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Amethi News: सचिवों ने काली पट्टी बांधकर किया काम
Wed, 10 Dec 2025 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 10 Dec 2025 01:03 AM IST
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अमेठी सिटी। जिले की सभी 13 ब्लॉकों में ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों का ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन हाजिरी के खिलाफ संग अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। बुधवार से सचिव अपनी मांगों के समर्थन में बाइक व अन्य वाहनों को छोड़ पैदल व साइकिल से कार्यस्थल पर जाकर कार्य करेंगे।
गौरीगंज में मंगलवार को सचिवों ने काली पट्टी बांधकर कार्यालय व अपने कार्य क्षेत्र में पहुंचकर काम किया। इसके पूर्व सचिवों ने धरना प्रदर्शन किया है। संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष दीक्षा द्विवेदी ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए प्रदर्शन चल रहा है। कहा कि सभी पंचायत सचिव मंगलवार से अपने निजी वाहन का प्रयोग बंद कर अपने कार्य स्थल पर पैदल व साइकिल से जाकर कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि इसके बाद 15 दिसंबर को अपने डोंगल जमा कर देंगे। कहा कि शासन की ओर से ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। कहा कि जिले में 682 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 160 सचिव हैं। एक सचिव के पास तीन से पांच ग्राम पंचायतों के प्रभार के साथ अन्य विभागों के कार्य थमा दिए गए हैं। ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी पूरी तरह गलत है। कहा कि अचानक बिना किसी प्रशिक्षण के और संसाधन उपलब्ध कराए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को लागू कर देना न सिर्फ अव्यवहारिक है, बल्कि ग्रामीण कार्यों को प्रभावित करने वाला कदम भी है। इस दौरान धर्मेंद्र पटेल, मनीष श्रीवास्तव, देवराज साहू आदि मौजूद रहे।
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गौरीगंज में मंगलवार को सचिवों ने काली पट्टी बांधकर कार्यालय व अपने कार्य क्षेत्र में पहुंचकर काम किया। इसके पूर्व सचिवों ने धरना प्रदर्शन किया है। संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष दीक्षा द्विवेदी ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए प्रदर्शन चल रहा है। कहा कि सभी पंचायत सचिव मंगलवार से अपने निजी वाहन का प्रयोग बंद कर अपने कार्य स्थल पर पैदल व साइकिल से जाकर कार्य करेंगे।
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उन्होंने कहा कि इसके बाद 15 दिसंबर को अपने डोंगल जमा कर देंगे। कहा कि शासन की ओर से ग्राम पंचायत अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। कहा कि जिले में 682 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 160 सचिव हैं। एक सचिव के पास तीन से पांच ग्राम पंचायतों के प्रभार के साथ अन्य विभागों के कार्य थमा दिए गए हैं। ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी पूरी तरह गलत है। कहा कि अचानक बिना किसी प्रशिक्षण के और संसाधन उपलब्ध कराए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को लागू कर देना न सिर्फ अव्यवहारिक है, बल्कि ग्रामीण कार्यों को प्रभावित करने वाला कदम भी है। इस दौरान धर्मेंद्र पटेल, मनीष श्रीवास्तव, देवराज साहू आदि मौजूद रहे।
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