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Amethi News: माइनर की पटरी कटी, गांव में घुसा पानी, फसलें जलमग्न
Mon, 16 Dec 2024 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 16 Dec 2024 12:18 AM IST
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मुसाफिरखाना क्षेत्र के गुन्नौर गांव में माइनर की पटरी कटने से घर में हुआ जलभराव। -संवाद
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मुसाफिरखाना (अमेठी)। ठंड के मौसम में सिंचाई विभाग की लापरवाही किसानों को काफी भारी पड़ी। मुसाफिरखाना क्षेत्र के गुन्नौर गांव में शनिवार की रात माइनर की पटरी कटने से गांव में चारों तरफ पानी-पानी हो गया। खेत-खलिहान लबालब हो गए। कुछ ग्रामीणों के मकान भी पानी की जद में आ गए। घटना के बाद ग्रामीण जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाते रहे, लेकिन घंटों तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा। रविवार दोपहर बाद पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से पटरी को दुरुस्त कराया। तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
शारदा सहायक खंड-49 से अनखरा पुल के पास से गुन्नौर माइनर निकलती है। शनिवार की रात धोबी बाग के पास माइनर पटरी कटने से पानी सीवान की तरफ बहने लगा। रात की वजह से ग्रामीणों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। रविवार की सुबह लोग सोकर उठे, तो गांव के संपर्क मार्ग सहित सीवान में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। ठंड के मौसम में बाढ़ जैसे हालात देख ग्रामीणों के होश उड़ गए।
माइनर कटने की सूचना सिंचाई विभाग के जिम्मेदाराें को देते हुए ग्राम प्रधान सुजल सिंह व पूर्व बीडीसी प्रदीप संग ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मानइर की पटरी पर बोरी में मिट्टी डालकर बंधवाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। दोपहर बाद मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मियों ने जेसीबी की मदद से पटरी सही करवाते हुए पानी का बहाव बंद करवाया।
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डूब गईं फसलें, किसान परेशान
माइनर के पानी से किसान केश कुमार मौर्य, जगदीश प्रसाद, मंजीत, जगत, केदार नाथ, अवधेश सिंह, शंकर बक्स, अनारा आदि की गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलें जलमग्न हो गईं। माइनर की पटरी दुरुस्त होने के बाद लोग खेतों से पानी बाहर निकालने की कवायद में लगे रहे। खेत में पानी भरा रहने से फसलों के सड़ने की आशंका है।
घरों तक पहुंचा माइनर का पानी
माइनर का पानी अनुज, शंकर बक्स, शिवकुमार, मनोज, राजकुमार के घरों में भी घुस गया। ठंड में लोग घरों से पानी निकालने की जुगत में लगे रहे। गांव की सड़कें जलमग्न हो गई थीं। पानी की वजह से ठंड में लोगों को आवागमन में भी दिक्कत हुई।
एक साल पहले भी कट चुकी है पटरी
गुन्नौर माइनर की पटरी साल भर पहले भी कट गई थी। तब भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। ग्रामीणों का आरोप है कि सिल्ट सफाई के नाम पर विभाग सिर्फ खानापूरी करता है। हालांकि, विभागीय जेई रवि का कहना है कि माइनर की सफाई ठीक से हुई थी। पटरी को मजबूत बनाया गया था। कटान नहीं होनी चाहिए थी।
जांच कर देंगे रिपोर्ट
गुन्नौर माइनर की पटरी कटने से हुए जलभराव की सूचना पर गांव पहुंचे लेखपाल नीरज ने बताया कि करीब दस बीघा फसल डूबी है। गांव संग सीवान के पानी को निकाला जा रहा है। जलभराव से कोई नुकसान नहीं हुआ है। रिपोर्ट तैयार कर तहसील प्रशासन को दी जाएगी। सिंचाई विभाग के एक्सईएन मनीष रंजन ने बताया कि माइनर की पटरी कटने की सूचना मिली थी। टीम को मौके पर भेजकर मरम्मत करवा दी गई है। पटरी कटने की जांच करवाई जा रही है।
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शारदा सहायक खंड-49 से अनखरा पुल के पास से गुन्नौर माइनर निकलती है। शनिवार की रात धोबी बाग के पास माइनर पटरी कटने से पानी सीवान की तरफ बहने लगा। रात की वजह से ग्रामीणों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। रविवार की सुबह लोग सोकर उठे, तो गांव के संपर्क मार्ग सहित सीवान में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। ठंड के मौसम में बाढ़ जैसे हालात देख ग्रामीणों के होश उड़ गए।
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माइनर कटने की सूचना सिंचाई विभाग के जिम्मेदाराें को देते हुए ग्राम प्रधान सुजल सिंह व पूर्व बीडीसी प्रदीप संग ग्रामीण मौके पर पहुंचे। मानइर की पटरी पर बोरी में मिट्टी डालकर बंधवाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। दोपहर बाद मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मियों ने जेसीबी की मदद से पटरी सही करवाते हुए पानी का बहाव बंद करवाया।
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डूब गईं फसलें, किसान परेशान
माइनर के पानी से किसान केश कुमार मौर्य, जगदीश प्रसाद, मंजीत, जगत, केदार नाथ, अवधेश सिंह, शंकर बक्स, अनारा आदि की गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलें जलमग्न हो गईं। माइनर की पटरी दुरुस्त होने के बाद लोग खेतों से पानी बाहर निकालने की कवायद में लगे रहे। खेत में पानी भरा रहने से फसलों के सड़ने की आशंका है।
घरों तक पहुंचा माइनर का पानी
माइनर का पानी अनुज, शंकर बक्स, शिवकुमार, मनोज, राजकुमार के घरों में भी घुस गया। ठंड में लोग घरों से पानी निकालने की जुगत में लगे रहे। गांव की सड़कें जलमग्न हो गई थीं। पानी की वजह से ठंड में लोगों को आवागमन में भी दिक्कत हुई।
एक साल पहले भी कट चुकी है पटरी
गुन्नौर माइनर की पटरी साल भर पहले भी कट गई थी। तब भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। ग्रामीणों का आरोप है कि सिल्ट सफाई के नाम पर विभाग सिर्फ खानापूरी करता है। हालांकि, विभागीय जेई रवि का कहना है कि माइनर की सफाई ठीक से हुई थी। पटरी को मजबूत बनाया गया था। कटान नहीं होनी चाहिए थी।
जांच कर देंगे रिपोर्ट
गुन्नौर माइनर की पटरी कटने से हुए जलभराव की सूचना पर गांव पहुंचे लेखपाल नीरज ने बताया कि करीब दस बीघा फसल डूबी है। गांव संग सीवान के पानी को निकाला जा रहा है। जलभराव से कोई नुकसान नहीं हुआ है। रिपोर्ट तैयार कर तहसील प्रशासन को दी जाएगी। सिंचाई विभाग के एक्सईएन मनीष रंजन ने बताया कि माइनर की पटरी कटने की सूचना मिली थी। टीम को मौके पर भेजकर मरम्मत करवा दी गई है। पटरी कटने की जांच करवाई जा रही है।