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आरटीई : दाखिले से पीछे हटे 300 अभिभावक
Tue, 13 May 2025 12:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 13 May 2025 12:59 AM IST
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अमेठी सिटी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बच्चों का लॉटरी में नाम आने के बाद भी 300 अभिभावक ऐसे हैं जो अपने बच्चों का निशुल्क दाखिला निजी स्कूलों में नहीं करवाना चाहते हैं। इसकी वजह ये है कि उन्हें मनचाहा स्कूल नहीं मिल पाया है।
आरटीई के तहत आवेदन के दौरान अभिभावकों को ब्लॉक के पांच स्कूलों का विकल्प भरना होता है। इनमें से किसी एक स्कूल का नाम बच्चे के लिए नामित किया जाता है। इस प्रक्रिया में ज्यादातर अभिभावक पहले विकल्प में ब्लॉक का सबसे अच्छा विद्यालय रखते हैं। कई बार सीटें न होने के चलते बच्चे को दूसरे विकल्प वाला स्कूल मिल जाता है। इस स्थिति में अभिभावक पहले विकल्प वाला ही विद्यालय चाहते हैं।
जो अभिभावक बच्चे का प्रवेश कराने से पीछे हटे हैं, उनसे अब शिक्षा विभाग की टीम संपर्क करेगी। बीएसए ने बताया कि अभिभावकों की ओर से जो फोन नंबर दिया गया है, उससे संपर्क किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चे का साल न बर्बाद होने पाए। यदि अभिभावकों ने किसी अन्य स्कूल में अपने से प्रवेश करवा दिया है तो उनसे संपर्क नहीं किया जाएगा।
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बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि अमेठी जिले में इस बार 2900 बच्चों का आवंटन हुआ था। इनमें से 2166 बच्चों का प्रवेश हो चुका है जबकि चौथे चरण में लगभग 600 बच्चों का दाखिला होना है। ऐसे में 300 अभिभावक ऐसे हैं जिन्होंने बच्चे का प्रवेश दूसरे विकल्प वाले स्कूल में चयन होने के बाद भी नहीं कराया है।
इनमें से एक बड़ी संख्या पहले चरण में आवेदन करने वालों की है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वे नामित विद्यालय में ही बच्चों का दाखिला कराएं ताकि उनका शैक्षिक सत्र बर्बाद न हो।
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आरटीई के तहत आवेदन के दौरान अभिभावकों को ब्लॉक के पांच स्कूलों का विकल्प भरना होता है। इनमें से किसी एक स्कूल का नाम बच्चे के लिए नामित किया जाता है। इस प्रक्रिया में ज्यादातर अभिभावक पहले विकल्प में ब्लॉक का सबसे अच्छा विद्यालय रखते हैं। कई बार सीटें न होने के चलते बच्चे को दूसरे विकल्प वाला स्कूल मिल जाता है। इस स्थिति में अभिभावक पहले विकल्प वाला ही विद्यालय चाहते हैं।
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जो अभिभावक बच्चे का प्रवेश कराने से पीछे हटे हैं, उनसे अब शिक्षा विभाग की टीम संपर्क करेगी। बीएसए ने बताया कि अभिभावकों की ओर से जो फोन नंबर दिया गया है, उससे संपर्क किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चे का साल न बर्बाद होने पाए। यदि अभिभावकों ने किसी अन्य स्कूल में अपने से प्रवेश करवा दिया है तो उनसे संपर्क नहीं किया जाएगा।
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बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि अमेठी जिले में इस बार 2900 बच्चों का आवंटन हुआ था। इनमें से 2166 बच्चों का प्रवेश हो चुका है जबकि चौथे चरण में लगभग 600 बच्चों का दाखिला होना है। ऐसे में 300 अभिभावक ऐसे हैं जिन्होंने बच्चे का प्रवेश दूसरे विकल्प वाले स्कूल में चयन होने के बाद भी नहीं कराया है।
इनमें से एक बड़ी संख्या पहले चरण में आवेदन करने वालों की है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वे नामित विद्यालय में ही बच्चों का दाखिला कराएं ताकि उनका शैक्षिक सत्र बर्बाद न हो।