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अमेठी: 2010 में खिंची लाइन, 1999 से आ रहा बिजली बिल
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गौरीगंज (अमेठी)। कलेक्ट्रेट सभागार स्थित संपूर्ण समाधान दिवस में सोमवार को एक अजीब मामला सामने आया। डीएम के सामने पहुंचीं महिला ने बताया कि उसके गांव में विद्युत लाइन वर्ष 2010 में खींची गई। जबकि उसके पिता के नाम बिजली का बिल 1999 से आ रहा है। इतना ही नहीं लाइन खींचने के बाद पिता के नाम एक और कनेक्शन कर दिया गया। अब दोनों बिल का 2.61 लाख रुपये बकाया दिखाते हुए पावर कॉर्पोरेशन ने आरसी जारी कर दी है। शनिवार को अवकाश के चलते जिला मुख्यालय समेत सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन सोमवार को हुआ।
जिला मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की संख्या काफी कम रही। गौरीगंज में डीएम राकेश कुमार मिश्र जनता की शिकायतें सुन रहे थे। इसी बीच गौरीगंज के तुलसीपुर मजरे शहबाजपुर की गीता देवी प्रार्थनापत्र लेकर उनके पास पहुंची।
गीता ने डीएम को बताया कि उसके पिता रामकिशोर व मां शीतल देई काफी समय से दिल्ली में रहते हैं। उसके गांव में विद्युत लाइन 2010 में खींची गई थी तब उसके पिता के नाम एक कनेक्शन जारी कर दिया गया। 2022 में जब वह अपने बीमार पिता को दिल्ली से लेकर गांव पहुंची तो उसे पावर कॉर्पोरेशन की आरसी मिली। इसमें बताया गया था कि उसके दो कनेक्शन हैं, एक का बकाया 2.21 लाख रुपये तो दूसरे का बकाया 26 हजार रुपये है।
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जानकारी की तो पता चला कि वर्ष 1999 में उसके पिता के नाम पहला विद्युत कनेक्शन जारी हुआ था। इसकी शिकायत पर गौरीगंज उपकेंद्र के जेई ने जांच कर उसके पक्ष में रिपोर्ट दी थी। इसके बावजूद आरसी निरस्त नहीं की गई। अब दूसरे कनेक्शन का बकाया 40 हजार रुपये बताया जा रहा है। इससे पूरा परिवार परेशान है। वह मामले की शिकायत तीन बार संपूर्ण समाधान दिवस में भी कर चुकी है। गीता की पूरी बात सुनने के बाद डीएम ने एक्सईएन को मामले की दोबारा जांच करने व शिकायत सही होने पर दोनों बिल निरस्त कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
कई अन्य फरियादी भी दिखे परेशान
पूरे निधान मजरे चितई के रामकरन ने डीएम से रोते हुए कहा कि उसने गांव के कुछ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। अब केस वापस लेने के लिए उसे धमकाया जा रहा है। इतना ही नहीं, वे लोग मेरी स्कूल जाने वाली नातिन को भी परेशान कर रहे हैं। डीएम ने सीओ मयंक द्विवेदी से जांच कर कार्रवाई करने को कहा।
पूरे प्रेम मजरे ऐंधी की ही संगीता भी पावर काॅर्पोरेशन की मनमानी से परेशान दिखीं। संगीता ने डीएम से कहा कि उसने न तो कोई कनेक्शन लिया न बिजली का उपभोग किया। इसके बावजूद विभाग बिल भेज कर जमा करने का दबाव बना रहा है। पंडरी से आई शिवलली ने कहा कि गांव के कुछ लोग उसके मकान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। डीएम ने एसडीएम व एसओ को उसकी शिकायत निस्तारित करने को कहा। दिवस में पहुंचने वाला कोई फरियादी आवास मांग रहा था तो कोई निजी या सरकारी भूमि का अतिक्रमण हटवाने की गुहार लगाता रहा।
127 में दस शिकायतों का हुआ निस्तारण
सोमवार को गौरीगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 36 शिकायतें आईं। इनमें महज तीन का ही निस्तारण किया गया। अमेठी तहसील में सीडीओ सान्या छाबड़ा व एएसपी हरेंद्र के सामने आईं 36 में से दो का निस्तारण मौके पर हुआ। वहीं मुसाफिरखाना में एडीएम एके सिंह के सामने आईं 33 में से तीन शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ। तिलोई तहसील में एसडीएम फाल्गुनी सिंह ने भी 22 शिकायतों की सुनवाई करते हुए दो का मौके पर निस्तारण कराया।
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जिला मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की संख्या काफी कम रही। गौरीगंज में डीएम राकेश कुमार मिश्र जनता की शिकायतें सुन रहे थे। इसी बीच गौरीगंज के तुलसीपुर मजरे शहबाजपुर की गीता देवी प्रार्थनापत्र लेकर उनके पास पहुंची।
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गीता ने डीएम को बताया कि उसके पिता रामकिशोर व मां शीतल देई काफी समय से दिल्ली में रहते हैं। उसके गांव में विद्युत लाइन 2010 में खींची गई थी तब उसके पिता के नाम एक कनेक्शन जारी कर दिया गया। 2022 में जब वह अपने बीमार पिता को दिल्ली से लेकर गांव पहुंची तो उसे पावर कॉर्पोरेशन की आरसी मिली। इसमें बताया गया था कि उसके दो कनेक्शन हैं, एक का बकाया 2.21 लाख रुपये तो दूसरे का बकाया 26 हजार रुपये है।
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जानकारी की तो पता चला कि वर्ष 1999 में उसके पिता के नाम पहला विद्युत कनेक्शन जारी हुआ था। इसकी शिकायत पर गौरीगंज उपकेंद्र के जेई ने जांच कर उसके पक्ष में रिपोर्ट दी थी। इसके बावजूद आरसी निरस्त नहीं की गई। अब दूसरे कनेक्शन का बकाया 40 हजार रुपये बताया जा रहा है। इससे पूरा परिवार परेशान है। वह मामले की शिकायत तीन बार संपूर्ण समाधान दिवस में भी कर चुकी है। गीता की पूरी बात सुनने के बाद डीएम ने एक्सईएन को मामले की दोबारा जांच करने व शिकायत सही होने पर दोनों बिल निरस्त कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
कई अन्य फरियादी भी दिखे परेशान
पूरे निधान मजरे चितई के रामकरन ने डीएम से रोते हुए कहा कि उसने गांव के कुछ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। अब केस वापस लेने के लिए उसे धमकाया जा रहा है। इतना ही नहीं, वे लोग मेरी स्कूल जाने वाली नातिन को भी परेशान कर रहे हैं। डीएम ने सीओ मयंक द्विवेदी से जांच कर कार्रवाई करने को कहा।
पूरे प्रेम मजरे ऐंधी की ही संगीता भी पावर काॅर्पोरेशन की मनमानी से परेशान दिखीं। संगीता ने डीएम से कहा कि उसने न तो कोई कनेक्शन लिया न बिजली का उपभोग किया। इसके बावजूद विभाग बिल भेज कर जमा करने का दबाव बना रहा है। पंडरी से आई शिवलली ने कहा कि गांव के कुछ लोग उसके मकान पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। डीएम ने एसडीएम व एसओ को उसकी शिकायत निस्तारित करने को कहा। दिवस में पहुंचने वाला कोई फरियादी आवास मांग रहा था तो कोई निजी या सरकारी भूमि का अतिक्रमण हटवाने की गुहार लगाता रहा।
127 में दस शिकायतों का हुआ निस्तारण
सोमवार को गौरीगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 36 शिकायतें आईं। इनमें महज तीन का ही निस्तारण किया गया। अमेठी तहसील में सीडीओ सान्या छाबड़ा व एएसपी हरेंद्र के सामने आईं 36 में से दो का निस्तारण मौके पर हुआ। वहीं मुसाफिरखाना में एडीएम एके सिंह के सामने आईं 33 में से तीन शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ। तिलोई तहसील में एसडीएम फाल्गुनी सिंह ने भी 22 शिकायतों की सुनवाई करते हुए दो का मौके पर निस्तारण कराया।