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Amethi News: अब एफआईआर में नहीं होगा पीड़ित का पूरा मोबाइल नंबर

Tue, 24 Sep 2024 04:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Tue, 24 Sep 2024 04:18 AM IST
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Now the complete mobile number of the victim will not be in the FIR
अमेठी सिटी। यूपी कॉप को हथियार बनाकर साइबर ठगों ने ठगी का जो धंधा अपनाया था, पुलिस ने अब उसका तोड़ खोज लिया है। यूपी कॉप पर दिखने वाली एफआईआर में अब पीड़ित का मोबाइल नंबर पूरा नहीं दिखाई देगा। बल्कि केवल शुरुआत के पांच नंबर ही एफआईआर में दिखाई देंगे। ऐसे में साइबर ठग अब लोगों से केस दर्ज होने के नाम पर ठगी नहीं कर पाएंगे।
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प्रदेश के किसी भी थाने में दर्ज एफआईआर को यूपी कॉप एप के जरिये कोई भी कहीं पर अपलोड कर देख सकता था। आपके एंड्रायड मोबाइल में अगर एप नहीं है तो प्ले स्टोर में जाकर यूपी कॉप लिखिए, फिर जरूरी जानकारियां उसमें भरने के बाद इसे लोड किया जा सकता है। पिछले चार-छह महीनाें से वादी को ही ठगी का शिकार बना लिए जाने के मामले पुलिस अफसरों के संज्ञान में पहुंचे। छानबीन में पता चला कि साइबर ठग पुलिस अधिकारी बनकर एफआईआर करने वाले वादी से मामले में जल्द कार्रवाई और उनसे आरोपियों का नंबर लेकर उनको बचाने के नाम पर रुपयों को मांग करते थे। इसलिए अब पुलिस ने यूपी कॉप पर दिखने वाली एफआईआर में वादी के मोबाइल नंबर को हटा लिया है।
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भाले सुल्तान शहीद स्मारक के एक गांव निवासी श्याम शंकर के साथ मारपीट की घटना हुई थी। इसमें उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद साइबर अपराधियों ने यूपी कॉप पर एफआईआर से श्याम शंकर का नंबर लेकर कार्रवाई कराने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की थी। हालांकि जागरूक श्याम शंकर साइबर ठगों के झांसे में नहीं आए।
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प्रलोभन में आए तो साइबर ठगों के होंगे शिकार
एएसपी हरेंंद्र कुमार ने बताया कि साइबर ठग प्रलोभन के नाम पर लोगों को अपना निशाना बनाते हैं। प्रलोभन कई प्रकार का हो सकता है। ऐसे में फोन पर आए किसी भी प्रलोभन को स्वीकार कर ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी शेयर न करें। जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का एक माध्यम है। बताया कि साइबर ठगों से लोगों को बचाने के लिए अब एफआईआर कॉपी में मोबाइल नंबर पूरा दर्ज नहीं किया जा रहा है।
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