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अमेठी में न्यायालय संचालन की मांग, प्रदर्शन
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10 : गौरीगंज : जिला जज के स्टॉफ को ज्ञापन देते अधिवक्ता। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। जिला जज (ओएसडी) समेत स्टाफ की तैनाती व शिक्षा विभाग का भवन अधिग्रहीत होने के बावजूद मुख्यालय पर कोर्ट संचालित नहीं होने से अधिवक्ताओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट से अस्थायी दीवानी न्यायालय तक जुलूस निकाल विरोध प्रदर्शन किया।
इस बीच रणंजय इंटर कॉलेज के सामने 15 मिनट तक टांडा-बांदा हाईवे जाम रखा। प्रदर्शन के बाद वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश को संबोधित ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय में दिया। ज्ञापन में मुसाफिरखाना स्थित मुंसिफ कोर्ट परिसर में दीवानी न्यायालय संचालन नहीं करने की बात कहते हुए मुख्यालय पर फौजदारी व दीवानी न्यायालय संचालित करने की मांग की है।
एक जुलाई 2010 को जिला सृजित होने के बावजूद आज तक जिले में दीवानी न्यायालय संचालन नहीं हो सका है। विशुनदासपुर में चिह्नित भूूमि पर बाउंड्रीवॉल निर्माण के बाद धनाभाव में निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। मुख्यालय पर कोर्ट संचालित करने के लिए शहर में अस्थायी बीएसए कार्यालय को अधिग्रहीत किया जा चुका है। इतना ही नहीं जिले में जिला जज (ओएसडी) तथा उनके स्टाफ की तैनाती भी हो चुकी है।
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बावजूद इसके जिले के अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना के वादकारियों को सुल्तानपुर तो तिलोई तहसील के वादकारियों को रायबरेली जिले की परिक्रमा करनी पड़ रही है। 12 वर्ष बाद भी जिले में कोर्ट संचालित नहीं होने से अधिवक्ता लगातार प्रदर्शन कर मांग करने में जुटे है। इसी बीच मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित मुसाफिरखाना के मुंसिफ कोर्ट परिसर में दीवानी न्यायालय संचालन की बात सार्वजनिक होने के बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश बढ़ गया है।
शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से बिरत हो कर कलेक्ट्रेट परिसर से अस्थायी दीवानी न्यायालय तक जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। शहर के रणंजय इंटर कॉलेज के सामने अधिवक्ताओं नेे 15 मिनट तक टांडा-बांदा हाईवे भी जाम रखा। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ता जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय पहुंचे। यहां जिला जज की गैरमौजूदगी में उनके स्टेनो को मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय प्रयागराज को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मुख्यालय स्थित अधिग्रहीत शिक्षा विभाग के भवन में कोर्ट संचालित करने की मंजूरी देते हुए आवश्यक धनावंटन करने की मांग, अधिग्रहीत भवन में संचालन में बाधा होने पर तहसील भवन में संचालन करने की मांग करते हुए मुसाफिरखाना स्थित मुंशिफ कोर्ट परिसर में कोर्ट संचालित नहीं करने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने वादकारी के हितार्थ मुख्यालय पर ही फौजदारी व दीवानी न्यायालय संचालित करने की बात कहते हुए सुविधा देने की मांग की है। इस मौके पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष छोटेलाल तिवारी, महामंत्री उमाशंकर मिश्र, उमाशंकर पांडेय, राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, पूर्व अध्यक्ष राजकरन त्रिपाठी व केवल प्रसाद शुक्ल, सूर्य प्रकाश तिवारी, अनिल मौर्या व संतोष शुक्ल समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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इस बीच रणंजय इंटर कॉलेज के सामने 15 मिनट तक टांडा-बांदा हाईवे जाम रखा। प्रदर्शन के बाद वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश को संबोधित ज्ञापन जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय में दिया। ज्ञापन में मुसाफिरखाना स्थित मुंसिफ कोर्ट परिसर में दीवानी न्यायालय संचालन नहीं करने की बात कहते हुए मुख्यालय पर फौजदारी व दीवानी न्यायालय संचालित करने की मांग की है।
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एक जुलाई 2010 को जिला सृजित होने के बावजूद आज तक जिले में दीवानी न्यायालय संचालन नहीं हो सका है। विशुनदासपुर में चिह्नित भूूमि पर बाउंड्रीवॉल निर्माण के बाद धनाभाव में निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। मुख्यालय पर कोर्ट संचालित करने के लिए शहर में अस्थायी बीएसए कार्यालय को अधिग्रहीत किया जा चुका है। इतना ही नहीं जिले में जिला जज (ओएसडी) तथा उनके स्टाफ की तैनाती भी हो चुकी है।
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बावजूद इसके जिले के अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना के वादकारियों को सुल्तानपुर तो तिलोई तहसील के वादकारियों को रायबरेली जिले की परिक्रमा करनी पड़ रही है। 12 वर्ष बाद भी जिले में कोर्ट संचालित नहीं होने से अधिवक्ता लगातार प्रदर्शन कर मांग करने में जुटे है। इसी बीच मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित मुसाफिरखाना के मुंसिफ कोर्ट परिसर में दीवानी न्यायालय संचालन की बात सार्वजनिक होने के बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश बढ़ गया है।
शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से बिरत हो कर कलेक्ट्रेट परिसर से अस्थायी दीवानी न्यायालय तक जुलूस निकाल प्रदर्शन किया। शहर के रणंजय इंटर कॉलेज के सामने अधिवक्ताओं नेे 15 मिनट तक टांडा-बांदा हाईवे भी जाम रखा। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ता जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय पहुंचे। यहां जिला जज की गैरमौजूदगी में उनके स्टेनो को मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय प्रयागराज को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मुख्यालय स्थित अधिग्रहीत शिक्षा विभाग के भवन में कोर्ट संचालित करने की मंजूरी देते हुए आवश्यक धनावंटन करने की मांग, अधिग्रहीत भवन में संचालन में बाधा होने पर तहसील भवन में संचालन करने की मांग करते हुए मुसाफिरखाना स्थित मुंशिफ कोर्ट परिसर में कोर्ट संचालित नहीं करने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने वादकारी के हितार्थ मुख्यालय पर ही फौजदारी व दीवानी न्यायालय संचालित करने की बात कहते हुए सुविधा देने की मांग की है। इस मौके पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष छोटेलाल तिवारी, महामंत्री उमाशंकर मिश्र, उमाशंकर पांडेय, राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, पूर्व अध्यक्ष राजकरन त्रिपाठी व केवल प्रसाद शुक्ल, सूर्य प्रकाश तिवारी, अनिल मौर्या व संतोष शुक्ल समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।