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Amethi News: अफसर बैठकों में व्यस्त , 18 सौ में बिक रही खाद
Sun, 09 Nov 2025 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 09 Nov 2025 12:06 AM IST
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अमेठी सिटी। खाद की किल्लत के बीच निजी दुकानदार किसानों की मजबूरी देख 18 सौ रुपये प्रति बोरी की कीमत पर डीएपी बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए जिम्मेदार विभागीय अफसर बैठकों के माध्यम से बस जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता का दावा कर रहे हैं। इसके चलते परेशान किसान खाद के लिए समितियों के चक्कर काट वापस लौट रहे हैं।
शनिवार को गोरखापुर समिति पर खाद के गलत वितरण के कारण किसानों की प्रभारी से नोकझोंक भी हुई। इस दौरान नौबत धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। गेंहू, आलू संग दलहन और तिलहन आदि फसलों की बोआई के चलते डीएपी की मांग बढ़ गई है। किसानों ने खेत में नमी पाकर गेहूं की भी बोआई भी तेज कर दी है। इसके बावजूद बड़े इफको केंद्र गौरीगंज, मुसाफिरखाना सहित कई समितियों पर डीएपी नहीं है। संग्रामपुर कृषक केंद्र पर ताला लटक रहा है। गौरीगंज के माधोपुर, अमेठी खेरौना, ताला, महराजपुर, गैरिकपुर सहित 30 से अधिक समितियों पर खाद ही नहीं है। समितियों व इफको केंद्रों पर डीएपी नहीं होने से बोआई प्रभावित हो रही है। संग्रामपुर के गोरखापुर साधन समिति पर शनिवार को खाद वितरित की जा रही थी। इस दौरान किसानों की लंबी कतार लग गई।
पहले खाद लेने के लिए किसान आपस में धक्का मुक्की करने लगे। कतार में लगे किसानों ने सचिव पर आरोप लगाया कि किसी को 10 बोरी खाद दी जा रही है तो किसी किसान को मात्र एक बोरी ही मिल पा रही है। गौरीगंज इपको केंद्र पर शनिवार को डीएपी नहीं मिली। केंद्र पर मौजूद किसान भरत यादव, रामबोध, रमेश कुमार और श्यामा देवी ने बताया कि ताला, महराजपुर समिति पर खाद नहीं है। मजबूरी में निजी दुकानों से प्रति बोरी 18 सौ रुपये खर्च कर खाद लेना पड़ रही है।
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शनिवार को गोरखापुर समिति पर खाद के गलत वितरण के कारण किसानों की प्रभारी से नोकझोंक भी हुई। इस दौरान नौबत धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। गेंहू, आलू संग दलहन और तिलहन आदि फसलों की बोआई के चलते डीएपी की मांग बढ़ गई है। किसानों ने खेत में नमी पाकर गेहूं की भी बोआई भी तेज कर दी है। इसके बावजूद बड़े इफको केंद्र गौरीगंज, मुसाफिरखाना सहित कई समितियों पर डीएपी नहीं है। संग्रामपुर कृषक केंद्र पर ताला लटक रहा है। गौरीगंज के माधोपुर, अमेठी खेरौना, ताला, महराजपुर, गैरिकपुर सहित 30 से अधिक समितियों पर खाद ही नहीं है। समितियों व इफको केंद्रों पर डीएपी नहीं होने से बोआई प्रभावित हो रही है। संग्रामपुर के गोरखापुर साधन समिति पर शनिवार को खाद वितरित की जा रही थी। इस दौरान किसानों की लंबी कतार लग गई।
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पहले खाद लेने के लिए किसान आपस में धक्का मुक्की करने लगे। कतार में लगे किसानों ने सचिव पर आरोप लगाया कि किसी को 10 बोरी खाद दी जा रही है तो किसी किसान को मात्र एक बोरी ही मिल पा रही है। गौरीगंज इपको केंद्र पर शनिवार को डीएपी नहीं मिली। केंद्र पर मौजूद किसान भरत यादव, रामबोध, रमेश कुमार और श्यामा देवी ने बताया कि ताला, महराजपुर समिति पर खाद नहीं है। मजबूरी में निजी दुकानों से प्रति बोरी 18 सौ रुपये खर्च कर खाद लेना पड़ रही है।
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