फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Most of the roads in the district could not become walkable

बजट अधूरा तो पूरी सड़कें कैसे हों गड्ढामुक्त

Sun, 28 Nov 2021 11:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Nov 2021 11:24 PM IST
विज्ञापन
Most of the roads in the district could not become walkable
गौरीगंज : जर्जर पड़ा कसारा-विशेषरगंज संपर्क मार्ग। - फोटो : AMETHI
गौरीगंज (अमेठी)। शासन की ओर से एक नवंबर से शुरू किया गया अभियान समाप्त होने को है, बावजूद इसके जिले की अधिकांश सड़कें चलने लायक नहीं बन सकीं। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए जो बजट शासन की ओर से आवंटित किया गया वह मांग का महज 58 फीसदी था। ऐसे में सड़कें गड्ढा मुक्त कैसे होंगी इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार ने अक्तूबर माह में एक आदेश जारी कर कहा था कि पूरे प्रदेश की सड़कों को एक से नवंबर के बीच गड्ढा मुक्त कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों से गड्ढा युक्त सड़कों की संख्या व उनकी लंबाई के साथ अनुमानित डीपीआर भेजने को कहा गया था।
विज्ञापन

शासन की मांग पर जिले से भी प्रांतीय व निर्माण खंड की 822.95 किलोमीटर लंबी गड्ढा युक्त सड़कों को दुरुस्त करने के लिए छह करोड़ 40 लाख 79 हजार रुपये का बजट मांगा गया था। मांग की तुलना में जिले के पीडब्ल्यूडी विभाग को महज तीन करोड़ 77 लाख दो 20 हजार रुपये ही मिले। आवंटित राशि मांग की महज 58.90 प्रतिशत रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रांतीय खंड व निर्माण खंड के अलग-अलग बजट पर गौर करें तो प्रांतीय खंड की 11 किलोमीटर लंबे राज्य मार्ग के लिए 11 लाख रुपये, 54.65 किलोमीटर लंबे प्रमुख जिला मार्ग के लिए 49.19 लाख रुपये, 102.53 किलोमीटर लंबे अन्य जिला मार्ग के लिए 87.15 लाख रुपये व 266.35 किलोमीटर लंबे ग्रामीण मार्ग (कुल लंबाई 434.53 किलोमीटर) के लिए (तीन करोड़ 47 लाख 10 हजार रुपये) मांगे गए थे, जबकि मिले सिर्फ दो करोड़ आठ लाख सात हजार रुपये मात्र।
इसी तरह निर्माण खंड के 19 किलोमीटर लंबे प्रमुख जिला मार्ग के लिए 17.10 लाख रुपये, 25.20 किलोमीटर लंबे अन्य जिला मार्ग के लिए 21.42 लाख रुपये व 344.22 किलोमीटर लंबे ग्रामीण मार्ग (कुल लंबाई 388.22 किलोमीटर) को दुरुस्त करने के लिए (दो करोड़ 93 लाख 69 हजार रुपये) मांगे गए जबकि मिले सिर्फ एक करोड़ अड़सठ लाख पांच हजार रुपये। ऐसे में जब सड़क की संख्या व लंबाई के सापेक्ष बजट लगभग आधा मिला तो सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान भी अधूरा ही रह गया।

अधिकांश सड़कें हुईं गड्ढामुक्त
एक्सईएन पीडब्ल्यूडी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि अधिकांश गड्ढा युक्त सड़कें गड्ढा मुक्त हो गई हैं। अभियान के बाद वही सड़कें बच रही हैं जो या तो नवीनीकरण योजना में शामिल या इसके करीब हैं। या फिर वे सड़कें जो इस कदर जर्जर हैं कि वे गड्ढा मुक्त की ही नहीं जा सकतीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed