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Amethi News: अफसर टीम बनाकर भूल गए, फरियादी भटक रहे

Thu, 02 May 2024 02:30 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Thu, 02 May 2024 02:30 AM IST
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Officers forgot after forming a team, complainants are wandering
अमेठी सिटी। मरीजों के इलाज में लापरवाही के कारण आए दिन मौत की खबरें आती है लेकिन, उस पर कार्रवाई के नाम पर महज खाना पूर्ति है। मामला उजागर होने के बाद जांच के लिए टीम बना दी जाती है। इसके बाद अफसर भूल जाते हैं। फरियादी कार्रवाई की आस में भटकते रहते हैं। फिलहाल, अधिकारी इन शिकायतों के गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण की बात करते हैं।
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दो माह के भीतर इलाज में लापरवाही के चार मामले आए। इसमें दो महिलाओं और दो बच्चों की मौत हो गई लेकिन, कार्रवाई के नाम पर खामोशी है। बीते साल जगदीशपुर में प्रसव के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगा था। इसके बाद कार्रवाई को लेकर बड़ा हंगामा हुआ था। किसान नेता रीता सिंह ने सैंकड़ों महिलाओं क साथ दो बार सीएमओ कार्यालय का घेराव किया, तब जाकर कार्रवाई की गई थी।
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सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह का कहना है कि अवैध अस्पतालों के संचालन को लेकर जहां से भी शिकायत मिलती है उस पर कार्रवाई की जाती है। कहा कि इलाज में लापरवाही के मामलों में भी कार्रवाई की जा रही है।
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इनसेट
बीते साल बंद हुए थे दो अस्पताल
- इलाज में लापरवाही का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बीते साल दो अस्पताल बंद किए गए थे। वैसे विभागीय अधिकारियों की मानें तो अवैध अस्पतालों के खिलाफ भी अभियान चलाया जा रहा है। एक अवैध अस्पताल के खिलाफ मुकदमा तक दर्ज कराया जा चुका है।


केस एक- जांच जब पूरी होगी तब बता देंगे
- जामो के कंचनगिरि मठिया गांव निवासी राज कुमार अपनी पत्नी दीपा को प्रसव के लिए एक निजी अस्पताल में ले गए थे। इलाज के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इस मामले की जांच के लिए 24 अप्रैल को चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया। टीम में शामिल डिप्टी सीएमओ डॉ. पीके उपाध्याय से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जांच जब पूरी होगी तब बता देंगे।



केस दो- लापरवाही में उलझी जांच
गौरीगंज इलाके के उसहरनपुर मजरे सराय हृदयशाह गांव निवासी दशाराम की पत्नी कंचन को तीन अप्रैल 2024 को ऑपरेशन के लिए गौरीगंज कस्बे में एक निजी अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा दिया था। इसकी जांच के लिए टीम बनाई गई थी। टीम ने बयान दर्ज किए, रिकॉर्ड खंगाले लेकिन, अभी तक जांच अधूरी है। एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद कहते हैं कि अभी जांच चल रही है। जांच के बाद देखेंगे कि क्या करना है।
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