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Amethi News: सूरज कुंड में आज से सजेगा कार्तिक मेला
Fri, 15 Nov 2024 02:11 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 15 Nov 2024 02:11 AM IST
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अमेठी सिटी। कार्तिक पूर्णिमा से जायस के बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के सूरज कुंड धाम पर शुक्रवार को दो दिवसीय मेले का शुभारंभ होगा। आयोजन समिति की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यहां लोग अपने बच्चों का मुंडन संस्कार भी कराते हैं।
बहादुरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मवई आलमपुर में सूरज कुंड धाम पर प्राचीन काल से हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेले का आयोजन हो रहा है। मान्यता है कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण एवं पत्नी सीता के साथ वनवास के समय यहां रुके थे। उन्होंने पवित्र सूरजकुंड सरोवर के जल का प्रयोग किया था। इसलिए मेले का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन मां गंगा यहां आई थीं। तभी से यह धाम सूरज कुंड के नाम से जाना जाने लगा। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बच्चों का मुंडन संस्कार कराने व सूरज कुंड में स्नान करने के साथ मेले का आनंद लेते हैं। इस मेले में सबसे अधिक बिक्री गन्ने की होती है। कई जिलों के व्यापारी ट्रकों और ट्रैक्टरों में गन्ना बेचने आते हैं। लोगों के अनुसार, लगभग 30 लाख रुपये का व्यापार सिर्फ गन्ना दुकानदारों का होता है।
तैयारियां पूरी, सुरक्षा के समुचित प्रबंध
रामसेवक वर्मा ग्राम प्रधान मवई आलमपुर ने बताया कि सूरजकुंड धाम पर विशाल मेले की तैयारियां पूरी हो चुकी है। मेले में दुकानदारों के लिए बेहतर सुविधा प्रदान की जा रही है। एसएचओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए अन्य थानों के साथ पीएसी बल की भी मांग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाने के साथ ड्रोन कैमरे से निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है।
बहादुरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मवई आलमपुर में सूरज कुंड धाम पर प्राचीन काल से हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेले का आयोजन हो रहा है। मान्यता है कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण एवं पत्नी सीता के साथ वनवास के समय यहां रुके थे। उन्होंने पवित्र सूरजकुंड सरोवर के जल का प्रयोग किया था। इसलिए मेले का आयोजन किया जाता है। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन मां गंगा यहां आई थीं। तभी से यह धाम सूरज कुंड के नाम से जाना जाने लगा। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बच्चों का मुंडन संस्कार कराने व सूरज कुंड में स्नान करने के साथ मेले का आनंद लेते हैं। इस मेले में सबसे अधिक बिक्री गन्ने की होती है। कई जिलों के व्यापारी ट्रकों और ट्रैक्टरों में गन्ना बेचने आते हैं। लोगों के अनुसार, लगभग 30 लाख रुपये का व्यापार सिर्फ गन्ना दुकानदारों का होता है।
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तैयारियां पूरी, सुरक्षा के समुचित प्रबंध
रामसेवक वर्मा ग्राम प्रधान मवई आलमपुर ने बताया कि सूरजकुंड धाम पर विशाल मेले की तैयारियां पूरी हो चुकी है। मेले में दुकानदारों के लिए बेहतर सुविधा प्रदान की जा रही है। एसएचओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए अन्य थानों के साथ पीएसी बल की भी मांग की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेला परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगाने के साथ ड्रोन कैमरे से निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है।
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