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Amethi News: मनोरोगी बना रही अनिद्रा व अकेलापन

Fri, 11 Oct 2024 03:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Fri, 11 Oct 2024 03:49 AM IST
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Insomnia and loneliness are making psychopaths
अमेठी सिटी। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अनिद्रा और अकेलेपन की गिरफ्त में आकर जाने-अनजाने मानसिक रोग का शिकार हो रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में मरीजों की काउंसिलिंग कर उनका उपचार किया जा रहा है।
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विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन 6-7 घंटे से कम सोने वाले मानसिक रोग से ग्रसित हो सकते हैं। भागदौड़ की जिंदगी में नींद नहीं पूरी होने का मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह कई तरह की बीमारियों का कारण बनता है। जिला अस्पताल में मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में आने वाले 30 फीसदी मामले अनिद्रा से जुड़े हैं। पिछले कुछ समय से लोगों की मोबाइल पर निर्भरता बढ़ी है। लोगों का एक-दूसरे से मिलना-जुलना भी कम हुआ है।
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लोग अपनी सेहत के प्रति लापरवाह भी हुए हैं। जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. वीर बहादुर सिंह ने बताया कि अधिकतर लोग मानसिक रोगों से अनभिज्ञ हैं। सिर्फ साइकेट्रिक डिसऑर्डर (पागलपन) ही मानसिक रोग नहीं है। अगर मन में लगातार नकारात्मक विचार आ रहे हाें, व्यवहार में अचानक परिवर्तन हो, किसी काम को लेकर मन में संशय रहता हो और बार-बार एक ही चीज को दोहराया जाना भी मानसिक रोग के लक्षण हैं।
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अच्छी नींद लें लोग
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. वीर बहादुर सिंह ने बताया कि इन समस्याओं के पीछे नींद पूरी नहीं होना बड़ी वजह है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद लेना, नियमित व्यायाम व शारीरिक रूप से सक्रियता बेहद जरूरी है। रात में 10 बजे तक सो जाएं और सुबह पांच बजे तक बिस्तर छोड़ दें। खानपान में पौष्टिक वस्तुओं का प्रयोग करें। अगर किसी में मानसिक रोग के लक्षण हों तो उसकी अनदेखी न करें। दवाओं और काउंसिलिंग की मदद से पूरी तरह स्वस्थ हुआ जा सकता है।




नशे से भी बढ़ रही बीमारी
जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में औसतन 45-50 मरीज रोज आ रहे हैं। इनमें ऐसे मरीज भी बड़ी संख्या में है, जो नशे के कारण मानसिक रोग की गिरफ्त में आए हैं। छोटी-छोटी समस्याओं से लड़ने की बजाय वह उससे बचने के लिए नशे की ओर चले जाते हैं और फिर उसकी गिरफ्त में आकर मनोरोग के शिकार हो जाते हैं।
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