{"_id":"6841e808bd81d98a8002a044","slug":"priya-murder-case-polices-working-style-under-question-amethi-news-c-96-1-ame1002-141985-2025-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रिया हत्याकांड : सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यशैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रिया हत्याकांड : सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यशैली
Fri, 06 Jun 2025 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 06 Jun 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
भादर (अमेठी)। रामगंज के शिवपुर मवैया गांव में सोमवार को हुए प्रिया हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई पर अब सवाल उठने लगे हैं। मामले में आरोपी ऋषि वर्मा और उसके बड़े भाई शशि वर्मा को पुलिस ने मंगलवार को आननफानन जेल भेज दिया, लेकिन मीडिया के सवालों से बचती नजर आई।
मृतका के पिता गोविंद का आरोप है कि उसकी बेटी की हत्या का मुख्य आरोपी ऋषि का बड़ा भाई नहीं, बल्कि गांव का ही सचिन वर्मा है, जो लव मैरिज के बाद भी उनकी बेटी को लगातार परेशान करता था। गोविंद के अनुसार उन्होंने अपनी तहरीर में सचिन वर्मा का नाम भी लिखा था, जो एफआईआर की कॉपी में दर्ज है, लेकिन पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी नहीं की। उधर, आरोपी ऋषि के पिता राम आसरे वर्मा का कहना है कि घटना के समय वह और उसका बेटा शशि गांव के बाहर बकरी चरा रहे थे। ऋषि ने अकेले ही हत्या कर थाने पहुंचकर जुर्म कुबूल कर लिया था, फिर भी पुलिस ने शशि को जेल भेज दिया।
शिवपुर मवैया और बहादुरपुर के ग्रामीणों का कहना है कि शशि निर्दोष है और एफआईआर में उसका नाम तक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि रामगंज पुलिस ने जल्दबाजी में एक निर्दोष को जेल भेज दिया। ऋषि के जेल जाने और मां की मौत के बाद तीन वर्षीय गुड्डी उर्फ मोहिनी की देखभाल अब उसके दादा राम आसरे कर रहे हैं।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर रामगंज कृष्ण मोहन सिंह का कहना है कि मृतका का पिता कम पढ़ा-लिखा है और वह नामों को लेकर भ्रम में है। एफआईआर में नामजद शशि ही है, लेकिन यदि सचिन का नाम सामने आ रहा है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मृतका के पिता गोविंद का आरोप है कि उसकी बेटी की हत्या का मुख्य आरोपी ऋषि का बड़ा भाई नहीं, बल्कि गांव का ही सचिन वर्मा है, जो लव मैरिज के बाद भी उनकी बेटी को लगातार परेशान करता था। गोविंद के अनुसार उन्होंने अपनी तहरीर में सचिन वर्मा का नाम भी लिखा था, जो एफआईआर की कॉपी में दर्ज है, लेकिन पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी नहीं की। उधर, आरोपी ऋषि के पिता राम आसरे वर्मा का कहना है कि घटना के समय वह और उसका बेटा शशि गांव के बाहर बकरी चरा रहे थे। ऋषि ने अकेले ही हत्या कर थाने पहुंचकर जुर्म कुबूल कर लिया था, फिर भी पुलिस ने शशि को जेल भेज दिया।
विज्ञापन
शिवपुर मवैया और बहादुरपुर के ग्रामीणों का कहना है कि शशि निर्दोष है और एफआईआर में उसका नाम तक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि रामगंज पुलिस ने जल्दबाजी में एक निर्दोष को जेल भेज दिया। ऋषि के जेल जाने और मां की मौत के बाद तीन वर्षीय गुड्डी उर्फ मोहिनी की देखभाल अब उसके दादा राम आसरे कर रहे हैं।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर रामगंज कृष्ण मोहन सिंह का कहना है कि मृतका का पिता कम पढ़ा-लिखा है और वह नामों को लेकर भ्रम में है। एफआईआर में नामजद शशि ही है, लेकिन यदि सचिन का नाम सामने आ रहा है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।