{"_id":"6a99c63f1794fda8850523de","slug":"lawyers-will-not-perform-judicial-work-for-five-days-amethi-news-c-96-1-ame1012-174871-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: पांच दिन न्यायिक कार्य नहीं करेंगे वकील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: पांच दिन न्यायिक कार्य नहीं करेंगे वकील
Fri, 04 Sep 2026 12:40 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी। तहसील की समस्याओं के निस्तारण के लिए दिए गए ज्ञापन पर कार्रवाई न होने से नाराज अमेठी बार एसोसिएशन ने पांच दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार को हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने तीन से सात सितंबर तक न्यायिक कार्य में सहयोग नहीं करने का प्रस्ताव पारित किया। संघ ने सात सितंबर तक समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।
बार एसोसिएशन ने 24 जुलाई को एसडीएम को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया था। इसमें तहसील के विभिन्न न्यायालयों में लंबित मुकदमों और राजस्व संहिता की धाराओं से जुड़ी पत्रावलियों का समय से निस्तारण, आदेशों की अभिलेखों में फीडिंग और मुकदमों को ऑनलाइन करने की मांग प्रमुख थी। अभिलेखागार में मुआयने के लिए दिन और समय निर्धारित करने के साथ गुम खतौनी, खसरा व आवंटन पत्रावलियों को खोजवाने आदि मांगें भी की गई थीं।
अधिवक्ताओं के मुताबिक 28 जुलाई को भी समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अधिकारियों को समस्याओं से कई बार अवगत कराया गया। समाधान नहीं होने पर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। सचिव अनिल तिवारी ने कहा कि सात सितंबर तक समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो संघ आगे की रणनीति तय करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बार एसोसिएशन ने 24 जुलाई को एसडीएम को 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन दिया था। इसमें तहसील के विभिन्न न्यायालयों में लंबित मुकदमों और राजस्व संहिता की धाराओं से जुड़ी पत्रावलियों का समय से निस्तारण, आदेशों की अभिलेखों में फीडिंग और मुकदमों को ऑनलाइन करने की मांग प्रमुख थी। अभिलेखागार में मुआयने के लिए दिन और समय निर्धारित करने के साथ गुम खतौनी, खसरा व आवंटन पत्रावलियों को खोजवाने आदि मांगें भी की गई थीं।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं के मुताबिक 28 जुलाई को भी समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि अधिकारियों को समस्याओं से कई बार अवगत कराया गया। समाधान नहीं होने पर न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। सचिव अनिल तिवारी ने कहा कि सात सितंबर तक समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो संघ आगे की रणनीति तय करेगा।
विज्ञापन