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Amethi News: ओडीएफ प्लस गांवों में जिम्मेदारों ने किए बड़े खेल

Sat, 17 Dec 2022 11:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 17 Dec 2022 11:21 PM IST
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Responsible people played big games in ODF plus villages
अमेठी। ओडीएफ प्लस में चयनित 44 ग्राम पंचायतों में सरकारी धन की बंदरबांट के लिए बड़े खेल हुए। सभी 10 ब्लॉकों में सामग्री की आपूर्ति के नाम पर जो भुगतान किया गया है वह सिर्फ छह फर्मों के नाम है। यानी जिस फर्म ने सिंहपुर में आपूर्ति की उसी फर्म ने भादर में भी सामग्री की आपूर्ति की। गौरतलब होगा कि दोनों ब्लॉकों के बीच की दूरी करीब 80 किमी से भी अधिक है।
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स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत की गई फर्जीवाड़े का दाग ग्राम प्रधान से लेकर डीपीआरओ तक के दामन पर लगता दिख रहा है। यह इसलिए भी हो रहा है क्योंकि गांवों में ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अलावा अन्य कई बिंदु पर होने वाले कार्यों तक में जो गड़बड़ी की गई वह आला अधिकारी की मिलीभगत के बिना संभव नहीं थी।
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कार्यालय के कई कर्मचारियों की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध है। बताते हैं कि इन्हीं कर्मचारियों के माध्यम से ठेकेदारों की पहुंच अफसरों तक हुई और विकास के लिए आए धन की बंदरबांट की कोशिश शुरू हो सकी।
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स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 में जारी दिशा निर्देशों में कहा गया था कि इसमें कराया जाने वाला कार्य ग्राम पंचायतें खुद कराएंगी। सामग्री की आपूर्ति भी स्थानीय फर्मों से ली जाएगी। बिना इंजीनियर की जांच व एमवी के किसी भी कार्य का भुगतान नहीं किया जाएगा।
आपूर्ति लेने के लिए ग्राम पंचायतें टेंडर करने के बाद सबसे न्यूनतम रेट देने वाली फर्म को वर्क आर्डर जारी करेंगी। जिले में इन निर्देशों की जमकर अवहेलना हुई। न तो टेंडर हुआ न किसी फर्म से निविदा ली गई। काम कराने के लिए जिम्मेदारों ने मनमाने तरीके से फर्मों का चयन किया। अधिकतम दर पर सप्लाई लेकर सरकारी धन की बंदरबांट की गई।
इतना ही नहीं जिले की सभी 44 ग्राम पंचायतों में आपूर्ति की जिम्मेदारी जिन छह फर्मों को मिली उनमें सब की सब संग्रामपुर ब्लॉक के भावलपुर न्याय पंचायत की हैं। यहां यह भी गौरतलब होगा कि संग्रामपुर जिले का ऐसा ब्लॉक है जहां स्वच्छ भारत अभियान फेज-2 के तहत एक भी गांव का चयन नहीं किया गया है। सवाल उठता है कि जो ब्लॉक योजना में शामिल तक नहीं है वहां की फर्मों को ही पूरे जिले में सप्लाई का काम देते हुए करीब पांच करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया।

सीडीओ सान्या छाबड़ा ने कहा कि उन्हें भी इस प्रकार की तमाम शिकायतें मिल रही हैं। तकनीकी टीम का गठन कराया जा रहा है। टीमों को लग रहे सभी आरोपों पर जांच करने को कहा जाएगा। जांच में गड़बड़ी मिलने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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