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Amethi News: निजी अस्पतालों में पंजीकृत डॉक्टर नदारद, मरीज भर्ती
Sat, 11 Jul 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 11 Jul 2026 12:29 AM IST
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गौरीगंज स्थित निजी अस्पताल का निरीक्षण करते सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह। स्रोत: विभाग
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अमेठी सिटी। गौरीगंज के तीन निजी अस्पतालों में शुक्रवार को मरीजों का इलाज चलता मिला, लेकिन पंजीकृत चिकित्सकों का पता नहीं चला। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह के औचक निरीक्षण में प्रसव, ऑपरेशन, मरीजों के अभिलेख और अस्पताल संचालन से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इस पर तीनों अस्पतालों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने राधेश्याम सत्यप्रकाश हॉस्पिटल एंड ट्राॅमा सेंटर, मेकवेल हॉस्पिटल एंड ट्राॅमा सेंटर और केवी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया। राधेश्याम सत्यप्रकाश हॉस्पिटल में पंजीकृत चिकित्सक अनुपस्थित मिले। निरीक्षण के समय एक प्रसूता भर्ती थी। महिला चिकित्सक के पंजीकरण के बिना प्रसव कराए जाने, नवजात को फर्श पर लिटाए जाने, सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने तथा अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने पर आपत्ति दर्ज की गई।
मेकवेल हॉस्पिटल एंड ट्राॅमा सेंटर में भी पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। भर्ती मरीज के ऑपरेशन से संबंधित सर्जन और एनेस्थेटिस्ट का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। केवी हॉस्पिटल में भी पंजीकृत चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए। भर्ती मरीजों की केस शीट में सर्जन और एनेस्थेटिस्ट के नोट्स दर्ज नहीं मिले। मरीजों की देखरेख को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग ने सवाल उठाए।
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सीएमओ ने तीनों अस्पतालों के संचालकों को संबंधित पंजीकृत चिकित्सकों, सर्जन और एनेस्थेटिस्ट को बयान के लिए प्रस्तुत कराने तथा तीन दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सीएमओ ने राधेश्याम सत्यप्रकाश हॉस्पिटल एंड ट्राॅमा सेंटर, मेकवेल हॉस्पिटल एंड ट्राॅमा सेंटर और केवी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया। राधेश्याम सत्यप्रकाश हॉस्पिटल में पंजीकृत चिकित्सक अनुपस्थित मिले। निरीक्षण के समय एक प्रसूता भर्ती थी। महिला चिकित्सक के पंजीकरण के बिना प्रसव कराए जाने, नवजात को फर्श पर लिटाए जाने, सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने तथा अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं होने पर आपत्ति दर्ज की गई।
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मेकवेल हॉस्पिटल एंड ट्राॅमा सेंटर में भी पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। भर्ती मरीज के ऑपरेशन से संबंधित सर्जन और एनेस्थेटिस्ट का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। केवी हॉस्पिटल में भी पंजीकृत चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए। भर्ती मरीजों की केस शीट में सर्जन और एनेस्थेटिस्ट के नोट्स दर्ज नहीं मिले। मरीजों की देखरेख को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग ने सवाल उठाए।
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सीएमओ ने तीनों अस्पतालों के संचालकों को संबंधित पंजीकृत चिकित्सकों, सर्जन और एनेस्थेटिस्ट को बयान के लिए प्रस्तुत कराने तथा तीन दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।