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Amethi News: सिपाही के घर से 72 लाख के जेवर-नकदी चोरी
Sun, 18 Jun 2023 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 18 Jun 2023 11:32 PM IST
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रायबरेली। जगतपुर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार की रात प्रयागराज के खुल्दाबाद थाने में तैनात सिपाही के घर धावा बोलकर चोरों ने 72 लाख की नकदी और जेवर पार कर दिया। सिपाही के घर हुई चोरी की घटना ने पुलिस की रात्रिगश्त की कलई खोल दी। जानकारी होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। स्थानीय पुलिस के साथ एसओजी टीम ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की।
जगतपुर कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर जनौली गांव निवासी रिटायर्ड डाक कर्मी अजय कुमार पांडेय का आरोप है कि उनका बेटा शिवाकांत पांडेय प्रयागराज जिले के खुल्दाबाद थाने में सिपाही के पद पर तैनात है। उन्होंने बताया कि उनकी बहू मायके गई थी। रात में हम और पत्नी रामकुमारी घर के बाहर सो रहे थे। रविवार की सुबह नींद खुली तो घर का दरवाजा खोलना चाहा। दरवाजा अंदर से बंद किया गया था। छत पर पहुंचा तो वहां पर देखा कि जीने का दरवाजा खुला पड़ा था। घर के अंदर पहुंचा तो देखा कि आलमारी टूटी पड़ी थी। सामान इधर-उधर बिखरा था। रिटायर्ड डाक कर्मी के मुताबिक चोरोंं ने घर में रखा 70 तोला सोना, आठ किलो चांदी समेत 65 लाख कीमत के जेवरात और करीब सात लाख की नकदी पार कर दी। कोतवाल जगदीश यादव और एसओजी टीम ने पहुंचकर पड़ताल की। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि चोरी की घटना के खुलासे के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा एसओजी टीम लगाई है।
2023 की सबसे बड़ी चोरी को दिया अंजाम
जिले में चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। मई और अब तक जून माह में देखा जाए तो 30 से ज्यादा चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। यह वह घटनाएं हैं, जो पुलिस रिकार्ड में दर्ज हैं। अधिकतर चोरी की घटनाओं की एफआईआर तक पुलिस नहीं लिखती। ऐसे में पीड़ित एफआईआर दर्ज कराने के लिए भागदौड़ करते हैं। हालात ये हैं कि कहीं न कहीं चोरी की घटनाएं होना आम बात हो गई है। इससे लोगों की रात की नींद हराम हो गई और पुलिस चैन की बंसी बजा रही है।
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बेलगाम थानेदार, गुडवर्क का ढिंढोरा पीट रहे अफसर
जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। थानेदार बेलगाम हैं। हर दिन पुलिस पर पीड़ितों के साथ ज्यादती करने के आरोप लग रहे हैं। पुलिस अफसर गुडवर्क का सिर्फ ढिंढोरा पीट रहे हैं, जबकि हकीकत ये है कि हर दिन कहीं न कहीं हत्या, लूट, चोरी की घटनाएं हो रही हैं। थानेदार बेलगाम हो चुके हैं। वह मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। कोई घटना होने पर थानेदार उस घटना को फर्जी करार की बात कहकर अफसरों को गुमराह करते हैं। अफसर भी थानेदारों की बात में आकर उन मामलों की जांच कराना उचित नहीं समझते। यही ढिलाई घटनाओं की वजह बन रही है।
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जगतपुर कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर जनौली गांव निवासी रिटायर्ड डाक कर्मी अजय कुमार पांडेय का आरोप है कि उनका बेटा शिवाकांत पांडेय प्रयागराज जिले के खुल्दाबाद थाने में सिपाही के पद पर तैनात है। उन्होंने बताया कि उनकी बहू मायके गई थी। रात में हम और पत्नी रामकुमारी घर के बाहर सो रहे थे। रविवार की सुबह नींद खुली तो घर का दरवाजा खोलना चाहा। दरवाजा अंदर से बंद किया गया था। छत पर पहुंचा तो वहां पर देखा कि जीने का दरवाजा खुला पड़ा था। घर के अंदर पहुंचा तो देखा कि आलमारी टूटी पड़ी थी। सामान इधर-उधर बिखरा था। रिटायर्ड डाक कर्मी के मुताबिक चोरोंं ने घर में रखा 70 तोला सोना, आठ किलो चांदी समेत 65 लाख कीमत के जेवरात और करीब सात लाख की नकदी पार कर दी। कोतवाल जगदीश यादव और एसओजी टीम ने पहुंचकर पड़ताल की। पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि चोरी की घटना के खुलासे के लिए स्थानीय पुलिस के अलावा एसओजी टीम लगाई है।
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2023 की सबसे बड़ी चोरी को दिया अंजाम
जिले में चोरी की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। मई और अब तक जून माह में देखा जाए तो 30 से ज्यादा चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। यह वह घटनाएं हैं, जो पुलिस रिकार्ड में दर्ज हैं। अधिकतर चोरी की घटनाओं की एफआईआर तक पुलिस नहीं लिखती। ऐसे में पीड़ित एफआईआर दर्ज कराने के लिए भागदौड़ करते हैं। हालात ये हैं कि कहीं न कहीं चोरी की घटनाएं होना आम बात हो गई है। इससे लोगों की रात की नींद हराम हो गई और पुलिस चैन की बंसी बजा रही है।
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बेलगाम थानेदार, गुडवर्क का ढिंढोरा पीट रहे अफसर
जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। थानेदार बेलगाम हैं। हर दिन पुलिस पर पीड़ितों के साथ ज्यादती करने के आरोप लग रहे हैं। पुलिस अफसर गुडवर्क का सिर्फ ढिंढोरा पीट रहे हैं, जबकि हकीकत ये है कि हर दिन कहीं न कहीं हत्या, लूट, चोरी की घटनाएं हो रही हैं। थानेदार बेलगाम हो चुके हैं। वह मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। कोई घटना होने पर थानेदार उस घटना को फर्जी करार की बात कहकर अफसरों को गुमराह करते हैं। अफसर भी थानेदारों की बात में आकर उन मामलों की जांच कराना उचित नहीं समझते। यही ढिलाई घटनाओं की वजह बन रही है।