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Amethi News: बिना लाइसेंस के अस्पताल में नवजात की मौत के मामले की जांच अधूरी

Wed, 28 Jan 2026 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:48 PM IST
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Investigation into death of newborn at unlicensed hospital incomplete
अमेठी। प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले में बिना लाइसेंस संचालित श्री आशीर्वाद नर्सिंग होम की जांच आठ दिन बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। अब तक न जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई। इससे जिम्मेदारों पर सवाल उठ रहे हैं।
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शनिवार को एसडीएम अमेठी आशीष सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम नर्सिंग होम पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले ही वहां भर्ती सभी मरीज हटा दिए गए थे। निरीक्षण के दौरान मौके से दवाइयां और इंजेक्शन बरामद हुए, जिससे स्पष्ट हुआ कि नर्सिंग होम में नियमित रूप से चिकित्सीय गतिविधियां संचालित हो रही थीं। बिना वैध लाइसेंस अस्पताल के संचालन की जानकारी होते हुए भी समय रहते कार्रवाई न करना सवाल खड़े करता है।
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जांच के दौरान टीम ने आसपास के दुकानदारों से भी जानकारी ली। दुकानदारों ने बताया कि नर्सिंग होम में लगातार मरीजों का आना-जाना बना रहता था। इसके बाद भी लंबे समय तक अस्पताल का संचालन जारी रहना प्रशासनिक चूक को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई से पहले हर बार नर्सिंग होम खाली करा दिया जाता है, जिससे पूर्व सूचना मिलने की आशंका गहराती है। इस स्थिति ने संभावित मिलीभगत की चर्चाओं को भी बल दिया है।
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सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि नर्सिंग होम के विरुद्ध मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच प्रक्रिया में लगी है। पीड़ित पक्ष का बयान दर्ज किया जा चुका है। जांच रिपोर्ट शीघ्र जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
13 वर्ष पुराना मामला भी आया सामने
नुवावा पूरे पयासी निवासी बृजेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि 13 वर्ष पूर्व इसी नर्सिंग होम में लापरवाही से उनकी भाभी साधना की मौत हुई थी। शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ समय बंद रहने के बाद अस्पताल फिर संचालित होने लगा। पीड़ित परिवार ने मृतका की बेटी को मुआवजा देने और फर्जी अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।

यह था मामला
संग्रामपुर क्षेत्र के पूरे तालुकदार का पुरवा निवासी अजय सिंह ने 19 जनवरी की शाम पत्नी वंदना को प्रसव पीड़ा होने पर आशीर्वाद नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। प्रसव के बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। एम्स रायबरेली ले जाते समय नवजात की मौत हो गई।
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