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Amethi News: खाद की जरूरत, नैनो खरीदने की मजबूरी
Wed, 15 Jul 2026 12:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 15 Jul 2026 12:20 AM IST
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गौरीगंज के माधवपुर स्थित समिति पर खाद लेने के लिए मौजूद किसान। -संवाद
अमेठी सिटी। धान की रोपाई के बीच जिले में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। साधन सहकारी समितियों, इफको केंद्रों और निजी दुकानों पर डीएपी व यूरिया के साथ नैनो डीएपी, नैनो यूरिया, जिंक समेत अन्य कृषि उत्पाद भी दिए जा रहे हैं। कई स्थानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक रुपये लिए जाने और पक्का बिल नहीं देने की शिकायतें भी हैं। समय पर खाद मिलने की चिंता में किसान अतिरिक्त खर्च उठाने को मजबूर हैं।
गौरीगंज बाजार की निजी दुकान पर खाद लेने पहुंचे लुगरी गांव निवासी किसान रामस्वरूप ने बताया कि डीएपी के साथ जिंक भी लेनी पड़ी। उनका कहना है कि यूरिया भी निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही है। गौरीगंज साधन सहकारी समिति पर किसान हरिशंकर ने बताया कि पांच बोरी डीएपी की जरूरत थी, लेकिन एक बोतल नैनो डीएपी लेने के बाद ही खाद मिली। गौरीगंज इफको केंद्र पर किसान रामधन ने बताया कि चार बोरी डीएपी मांगने पर सर्वर बंद होने की बात कहकर अगले दिन आने को कहा गया। साथ ही नैनो डीएपी लेने को भी कहा गया।
किसानों के अनुसार ऐसी स्थिति केवल गौरीगंज तक सीमित नहीं है। अमेठी, जायस, मुसाफिरखाना और संग्रामपुर क्षेत्र के कई केंद्रों तथा दुकानों पर भी खाद के साथ अन्य कृषि उत्पाद दिए जा रहे हैं। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और छोटे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि किसी भी विक्रेता को खाद के साथ अन्य कृषि उत्पाद लेने के लिए किसान को बाध्य करने का अधिकार नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। ओवररेटिंग, टैगिंग या बिना बिल बिक्री की पुष्टि होने पर विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं नियम
उर्वरक केवल निर्धारित दर पर बेची जा सकती है।
खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए किसान को बाध्य नहीं किया जा सकता।
प्रत्येक बिक्री पर पक्का बिल देना अनिवार्य है।
फैक्ट फाइल
साधन सहकारी समितियां : 81
इफको केंद्र : 4
इफको फ्रेंचाइजी : 31
खाद-बीज दुकानें : 450
खाद खरीदते समय लें पक्का बिल
सेवानिवृत्त जिला कृषि अधिकारी शिवनंदन सिंह ने बताया कि खाद खरीदते समय किसान हर हाल में पक्का बिल लें। बिना बिल अधिक कीमत वसूले जाने या जबरन अन्य उत्पाद दिए जाने की शिकायत सिद्ध करना कठिन होता है। नियमित निरीक्षण, औचक छापा और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कर ही समस्या से निजात मिल सकता है।
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गौरीगंज बाजार की निजी दुकान पर खाद लेने पहुंचे लुगरी गांव निवासी किसान रामस्वरूप ने बताया कि डीएपी के साथ जिंक भी लेनी पड़ी। उनका कहना है कि यूरिया भी निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही है। गौरीगंज साधन सहकारी समिति पर किसान हरिशंकर ने बताया कि पांच बोरी डीएपी की जरूरत थी, लेकिन एक बोतल नैनो डीएपी लेने के बाद ही खाद मिली। गौरीगंज इफको केंद्र पर किसान रामधन ने बताया कि चार बोरी डीएपी मांगने पर सर्वर बंद होने की बात कहकर अगले दिन आने को कहा गया। साथ ही नैनो डीएपी लेने को भी कहा गया।
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किसानों के अनुसार ऐसी स्थिति केवल गौरीगंज तक सीमित नहीं है। अमेठी, जायस, मुसाफिरखाना और संग्रामपुर क्षेत्र के कई केंद्रों तथा दुकानों पर भी खाद के साथ अन्य कृषि उत्पाद दिए जा रहे हैं। इससे खेती की लागत बढ़ रही है और छोटे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि किसी भी विक्रेता को खाद के साथ अन्य कृषि उत्पाद लेने के लिए किसान को बाध्य करने का अधिकार नहीं है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। ओवररेटिंग, टैगिंग या बिना बिल बिक्री की पुष्टि होने पर विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहते हैं नियम
उर्वरक केवल निर्धारित दर पर बेची जा सकती है।
खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए किसान को बाध्य नहीं किया जा सकता।
प्रत्येक बिक्री पर पक्का बिल देना अनिवार्य है।
फैक्ट फाइल
साधन सहकारी समितियां : 81
इफको केंद्र : 4
इफको फ्रेंचाइजी : 31
खाद-बीज दुकानें : 450
खाद खरीदते समय लें पक्का बिल
सेवानिवृत्त जिला कृषि अधिकारी शिवनंदन सिंह ने बताया कि खाद खरीदते समय किसान हर हाल में पक्का बिल लें। बिना बिल अधिक कीमत वसूले जाने या जबरन अन्य उत्पाद दिए जाने की शिकायत सिद्ध करना कठिन होता है। नियमित निरीक्षण, औचक छापा और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कर ही समस्या से निजात मिल सकता है।