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Amethi News: धूमधाम से निकाली कलश यात्रा
Mon, 03 Feb 2025 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 03 Feb 2025 12:42 AM IST
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जामों (अमेठी)। ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पूरे पराग मजरे हरगांव में रविवार से शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के पहले कलश यात्रा धूमधाम से निकाली गई। धार्मिक स्थल का भ्रमण व पूजन करने के बाद यात्रा कथा स्थल पर आकर समाप्त हुई।
प्रवाचक राजेश महाराज ने विधिविधान से पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा का शुभारंभ किया। कलश यात्रा में भक्तों के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर मंत्र पूजित कलश रखकर मंगलगीत गाते हुए शामिल हुईं। युवा डीजे की धुन पर डांस करते रहे। कथा स्थल से निकली यात्रा कल्याणपुर गांव में परमहंस आश्रम जोरावरपुर होते हुए बाबा सिद्धादास मंदिर पहुंची। यहां पर कथा आयोजक सिद्धनाथ पांडेय एवं पत्नी निर्मला ने विधिविधान से पूजन किया। बाद में कलश में जलभर कर सभी वापस हुए।
प्रवाचक ने पहले दिन कथा सुनाते हुए कहा कि कई जन्मों के पुण्य जब उदय होते हैं, तब भागवत कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। उन्होंने अधम पापी धुंधकारी और गोकर्ण कथा का वर्णन करते हुए कहा कि कालांतर में जब गोकर्ण अपने गांव पहुंचे तो वहां प्रेत बने धुंधकारी की मुक्ति को लेकर उपाय सोच रहे थे। तभी धुंधकारी ने कहा कि श्राद्ध तर्पण 100 बार करने के बाद भी मुक्ति नहीं होगी, दूसरे किसी उपाय से ही मुक्ति संभव है।
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गोकर्ण ने भगवान सूर्य का रथ रोककर उपाय पूछा तो भगवान भास्कर ने श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से मुक्ति का मार्ग बताया। धुंधकारी ने सात दिन श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और दिव्य विमान आया जो मुक्त हुए धुंधकारी को परमधाम ले गया। इस मौके पर बबलू पांडेय, सौरभ पांडेय, प्रदीप कुमार, संदीप कुमार, कुलदीप पांडेय आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक राजेश महाराज ने विधिविधान से पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा का शुभारंभ किया। कलश यात्रा में भक्तों के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर मंत्र पूजित कलश रखकर मंगलगीत गाते हुए शामिल हुईं। युवा डीजे की धुन पर डांस करते रहे। कथा स्थल से निकली यात्रा कल्याणपुर गांव में परमहंस आश्रम जोरावरपुर होते हुए बाबा सिद्धादास मंदिर पहुंची। यहां पर कथा आयोजक सिद्धनाथ पांडेय एवं पत्नी निर्मला ने विधिविधान से पूजन किया। बाद में कलश में जलभर कर सभी वापस हुए।
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प्रवाचक ने पहले दिन कथा सुनाते हुए कहा कि कई जन्मों के पुण्य जब उदय होते हैं, तब भागवत कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है। उन्होंने अधम पापी धुंधकारी और गोकर्ण कथा का वर्णन करते हुए कहा कि कालांतर में जब गोकर्ण अपने गांव पहुंचे तो वहां प्रेत बने धुंधकारी की मुक्ति को लेकर उपाय सोच रहे थे। तभी धुंधकारी ने कहा कि श्राद्ध तर्पण 100 बार करने के बाद भी मुक्ति नहीं होगी, दूसरे किसी उपाय से ही मुक्ति संभव है।
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गोकर्ण ने भगवान सूर्य का रथ रोककर उपाय पूछा तो भगवान भास्कर ने श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से मुक्ति का मार्ग बताया। धुंधकारी ने सात दिन श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और दिव्य विमान आया जो मुक्त हुए धुंधकारी को परमधाम ले गया। इस मौके पर बबलू पांडेय, सौरभ पांडेय, प्रदीप कुमार, संदीप कुमार, कुलदीप पांडेय आदि मौजूद रहे।