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Amethi News: प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं
Tue, 11 Nov 2025 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:48 AM IST
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गौरीगंज के बस्तीदेई में श्रीराम कथा सुनतीं महिलाएं। संवाद
अमेठी सिटी। गौरीगंज के बस्तीदेई गांव में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन सोमवार को प्रवाचक पं. सुभाष पांडेय ने प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह सहित अनेक प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है। रामकथा सुनने से मनुष्य को मुक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
प्रवाचक ने कहा कि जब मनुष्य में अहंकार और क्रोध उत्पन्न होते हैं तो उसका विवेक और बल दोनों नष्ट हो जाते हैं। धनुषभंग प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि स्वयंवर में उपस्थित सभी राजा अपने बल पर गर्वित थे, इस कारण कोई भी धनुष को हिला नहीं सका। भगवान राम ने सहज भाव से उसे तोड़कर विनम्रता और भक्ति का संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि धनुषभंग के बाद परशुराम ने अपने प्रभाव का प्रदर्शन करना चाहा, तब लक्ष्मण ने उन्हें बार-बार क्रोधित कर उनका गर्व दूर किया। प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि भाव के बिना भक्ति अधूरी है। भगवान राम का जीवन पूर्ण रूप से भावनाओं से ओतप्रोत रहा, जबकि माता सीता भक्ति की प्रतीक हैं। इस अवसर पर आयोजक सुभाषचंद्र तिवारी, अशोक तिवारी, अखिलेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि जब मनुष्य में अहंकार और क्रोध उत्पन्न होते हैं तो उसका विवेक और बल दोनों नष्ट हो जाते हैं। धनुषभंग प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि स्वयंवर में उपस्थित सभी राजा अपने बल पर गर्वित थे, इस कारण कोई भी धनुष को हिला नहीं सका। भगवान राम ने सहज भाव से उसे तोड़कर विनम्रता और भक्ति का संदेश दिया।
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उन्होंने बताया कि धनुषभंग के बाद परशुराम ने अपने प्रभाव का प्रदर्शन करना चाहा, तब लक्ष्मण ने उन्हें बार-बार क्रोधित कर उनका गर्व दूर किया। प्रवचन के दौरान उन्होंने कहा कि भाव के बिना भक्ति अधूरी है। भगवान राम का जीवन पूर्ण रूप से भावनाओं से ओतप्रोत रहा, जबकि माता सीता भक्ति की प्रतीक हैं। इस अवसर पर आयोजक सुभाषचंद्र तिवारी, अशोक तिवारी, अखिलेश तिवारी आदि मौजूद रहे।
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