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Amethi News: बिना परिश्रम के कुछ भी मिलना असंभव
Mon, 24 Mar 2025 01:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 24 Mar 2025 01:01 AM IST
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अमेठी सिटी। गौरीगंज के हरखपुर नेमुआ वार्ड में चल रही कथा में प्रवाचक आचार्य धनंजय द्विवेदी महाराज ने कहा कि श्रीराम कथा मनुष्य को सांसारिक भय से मुक्त करती है। उन्होंने कहा कि निष्ठा, लगन और भक्ति से किया गया कोई कार्य कभी व्यर्थ नहीं होता।
प्रवाचक ने कहा कि प्रभु श्रीराम में अहंकार नहीं था। उन्होंने धनुष उठाया और उनका विवाह सीता से हुआ। भगवान श्रीराम के आदर्शों और व्यक्तित्व को जीवन में उतारने की जरूरत है। भगवान हर जगह पूजे जाते हैं और राम कथा से हर तरह का दुख मिट जाता है। उन्होंने कहा कि जहां भगवान श्रीराम की कृपा होती है, उसी जगह रामकथा संभव हो पाती है। राम की कृपा वहीं होती है, जहां उनके भक्त रहते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभु ने ही मानव शरीर बनाया है, लेकिन पुरुषार्थ मानव का धर्म है। बिना परिश्रम के कुछ भी मिलना असंभव है। रामकथा से हर जीव की व्यथा दूर हो जाती है। संसार के सभी जीवों का मंगल रामकथा सुनने से ही हो जाएगा।
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प्रवाचक ने कहा कि प्रभु श्रीराम में अहंकार नहीं था। उन्होंने धनुष उठाया और उनका विवाह सीता से हुआ। भगवान श्रीराम के आदर्शों और व्यक्तित्व को जीवन में उतारने की जरूरत है। भगवान हर जगह पूजे जाते हैं और राम कथा से हर तरह का दुख मिट जाता है। उन्होंने कहा कि जहां भगवान श्रीराम की कृपा होती है, उसी जगह रामकथा संभव हो पाती है। राम की कृपा वहीं होती है, जहां उनके भक्त रहते हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रभु ने ही मानव शरीर बनाया है, लेकिन पुरुषार्थ मानव का धर्म है। बिना परिश्रम के कुछ भी मिलना असंभव है। रामकथा से हर जीव की व्यथा दूर हो जाती है। संसार के सभी जीवों का मंगल रामकथा सुनने से ही हो जाएगा।
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