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Amethi News: मनरेगा में पकड़ी गई गड़बड़ी, मांगा जवाब
Wed, 24 May 2023 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 24 May 2023 11:57 PM IST
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अमेठी। मनरेगा में गड़बड़ी का मामला पकड़ा गया है। जांच में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद अब नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
भादर ब्लॉक के सवनगी गांव में बीते 20 अप्रैल को डीसी मनरेगा अशोक कुमार सिंह ने मनरेगा के कार्यों की जांच की। राजेन्द्र मौर्या की मशीन से संदीप के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य का स्थलीय एवं अभिलेखीय निरीक्षण किया गया।
पत्रावली के परीक्षण में पाया गया कि किसी भी प्रपत्र पर वित्तीय प्रशासनिक स्वीकृति, रोजगार मांग पत्र, मस्टर रोल, वेजलिस्ट, माप पुस्तिका, बिल आदि किसी प्रपत्र पर कार्यक्रम अधिकारी, भादर, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम प्रधान एवं रोजगार सेवक के हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं।
कूटरचना कर पत्रावली फौरी तौर पर तैयार कर सामग्री मद के लिए किए गए 3 लाख 22 हजार 832 रुपये व श्रमांश मद में किए गए22 हजार 578 रुपये के भुगतान को लेकर अनियमितता जताई गई है।
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डीसी मनरेगा ने बताया कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह के भीतर खण्ड विकास अधिकारी कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
समय से अथवा संतोषजनक नहीं प्राप्त होने पर मनरेगा जैसी राष्ट्रीय महत्व की श्रमपरक योजना में उपरोक्त फर्जीबाड़ा वित्तीय अनियमितता हेतु जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध मनरेगा एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
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भादर ब्लॉक के सवनगी गांव में बीते 20 अप्रैल को डीसी मनरेगा अशोक कुमार सिंह ने मनरेगा के कार्यों की जांच की। राजेन्द्र मौर्या की मशीन से संदीप के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य का स्थलीय एवं अभिलेखीय निरीक्षण किया गया।
पत्रावली के परीक्षण में पाया गया कि किसी भी प्रपत्र पर वित्तीय प्रशासनिक स्वीकृति, रोजगार मांग पत्र, मस्टर रोल, वेजलिस्ट, माप पुस्तिका, बिल आदि किसी प्रपत्र पर कार्यक्रम अधिकारी, भादर, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम प्रधान एवं रोजगार सेवक के हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं।
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कूटरचना कर पत्रावली फौरी तौर पर तैयार कर सामग्री मद के लिए किए गए 3 लाख 22 हजार 832 रुपये व श्रमांश मद में किए गए22 हजार 578 रुपये के भुगतान को लेकर अनियमितता जताई गई है।
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डीसी मनरेगा ने बताया कि सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह के भीतर खण्ड विकास अधिकारी कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
समय से अथवा संतोषजनक नहीं प्राप्त होने पर मनरेगा जैसी राष्ट्रीय महत्व की श्रमपरक योजना में उपरोक्त फर्जीबाड़ा वित्तीय अनियमितता हेतु जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध मनरेगा एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।