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सुनवाई न करने पर सभी एसडीएम को नोटिस
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गौरीगंज (अमेठी)। जनशिकायतों के निस्तारण में जिले की लगातार खराब हो रही रैकिंग पर डीएम सख्त हो गए हैं। अलग-अलग तहसीलों के 27 गांवों से सर्वाधिक व नियमित शिकायत आने पर डीएम ने सभी एसडीएम को नोटिस जारी की है। नोटिस में शिकायतकर्ताओ से संपर्क कर दो दिन में शिकायतों का गुणवत्ता परक निस्तारण करते हुए संतुष्टि प्रमाण पत्र लेेने को कहा है।
पीड़ितों को अफसरों की परिक्रमा से बचाने के लिए दैनिक अनुश्रवण प्रणाली पोर्टल के साथ संपूर्ण समाधान दिवस व थाना समाधान दिवस आयोजित होता है। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध व गुणवत्तापरक ढ़ंग से निस्तारण तथा शिकायकर्ता के फीडबैक के आधार पर प्रदेश स्तर से जिले की रैंकिंग की जाती है। कभी लगातार प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करने वाला जिला लगातार निस्तारण में फिसड्डी होता जा रहा है। आलम यह है जुलाई में जिले को 41वीं रैंक मिली तो शासन में हुई समीक्षा में गौरीगंज तहसील प्रदेश की सबसे बेकार दस तहसीलों की सूची में शामिल मिली।
जिले में रैंकिंग खराब होने पर डीएम राकेश कुमार मिश्र ने समीक्षा की तो गौरीगंज के छह, तिलोई के पांच व अमेठी और मुसाफिरखाना के आठ -आठ गांव ऐसे हैं जहां से अधिक शिकायतें आ रही हैं। लगातार शिकायत आने से नाराज डीएम ने निस्तारण में हीलाहवाली या निस्तारण में मनमानी को कारण मानते हुए गौरीगंज एसडीएम राकेश कुमार, अमेठी एसडीएम प्रीति तिवारी, मुसाफिरखाना एसडीएम सविता यादव व तिलोई एसडीएम फाल्गुनी सिंह को नोटिस जारी की है। नोटिस में सूचीबद्ध गांवों के साथ अन्य गांव के ऐसे शिकायतकर्ताओं को चिन्हित कर उनसे संपर्क कर उनकी शिकायत निस्तारित करते हुए संतुष्टि प्रमाण पत्र लेने को कहा है जो अक्सर तहसील व कलेक्ट्रेट में खड़े रहते हैं। डीएम ने शिकायत निस्तारण में लापरवाही व पीड़ित के निस्तारण से संतुष्ट नहीं होने तथा जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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गत माह आई थी 3239 शिकायत
आईजीआरएस पोर्टल पर जुलाई माह में 3239 पीड़ितों ने अपनी शिकायत अपलोड की थी। अपलोड शिकायतों का निस्तारण भी हो चुका है। लेकिन शासन स्तर से लिए गए फीडबैक में शिकायतकर्ता के संतुष्ट नहीं होने से जिले की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अगस्त माह में सोमवार तक 679 शिकायत विभिन्न स्तर पर लंबित हैं। हालांकि शिकायत निस्तारण की समयावधि समाप्त नहीं होने से अभी अफसरों पर जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व को नोटिस
आधार कार्ड को मतदाता सूची से लिंक करने के मामले में भी जिले में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। रविवार को संचालित विशेष अभियान में भी जिले में जमकर लापरवाही हुई। अधिकांश बूथों से बीएलओ अनुपस्थित रहे। इसके चलते आयोग की मंशा के अनुसार आधार एकत्रीकरण व अपलोडिंग की कार्रवाई भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में डीएम राकेश कुमार मिश्र ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत सिंह के अलावा सभी एसडीएम व विशेष अभियान में बूथ से अनुपस्थित रहने वाले बूथ लेवल अफसरों को कड़ी नोटिस जारी की है। नोटिस में आधार एकत्रीकरण की कार्रवाई सक्रियता के साथ समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया है।
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पीड़ितों को अफसरों की परिक्रमा से बचाने के लिए दैनिक अनुश्रवण प्रणाली पोर्टल के साथ संपूर्ण समाधान दिवस व थाना समाधान दिवस आयोजित होता है। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध व गुणवत्तापरक ढ़ंग से निस्तारण तथा शिकायकर्ता के फीडबैक के आधार पर प्रदेश स्तर से जिले की रैंकिंग की जाती है। कभी लगातार प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त करने वाला जिला लगातार निस्तारण में फिसड्डी होता जा रहा है। आलम यह है जुलाई में जिले को 41वीं रैंक मिली तो शासन में हुई समीक्षा में गौरीगंज तहसील प्रदेश की सबसे बेकार दस तहसीलों की सूची में शामिल मिली।
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जिले में रैंकिंग खराब होने पर डीएम राकेश कुमार मिश्र ने समीक्षा की तो गौरीगंज के छह, तिलोई के पांच व अमेठी और मुसाफिरखाना के आठ -आठ गांव ऐसे हैं जहां से अधिक शिकायतें आ रही हैं। लगातार शिकायत आने से नाराज डीएम ने निस्तारण में हीलाहवाली या निस्तारण में मनमानी को कारण मानते हुए गौरीगंज एसडीएम राकेश कुमार, अमेठी एसडीएम प्रीति तिवारी, मुसाफिरखाना एसडीएम सविता यादव व तिलोई एसडीएम फाल्गुनी सिंह को नोटिस जारी की है। नोटिस में सूचीबद्ध गांवों के साथ अन्य गांव के ऐसे शिकायतकर्ताओं को चिन्हित कर उनसे संपर्क कर उनकी शिकायत निस्तारित करते हुए संतुष्टि प्रमाण पत्र लेने को कहा है जो अक्सर तहसील व कलेक्ट्रेट में खड़े रहते हैं। डीएम ने शिकायत निस्तारण में लापरवाही व पीड़ित के निस्तारण से संतुष्ट नहीं होने तथा जवाब संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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गत माह आई थी 3239 शिकायत
आईजीआरएस पोर्टल पर जुलाई माह में 3239 पीड़ितों ने अपनी शिकायत अपलोड की थी। अपलोड शिकायतों का निस्तारण भी हो चुका है। लेकिन शासन स्तर से लिए गए फीडबैक में शिकायतकर्ता के संतुष्ट नहीं होने से जिले की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अगस्त माह में सोमवार तक 679 शिकायत विभिन्न स्तर पर लंबित हैं। हालांकि शिकायत निस्तारण की समयावधि समाप्त नहीं होने से अभी अफसरों पर जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
एडीएम वित्त एवं राजस्व को नोटिस
आधार कार्ड को मतदाता सूची से लिंक करने के मामले में भी जिले में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। रविवार को संचालित विशेष अभियान में भी जिले में जमकर लापरवाही हुई। अधिकांश बूथों से बीएलओ अनुपस्थित रहे। इसके चलते आयोग की मंशा के अनुसार आधार एकत्रीकरण व अपलोडिंग की कार्रवाई भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में डीएम राकेश कुमार मिश्र ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत सिंह के अलावा सभी एसडीएम व विशेष अभियान में बूथ से अनुपस्थित रहने वाले बूथ लेवल अफसरों को कड़ी नोटिस जारी की है। नोटिस में आधार एकत्रीकरण की कार्रवाई सक्रियता के साथ समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया है।