{"_id":"693c69419017962ab00afcb7","slug":"listening-to-bhagwat-katha-brings-welfare-amethi-news-c-96-1-ame1022-154270-2025-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: भागवत कथा सुनने से होता है कल्याण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: भागवत कथा सुनने से होता है कल्याण
Sat, 13 Dec 2025 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 13 Dec 2025 12:43 AM IST
विज्ञापन
जामों के भीखीपुर में कथा सुनते श्रद्धालु।स्त्रोत-आयोजक
जामों। मनुष्य के अंदर जब तक माया, मोह, क्रोध, लोभ का पर्दा पड़ा रहेगा, तब तक परमात्मा के वास्तविक स्वरूप का अनुभव नहीं हो सकता है। मानव जीवन नश्वर है। ईश्वर प्रेम के वशीभूत रहकर भक्त का कल्याण करते हैं। भागवत कथा सुनने से मनुष्य का कल्याण हो जाता है। ये बातें भीखीपुर गांव में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शुक्रवार को वृंदावन धाम से आए प्रवाचक संत मुकेश आनंद महाराज ने कहीं।
प्रवाचक ने बताया कि मनुष्य को सुबह उठकर अपने आराध्य देव का भजन कीर्तन करना चाहिए, जिससे वातावरण शुद्ध होने के साथ परिवार सुखमय जीवन व्यतीत कर विकास की ओर अग्रसर रहेगा। मनुष्य को अपने बच्चों को संस्कारित जीवन व्यतीत करने की शिक्षा प्रदान करनी चाहिए। लोगों के परिवार का संस्कारयुक्त जीवन कभी कष्टदायी नहीं होता है।
मनुष्य गलती से भी श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर लेता है तो उसके साथ परिवार का भी कल्याण हो जाता है। प्रवाचक ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण का भजन कीर्तन करने पर ही जीवनकाल सुखमय बीत सकता है। इस मौके पर मुख्य यजमान सुरेंद्र कुमार सिंह और उनकी पत्नी उमा सिंह, रामबरन सिंह, नीरज कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, विपिन सिंह, राहुल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रवाचक ने बताया कि मनुष्य को सुबह उठकर अपने आराध्य देव का भजन कीर्तन करना चाहिए, जिससे वातावरण शुद्ध होने के साथ परिवार सुखमय जीवन व्यतीत कर विकास की ओर अग्रसर रहेगा। मनुष्य को अपने बच्चों को संस्कारित जीवन व्यतीत करने की शिक्षा प्रदान करनी चाहिए। लोगों के परिवार का संस्कारयुक्त जीवन कभी कष्टदायी नहीं होता है।
विज्ञापन
मनुष्य गलती से भी श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर लेता है तो उसके साथ परिवार का भी कल्याण हो जाता है। प्रवाचक ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण का भजन कीर्तन करने पर ही जीवनकाल सुखमय बीत सकता है। इस मौके पर मुख्य यजमान सुरेंद्र कुमार सिंह और उनकी पत्नी उमा सिंह, रामबरन सिंह, नीरज कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, विपिन सिंह, राहुल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन