार्यों को भेजा कारण बताओ नोटिस
Mon, 30 Sep 2024 01:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 30 Sep 2024 01:39 AM IST
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अमेठी सिटी। परिषदीय विद्यालयों की संख्या जिले में कुल 1571 है, लेकिन ड्राॅप आउट बच्चों के लिए बनाए गए शारदा पोर्टल पर स्कूलों की संख्या 1599 प्रदर्शित हो रही है। वहीं जिले के 1417 विद्यालयों की ओर से सर्वेक्षण के बाद के डेटा फीडिंग पोर्टल पर नहीं की गई है। इससे इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
जिले के परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या में बहुत तेजी से गिरावट आ रही है। ऐसे में ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वेक्षण कर उन्हें अलग से शिक्षा देने की व्यवस्था की जानी है। जिले के सभी विद्यालयों की ओर से परिवार रजिस्टर सर्वेक्षण कराया गया है, जिसमें स्कूल नहीं जाने वाले ड्रॉप आउट बच्चों को चिह्नित कर उनकी संख्या शारदा पोर्टल पर दर्ज करनी है। अभी तक जिले में मात्र 182 विद्यालयों की ओर से 521 ड्रॉप आउट बच्चों की सूचना प्रदर्शित की गई है। जबकि 1417 विद्यालयों में सर्वे डेटा फीड नहीं करने का आरोप है।
ऐसे में बीएसए संजय तिवारी ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर विद्यालयों से डेटा फीड कराने का निर्देश दिया है। वहीं कारण बताओ नोटिस का जवाब समय से देने का निर्देश दिया है। बीएसए का कहना है कि यदि डेटा फीडिंग का कार्य समय से नहीं पूरा किया गया तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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ड्रॉप आउट बच्चों को पढ़ाएंगे सेवानिवृत्त शिक्षक
जिले के ड्रॉप आउट बच्चों को पढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त व नियमित शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए सबसे पहले जिला स्तर पर प्रशिक्षित किए मास्टर ट्रेनर प्रत्येक ब्लॉक में पांच एआरपी को प्रशिक्षित करेंगे। बाद में यही एआरपी जिले में 461 सेवानिवृत्त शिक्षक व अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। बाद में प्रशिक्षित शिक्षक ड्रॉप आउट बच्चों के शिक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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जिले के परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या में बहुत तेजी से गिरावट आ रही है। ऐसे में ड्रॉप आउट बच्चों का सर्वेक्षण कर उन्हें अलग से शिक्षा देने की व्यवस्था की जानी है। जिले के सभी विद्यालयों की ओर से परिवार रजिस्टर सर्वेक्षण कराया गया है, जिसमें स्कूल नहीं जाने वाले ड्रॉप आउट बच्चों को चिह्नित कर उनकी संख्या शारदा पोर्टल पर दर्ज करनी है। अभी तक जिले में मात्र 182 विद्यालयों की ओर से 521 ड्रॉप आउट बच्चों की सूचना प्रदर्शित की गई है। जबकि 1417 विद्यालयों में सर्वे डेटा फीड नहीं करने का आरोप है।
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ऐसे में बीएसए संजय तिवारी ने जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर विद्यालयों से डेटा फीड कराने का निर्देश दिया है। वहीं कारण बताओ नोटिस का जवाब समय से देने का निर्देश दिया है। बीएसए का कहना है कि यदि डेटा फीडिंग का कार्य समय से नहीं पूरा किया गया तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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ड्रॉप आउट बच्चों को पढ़ाएंगे सेवानिवृत्त शिक्षक
जिले के ड्रॉप आउट बच्चों को पढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त व नियमित शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए सबसे पहले जिला स्तर पर प्रशिक्षित किए मास्टर ट्रेनर प्रत्येक ब्लॉक में पांच एआरपी को प्रशिक्षित करेंगे। बाद में यही एआरपी जिले में 461 सेवानिवृत्त शिक्षक व अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। बाद में प्रशिक्षित शिक्षक ड्रॉप आउट बच्चों के शिक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे।