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रसोई गैस की कीमत ने छीना उज्ज्वला का सहारा
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09 : संग्रामपुर : मोहनपुर में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनातीं सरस्वती देवी। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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संग्रामपुर (अमेठी)। उज्ज्वला योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बड़ी संख्या में महिलाओं को घरेलू रसोई गैस का कनेक्शन दिया गया था। लेकिन यह सुविधा भी लोगों के काम नहीं आ रही। रसोई गैस की कीमत बढ़ने से अधिकांश परिवार सिलेंडर नहीं भरवा पा रहे हैं। ऐसे में उनके घरों की महिलाओं को जंगल से लकड़ी लाकर या गोबर के उपले (कंडी) पर भोजन पकाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
संग्रामपुर क्षेत्र में अधिकांश उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन धारकों ने सिलेंडर महंगा होने से रिफिल करवाना बंद कर दिया है। महिलाएं फिर चूल्हे पर लकड़ी व कंडी के सहारे खाना बनाने को मजबूर हो रही हैं। मोहनपुर निवासी सरस्वती देवी ने बताया कि कमरतोड़ महंगाई की वजह से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इतनी महंगाई में नमक रोटी का इंतजाम हो जाए यही बहुत है।
गैस सिलेंडर भरवाने के लिए पैसे नहीं है। इसी तरह प्रभादेवी, विमला, सरिता, शोभा आदि ने बताया कि गैस सिलेंडर दिनों दिन महंगा होता जा रहा है। घर का खर्च चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गैस सिलेंडर न भरवा पाने के कारण लकड़ी के चूल्हे पर ही खाना बनाना पड़ता है। धुएं से बच्चों को परेशानी हो रही है लेकिन हम लोग कर भी क्या सकते हैं।
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यदि सरकार रसोई गैस सिलेंडर के दाम कम करे तो फिर से सिलेंडर रिफिल करवा पाएं। शुरुआती समय मे सिलेंडर के दाम कम थे और सब्सिडी भी वापस आ जाती थी, तो रिफिल कराना आसान होता था। पिछले दो साल से सिलेंडर की महंगाई के चलते अब हिम्मत जवाब दे गई है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए गैस चूल्हे अब घर के कोने में शोपीस बनकर रह गए हैं।
यह थी योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना गरीब परिवारों की महिलाओं के चेहरे पर खुशी लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की तरफ से एक मई 2016 को शुरू की गई थी। इस योजना के तहत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन बांटा गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए उपयोग में आने वाले जीवाश्म ईंधन की जगह एलपीजी के प्रयोग को बढ़ावा देना था। इसके अलावा योजना का एक मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना और उनकी सेहत की सुरक्षा करना भी था।
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संग्रामपुर क्षेत्र में अधिकांश उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन धारकों ने सिलेंडर महंगा होने से रिफिल करवाना बंद कर दिया है। महिलाएं फिर चूल्हे पर लकड़ी व कंडी के सहारे खाना बनाने को मजबूर हो रही हैं। मोहनपुर निवासी सरस्वती देवी ने बताया कि कमरतोड़ महंगाई की वजह से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इतनी महंगाई में नमक रोटी का इंतजाम हो जाए यही बहुत है।
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गैस सिलेंडर भरवाने के लिए पैसे नहीं है। इसी तरह प्रभादेवी, विमला, सरिता, शोभा आदि ने बताया कि गैस सिलेंडर दिनों दिन महंगा होता जा रहा है। घर का खर्च चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गैस सिलेंडर न भरवा पाने के कारण लकड़ी के चूल्हे पर ही खाना बनाना पड़ता है। धुएं से बच्चों को परेशानी हो रही है लेकिन हम लोग कर भी क्या सकते हैं।
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यदि सरकार रसोई गैस सिलेंडर के दाम कम करे तो फिर से सिलेंडर रिफिल करवा पाएं। शुरुआती समय मे सिलेंडर के दाम कम थे और सब्सिडी भी वापस आ जाती थी, तो रिफिल कराना आसान होता था। पिछले दो साल से सिलेंडर की महंगाई के चलते अब हिम्मत जवाब दे गई है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए गैस चूल्हे अब घर के कोने में शोपीस बनकर रह गए हैं।
यह थी योजना
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना गरीब परिवारों की महिलाओं के चेहरे पर खुशी लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की तरफ से एक मई 2016 को शुरू की गई थी। इस योजना के तहत गरीब महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन बांटा गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाने के लिए उपयोग में आने वाले जीवाश्म ईंधन की जगह एलपीजी के प्रयोग को बढ़ावा देना था। इसके अलावा योजना का एक मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना और उनकी सेहत की सुरक्षा करना भी था।

10 : संग्रामपुर : खाना बनाने के लिए लकड़ी ले जातीं आशा देवी। -संवाद- फोटो : AMETHI